Wednesday, May 20, 2015

Poem on Loneliness in Hindi


वह समय सबसे मुश्किल और उदास होता है, जब कोई अपना हमेशा के लिए नाराज या गुस्सा हो जाए. नाराजगी कुछ समय की समझ आती है, पर जब रिश्तें हमेशा के लिए बिखर जाए तो जीवन के एक हिस्से में रह जाता है हमेशा का खालीपन, जिसे कोई नहीं भर सकता. शायद इसलिए जरुरी होता है रिश्तों को बड़ी सावधानी से सहेज कर रखना. ऐसे ही भावों को समेटती यह कविता / शायरी प्रस्तुत है : 

Hindi Poem / Kavita : Loneliness / Narazgi 

तुम नाराज हो / Tum Naraj Ho 

तुम नाराज हो तो लगता है जैसे 
सृष्टि का कण-कण रूठा है मुझसे
तुम्हारा कुछ भी ना बोलना 
पसरा हो चहुँ ओर कोई सन्नाटा जैसे
चाहते नहीं अब तुम कुछ भी सुनना 
और ख़ामोशी सी ठहर गयी है मेरे लबों पे जैसे
कुछ ही दिनों की है यह पहचान 
पर टूटा है सालों का रिश्ता कोई जैसे.

तुम पर बेअसर रही मेरी सब बातें 
दिन भी बन गए हैं अब सन्नाटों भरी रातें
तुम्हारी यादों के भँवर में खोयी 
रोते-रोते हँस पड़ती है मेरी आँखें.

हर चेहरे में, हर किताब में 
हर शब्द में और हर बात में 
ये मन बस तुझे ही तलाशता है 
जितनी शिद्दत से मूर्तिकार कोई 
अपनी मूर्ति को तराशता है.

तुम जितने गए उससे ज्यादा रह गए 
खुशियों की जगह आँसू बनकर बह गए 
फिजाओं में, घटाओं में हर जगह बस तुम ही हो 
फिर भी कितनी तन्हा हूँ मैं 
कि यहाँ होकर भी तुम अब तुम ना हो.

By Monika Jain ‘पंछी’

How is this poetry about single lonely life or solitude? If you also have some status lines, shayari or quotes about being angry in love or being alone then share them with us. Read some more poems related to loneliness or anger : 

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