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Story on Donation in Hindi


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सर्वश्रेष्ठ दान 

एक गाँव में दो भाई रहते थे : रत्न और प्रयत्न. दोनों में बहुत अनुराग था. उनका काम मछलियाँ पकड़कर बाज़ार में बेचना था. 

एक दिन जब वे अपना कार्य समाप्त करके घर पर आये तो कुछ देर बाद किसी ने दरवाजा खटखटाया. रत्न ने दरवाजा खोला तो देखा एक भिखारी खड़ा था.रत्न ने उसे कुछ मछलियाँ देकर विदा किया. 

दुसरे दिन वही भिखारी फिर से आया. इस बार दरवाजा प्रयत्न ने खोला. भिखारी को देखकर वह अन्दर गया और मछली पकड़ने का काँटा लेकर आया. भिखारी को लेकर वह तालाब के किनारे पर आया. उसने मछली पकड़ने की छड़ और आटे की कुछ गोलियां भिखारी को दी और उसे मछली पकड़ना सिखाया और कहा, ‘ अब तुम भीख मांगने की बजाय मछलियाँ पकड़कर अपना जीवनयापन करो. ‘ यह कहकर प्रयत्न अपने घर आ गया. 

कई सालों बाद उस गाँव में एक धनी व्यापारी आया. उसे देखने के लिए गाँव के कई लोग इकट्ठे हो गए. रत्न और प्रयत्न भी वहीँ थे. वह व्यापारी अपने रथ से नीचे उतरा और प्रयत्न के पास आया और बोला, ‘ आपने मुझे पहचाना ?’

प्रयत्न ने कहा, ‘ नहीं, मैं तो जीवन में पहली बार इतने धनी व्यक्ति को देख रहा हूँ. ‘

व्यापारी मुस्कुराते हुए बोला, ‘मैं आपको जानता हूँ. आपने कई सालों पहले मुझे मछली पकड़ना सिखाया था. आपके उस सहयोग ने मेरा जीवन ही बदल दिया. आज मैं जो कुछ भी हूँ आपकी ही वजह से हूँ. यह छोटा सा उपहार स्वीकार कीजिये.’ 

व्यापारी ने एक बहुमूल्य रत्नों से भरी हुई थैली प्रयत्न को दी. प्रयत्न को सारा वृतांत याद आ गया. तभी रत्न ने कहा, ‘ आप मुझे तो भूल ही गए. पहली बार मैंने ही आपको भोजन के लिए मछलियाँ दी थी.‘ 

यह सुनकर व्यापारी हंसने लगा और बोला, ‘ भाई, आप को भी नहीं भूला हूँ. पर हाँ आपने एक दिन के भोजन की व्यवस्था की और आपके भाई ने जीवन भर के भोजन का प्रबंध कर दिया. आपके लिए भी उपहार है.’ यह कहकर व्यापारी ने एक सोने की चेन रत्न को दी और दोनों भाइयों को धन्यवाद कहकर वह लौट गया.

रत्न को समझ आ गया कि प्रयत्न का दान उससे अधिक मूल्यवान था. दोनों ख़ुशी-ख़ुशी घर चले गए और अपने उपहार एक ही जगह पर रख दिए क्योंकि दोनों में कुछ भी अलग नहीं था. 

Note : The above story on donation is not my own creation. This is a famous folktale. I read it somewhere and sharing it here. Feel free to tell how is this story on best charity and donation ?