Monday, September 28, 2015

Poem on Childhood in Hindi

 
Poem on Childhood Memories in Hindi for Kids. Children Poetry, Mera Bachpan, Bachchon Ki Yaadein par Kavita, Child Rhymes, Baby Quotes, Bal Shayari Sms. मेरा बचपन पर बाल कविता, बच्चों की यादें शायरी.
 
यादें
 
कुछ खट्टी, कुछ मीठी
कुछ कड़वी, कुछ तीखी
यादें तो यादें होती जो
कभी न मन से मिटती.
 
कॉपी कलम उठा ले हाथ 
भावों को चेताया मैंने
याद आया वह मीठा बचपन
जिसे उतारा पन्नों में मैंने.
 
लिखते-लिखते खो गयी मैं
बचपन की रंगीनी में
छिपा-छिपी का खेल खेलने लगी
पूरानी गलियों में.
 
कितना सच्चा, कितना अच्छा
जीवन का वह लम्हा था
न तनाव, न चिंता सचमुच!
कितना प्यारा जीवन था.
 
खिले फूल सा खिला वो बचपन
याद बहुत आता है
मुरझाये इस जीवन को
ग़मगीन बना जाता है.
 
बचपन, बचपन क्यों न रहता 
क्यों बढता जाता है?
समय देवता क्यों न थमता 
क्यों चलता जाता है?
 
हे ईश्वर! मुझको पहुंचा दो
बचपन के उस आँचल में
हे ईश्वर! मुझको दे दो
जीवन के वे सच्चे क्षण.
 
By Monika Jain 'पंछी'
 
How is this poem about childhood?



1 comment:

  1. हे ईश्वर! मुझकों दे दो,
    जीवन के वो सच्चे क्षण

    हम भी यही कामना करते हैं।

    बेहद खूब सूरत कविता।

    सादर

    ReplyDelete

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