All rights reserved. Don't copy the content. Welcome to My English Blog : Poems Poetry Rhymes. Send your unpublished creations to p4panchi@gmail.com to get published here.

Poem on Childhood in Hindi


Poem on Childhood in Hindi, बचपन पर कविता, बचपन की यादें शायरी, Childhood Recollections Poetry, Bachpan par Kavita, Remembrance Shayari, Memories Slogans, Bachpan ki Yaadein Poems


कुछ खट्टी, कुछ मीठी

कुछ कड़वी, कुछ तीखी

यादें तो यादें होती जो

कभी न मन से मिटती.

कॉपी कलम उठा ले हाथ 
भावों को चेताया मैंने
याद आया वह मीठा बचपन
जिसे उतारा पन्नों में मैंने.
लिखते-लिखते खो गयी मैं
छिपा-छिपी का खेल खेलने लगी
पूरानी गलियों में.
कितना सच्चा, कितना अच्छा
जीवन का वह लम्हा था
ना तनाव ना चिंता सचमुच
कितना प्यारा जीवन था.
खिले फूल सा खिला वो बचपन
याद बहुत आता है
मुरझायें इस जीवन को
ग़मगीन बना जाता है.
बचपन बचपन क्यों ना रहता 
क्यों बढता जाता है
समय देवता क्यों ना थमता 
क्यों चलता जाता हैं ?
हे ईश्वर! मुझकों पहुंचादो
बचपन के उस आँचल में
हे ईश्वर! मुझकों दे दो
जीवन के वो सच्चे क्षण.


Monika Jain 'पंछी' 


2 comments:

  1. हे ईश्वर! मुझकों दे दो,
    जीवन के वो सच्चे क्षण

    हम भी यही कामना करते हैं।

    बेहद खूब सूरत कविता।

    सादर

    ReplyDelete
  2. Hi,
    I got your comment regarding Ads for Indians/Adsense; had replied to your comment on an earlier post.

    ReplyDelete

Due to comment moderation It will take time to publish your comments.Your reactions are my inspiration :)