Saturday, October 31, 2015

Religion Quotes in Hindi

Religion Quotes in Hindi. Religious Sms, Spiritual Thoughts, Dharma Slogans, Dharmik Vichar, Suvichar, God Messages, Quotations, Suktiyan, Sayings, Proverbs, Status. धर्म पर विचार, धार्मिक सुविचार.
 
Religion Quotes

  •  किन विषयों पर लिखना पसंद है? निसंदेह 'प्रेम और धर्म'. पर जिस दिन धर्म प्रेम बन जाएगा और प्रेम धर्म, उस दिन लिखने की जरुरत भी ना रहेगी. उस दिन बस इन्हें जी भर के जीया जाएगा. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमने कुछ शब्दों, कुछ प्रतीकों को बहुत गहरे से पकड़ लिया है. तथ्य यह है कि बाहरी किसी भी चीज पर पकड़ जब बहुत गहरी हो जाती है तो वहां धर्म के अलावा सारे काम होने लगते हैं. ~ Monika Jain ‘पंछी’
  • धर्म वहां है जहाँ सभी प्राणी निर्भयता पूर्वक विचरण कर सकते हैं. जहाँ किसी की उपस्थिति किसी की उपस्थिति से बाधित नहीं. ~ Monika Jain ‘पंछी
  • 'धर्म' और 'प्रेम' दो ऐसे शब्द हैं जिन पर मानव जाति ने सबसे ज्यादा अत्याचार किया है. ~ Monika Jain ‘पंछी
  • जो सच में धार्मिक होते हैं वे अपना मंदिर-मस्जिद अपने साथ लेकर चलते हैं. उन्हें किसी मंदिर या मस्जिद के बनने और टूटने से फर्क नहीं पड़ता. ~ Monika Jain ‘पंछी
  • धर्म तो स्वभाव में होना चाहिए. आत्मा में झलकता हुआ. कार्यों और व्यवहार से छलकता हुआ. रोम-रोम में बसा हुआ. उसके लिए बाह्य कर्म कांडों की क्या जरूरत? ~ Monika Jain ‘पंछी
  • संसार की समस्त प्रवृत्तियां आत्मा को हानि पहुँचाने वाली है, जबकि धर्म की समस्त प्रवृत्तियां आत्मा को हितकारी है, आत्मा का कल्याण करने वाली है. ~ अज्ञात / Unknown
  • धर्म, मनुष्य को कर्त्तव्य पालन के साथ संयम और सादगी से रहने के लिए प्रेरित और संस्कारित करता है. ~ अज्ञात / Unknown
  • धर्म ही एक ऐसा सच्चा और निष्कपट मित्र है, जो कि मरने पर भी आत्मा के साथ जाता है ~ मनुस्मृति / Manusmriti 
  • जो व्यक्ति धर्म के लिए केवल किताबें पढ़ता है, उसकी हालत तो गल्पवाले उस गधे की है, जो पीठ पर चीनी का भारी बोझ ढोता हुआ भी उसकी मिठास को नहीं जान पाता. ~ अज्ञात / Unknown 
  • रूढ़ियाँ कभी धर्म नहीं होती. वे एक-एक समय की बनी हुयी सामाजिक शृंखलाएँ हैं. वे पहले की शृंखलाएँ जिनसे समाज में साफ़ सुथरापन था, मर्यादा थी, पर अब वह जंजीरें बन गयी हैं. ~ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' / Suryakant Tripathi Nirala
  • राजधर्म, आचार्य धर्म, वीर धर्म सब पर सोने का पानी फिर गया, सब टकाधर्म हो गए. धन की पैठ मनुष्य के सब कार्य क्षेत्रों में करा देने से, उसके प्रभाव को उतना विस्तृत कर देने से, ब्राह्मण धर्म और क्षात्र धर्म का लोप हो गया, केवल वनिग्धर्म रह गया. ~ रामचंद्र शुक्ल / Ramchandra Shukla 
  • भक्ति से बड़ी भारी शर्त है निष्काम की. भक्ति के बदले में उत्तम गति मिलेगी, इस भावना को लेकर भक्ति हो ही नहीं सकती. भक्ति के लिए भक्ति का आनंद ही उसका फल है. ~ रामचंद्र शुक्ल / Ramchandra Shukla  
  • कुछ राम को चुन रहे हैं, कुछ रावण को. कुछ दुर्गा को तो कुछ महिषासुर को. सबको पूजने के लिए कोई ना कोई तो चाहिए ही. ऐसा थोड़े हो सकता है कि जिसकी जो बात उचित लगे उसे चुन लें. ~ Monika Jain ‘पंछी

How are these religion quotes ?