Sunday, August 9, 2015

Poem on Birds in Hindi



Poem on Save Birds in Hindi for Kids. If I were a Bird Poetry, I wish I was a Birdie Rhymes, Pakshi par Kavita, Panchi Flying Shayari, Panchhi Slogans, Lines, Quotes. पंछी कविता, पक्षी पर कविताएं.

काश मैं पंछी होती

काश मैं पंछी होती
मेरी हर ख्वाहिश पूरी होती
उन्मुक्त गगन को छूने की
चाह मेरी पूरी होती
काश मैं पंछी होती.

जाति, धर्म, समाज की
दीवार कोई ना मैं ढ़ोती
ना सरहद की सीमाओं में
बंधी-बंधी मैं रोती
काश मैं पंछी होती.

मंदिर, मस्ज़िद, गिरिजाघर
हर दीवार मेरा डेरा होती
बन हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई
पहचान मेरी मैं ना खोती
काश मैं पंछी होती.

ना दहेज़ की ज्वाला में
मुझको झुलसाया जाता
ना बाल विवाह की बलिवेदी पर
मुझको सुलगाया जाता
काश मैं पंछी होती.

भ्रष्टाचार के दलदल में
मैं ना घसीटी जाती
आतंकवादी साये में
नित रोज ना मारी जाती
काश मैं पंछी होती.

ना वोट-वोट करते नेता
मुझको बहलाने आते
और जीत का ताज पहन अपने
वादे सारे भूल ही जाते
काश मैं पंछी होती.

ना धन के लालच में आकर
अपनों का खून बहाया जाता
ना रिश्वत का खंजर मुझ पर
बार-बार चलाया जाता
काश मैं पंछी होती.

ना अमीर की कोठी होती
ना गरीब की कुटिया
सबसे अलग, सबसे ज़ुदा
होती मेरी दुनिया
काश मैं पंछी होती.

By Monika Jain 'पंछी'

How is this hindi poem about birds?

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