Monday, June 17, 2013

Poem on Save Trees in Hindi

Poem on Save Trees in Hindi for Kids, Ped Lagao, Vriksh Bachao par Kavita, Plants, Vriksharopan, Deforestation, Forestation, Plant Tree, Poetry, Shayari, Slogans, Messages, Sms, पेड़ लगाओ, वृक्ष बचाओ, हिंदी कविता, वृक्षारोपण, शायरी  

सुनो-सुनो क्या नानी कहती
हवा सुहानी अब ना बहती

पेड़ों से जो थी हरियाली
घर का आँगन अब है खाली

चिड़ियाँ अब ना गीत सुनाती
घर आँगन में अब ना आती

पेड़ों के कट जाने से
रूठे बादल बरसाने से

धरती माँ अब बाँझ हुई
घनघोर अँधेरी साँझ हुई

पंछी का रैन बसेरा छूटा
मीठा था जो ख़्वाब वो टूटा

विष में घुलती वायु है
घटती मानव की आयु है

पेड़ों से मानव प्यार करो
मित्रों सा व्यवहार करो

पेड़ लगाकर मानव तुम
खुद अपना उपकार करो.

 Monika Jain 'पंछी'