Kanya Bhrun Hatya Essay in Hindi


Kanya Bhrun Hatya Essay in Hindi, Save Girl Child Article, Beti Bachao Nibandh, Female Infanticide Speech, कन्या भ्रूण हत्या पर हिंदी निबंध, बेटी बचाओ लेख, Foeticide, Save Daughters, Abortion, Sex Discrimination in India, Paragraph, Anuched, Lekh, Write Up 


संसार का हर प्राणी जीना चाहता है और किसी भी प्राणी का जीवन लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है. अन्य प्राणियों की तो छोड़ो आज तो बेटियों की जिंदगी कोख में ही छीनी जा रही है. "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता" अर्थात जहाँ नारियों की पूजा की जाती है वहां देवता निवास करते हैं. ऐसा शास्त्रों में लिखा है किन्तु बेटियों की दिनोदिन कम होती संख्या हमारे दौहरे चरित्र को उजागर करती है. 

माँ के गर्भ में पल रही कन्या की जब हत्या की जाती है तब वह बचने के कितने जतन करती होगी यह माँ से बेहतर कोई नहीं जानता. गर्भ में 'माँ मुझे बचा लो ' की चीख कोई खयाली पुलाव नहीं है बल्कि एक दर्दनाक हकीकत है. अमेरिकी पोट्रेट फिल्म एजुकेशन प्रजेंटेशन ' The Silent Scream ' एक ऐसी फिल्म है जिसमे गर्भपात की कहानी को दर्शाया गया है. इसमें दिखाया गया है कि किस तरह गर्भपात के दौरान भ्रूण स्वयं के बचाव का प्रयास करता है. गर्भ में हो रही ये भागदौड़ माँ महसूस भी करती है. अजन्मा बच्चा हमारी तरह ही सामान्य इंसान है. ऐसे मैं भ्रूण की हत्या एक महापाप है. 

वह नन्हा जीव जिसकी हत्या की जा रही है उनमे से कोई कल्पना चावला, कोई पी. टी. उषा, कोई स्वर कोकिला लता मंगेशकर तो कोई मदर टेरेसा भी हो सकती थी. कल्पना चावला जब अन्तरिक्ष में गयी थी तब हर भारतीय को कितना गर्व हुआ था क्योंकि हमारे भारत को समूचे विश्व में एक नयी पहचान मिली थी. सोचो अगर कल्पना चावला के माता पिता ने भी गर्भ में ही उसकी हत्या करवा दी होती तो क्या देश को ये मुकाम हासिल करने को मिलता ? 

जीवन की हर समस्या के लिए देवी की आराधना करने वाला भारतीय समाज कन्या जन्म को अभिशाप मानता है और इस संकीर्ण मानसिकता की उपज हुयी है दहेज़ रुपी दानव से. लेकिन दहेज़ के डर से हत्या जैसा घ्रणित और निकृष्ट कार्य कहाँ तक उचित है ? अगर कुछ उचित है तो वह है दहेज़ रुपी दानव का जड़मूल से खात्मा. एक दानव के डर से दूसरा दानविक कार्य करना एक जघन्य अपराध है और पाशविकता की पराकाष्ठा है. 

हिंसा का यह नया रूप हमारी संस्कृति और हमारे संस्कारों का उपहास है. नारी बिना सृष्टि संभव नहीं है. ऐसे में बढ़ते लिंगानुपात की वजह से वह दिन दूर नहीं जब 100 लड़कों पर एक लड़की होगी और वंश बेल को तरसती आँखे कभी भी तृप्त नहीं हो पायेगी. 

Monika Jain 'पंछी'

17 comments:

  1. Plz kanya brun hatya roko ye ak mahapap hai!
    Mrta bacha kre pukar,
    Band kro ye Aatyachar!|
    Save The Girl Child...

    ReplyDelete
  2. can u write slogans on this also!!!!! pplzzz.....

    ReplyDelete
  3. Awesome wordings.... hats off to u

    ReplyDelete
  4. Very rightly said.

    ReplyDelete
  5. नारियों की पूजा की जाती है वहां देवता निवास करते हैं. ऐसा शास्त्रों में लिखा ह

    ReplyDelete
  6. lucid bt highly impessive

    ReplyDelete
  7. Bilkul sahi kaha gaya hai ki AGAR NARI NAHI TO SRISHTI NAHI

    ReplyDelete
  8. save the girl child

    ReplyDelete
  9. yes save the girl child

    ReplyDelete
  10. jindgi jeene ka sabka haq hai , larkiyon ka bi

    ReplyDelete
  11. "Beti bachao Desh Bacho"

    ReplyDelete
  12. kanya bhrun hatya ek galat kam hai plz eise roko plz

    ReplyDelete
  13. jeene ka haq sabka hai "
    plzzz save the girl "

    ReplyDelete
  14. ap khud sochiye ek br without girl ye world kese lgega,kesi life hogi yha k logo ki......plz save girls....

    ReplyDelete

Due to comment moderation It will take time to publish your comments.Your reactions are my inspiration :)