Tuesday, August 16, 2016

Raksha Bandhan Poem in Hindi

रक्षाबंधन पर कविता, राखी भाई बहन का त्यौहार. Poem on Raksha Bandhan Festival in Hindi. Rakhi Kavita, Brother Sister Rhymes, Bhai Behan ka Tyohar Verses, Lines.

Raksha Bandhan Poem in Hindi

रहे न बचपन के अहसास

रहे ना बचपन के अहसास
रही ना अब रिश्तों में मिठास
रक्षाबंधन का पर्व रहा ना
पहले जैसा खास।

भाई है अब व्यस्त बहुत
बहना को रही ना फुर्सत
राखी के कच्चे धागों की
अब ना किसी को जरुरत।

रहे ना रिश्तों में ज़ज्बात
रही ना पहले जैसी बात
रक्षाबंधन अब ना लाता
खुशियों की सौगात।

रफ़्तार भरा है ये जीवन
पल भर भी ठहरना नामुमकिन
राखी आती जाती रहती
पर ना थमते भाई-बहन

लौटा दो बचपन का वो प्यार
रक्षाबंधन का त्यौहार
खट्टी मीठी नोंक-झोंक और
प्यार भरी तकरार।

By Monika Jain 'पंछी'

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