Sunday, July 7, 2013

Poem on Eyes in Hindi, Aankhen Poetry


Poem on Waiting Eyes in Hindi, Aankhen, Aankhein,
Beautiful Eye, Rainbow, Khubsurat Aankhon par Kavita, Dreams, Hide and Seek, Kajal, Moon, Stars, Poetry, Shayari, Sms, Messages, Slogans, हिंदी कविता, आँखें, शायरी, इंतजार, नैन, आँख-मिचौनी

नैन परिंदे भर उड़ान पहुँच गए आकाश
मतवाले पगले ये नैना जाने करते क्या तलाश.

इन्द्रधनुष से रंग चुराकर ख़्वाब सजाये सपनीले
बदरा संग खेले आँख-मिचौनी ये दो नैन सजीले.

बदरा से बरसी बूंदे, धरती की प्यास बुझाये 
सूखे रह गए मेरे नैना, जाने किसकी आस लगाये.

सांझ का काजल भर अंखियन में करते है शृंगार 
रस्ता देखे जाने किसका, ना चैन ना करार.

रात को टिमटिम तारों से करते ये हंसी-ठिठोली
पर चंदा से नज़र चुराए ये दोनों हमजोली.

शायद चंदा दिखलाता वो ही अनजाना चहरा
फिर हर पल यादों पे हो जाता उस अनजाने का पहरा.

 Monika Jain 'पंछी'