My English Blog : Poems Poetry Rhymes. Send your unpublished creations to p4panchi@gmail.com to get published here.

Poem on Hindi Diwas in Hindi


Poem on Hindi Diwas in Hindi Language, 14 September Hindi Day Poems, Matri Bhasha Divas Kavita, मातृ भाषा दिवस पर कविता, हिंदी पखवाड़ा, Hindi Pakhwara Slogans, Poetry 

कल रात हिंदी मेरे सपने में आई थी
उसके मुखमंडल पर गहरी उदासी छाई थी.
मैंने पूछा हिंदी से
इतनी गुमसुम हो कैसे ?
अब तो हिंदी दिवस है आना
सम्मान तुम्हे सब से है पाना.
हिंदी बोली यहीं गिला है
वर्ष का इक दिन मुझे मिला है
अपने देश में मैं हूँ पराई
ऐसा मान न चाहूँ भाई. 
मेरे बच्चे मुझे न जाने
लोहा अंग्रेजी का माने
सीखे लोग यहाँ जापानी
पर मैं हूँ बिल्कुल अनजानी.
हिंदी की ये बात सुनी जब
ग्लानी से भर उठी मैं तब
सोचा माँ की पीर बटा दूँ
जन-जन तक हिंदी पहुँचा दूँ.

Monika Jain 'पंछी'

No comments:

Post a Comment

Due to comment moderation It will take time to publish your comments.Your reactions are my inspiration :)