Sunday, August 21, 2016

Anmol Vachan in Hindi

अनमोल वचन, अमूल्य विचार, सुविचार कथन. Anmol Vachan in Hindi. Amulya Vichar, Baatein, Suvichar Kathan, Amrit Vani Lines, Gyan Shabd Quotes, Words, Status, Sms.

Anmol Vachan
 
  • किसी भी शब्द, व्यक्ति, समूह, जाति, धर्म...से हम इतनी पहचान क्यों बनाये कि सत्य का सामना न कर सकें या उसे स्वीकार न कर सकें। क्योंकि एक सत्य यह भी है कि ये सारी की सारी पहचान उधार की है जो हमें बाहर से मिली है। हमारा खुद का इसमें कुछ भी नहीं है। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • जैसे-जैसे हम सापेक्षता को समझेंगे हम जानेंगे कि पूर्ण रूप से सही और गलत जैसा कुछ भी नहीं होता। तब बस एक ही चीज की जरुरत होती है – जागरूकता की कि इस समय क्या करना थोड़ा अधिक सही रहेगा और क्या करना थोड़ा कम गलत। ~ Monika Jain ‘पंछी’  
  • भेदों को मिटाने का तरीका कहीं भेदों को मजबूत करने वाला न हो...ख़याल रहे। ~ Monika Jain ‘पंछी 
  • जितनी भी धार्मिक कट्टरता है वह 'भक्ति' और 'भक्ति के अभ्यास' का अंतर है। यह अंतर है सहज और कृत्रिम का। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • चेतना ही सबसे अधिक द्वंदों का सामना करती है। जड़ता तो बस एक प्रवाह में बह जाती है। ~ Monika Jain ‘पंछी’  
  • ज्ञान बाँटा जा सकता है...ग्रहणशीलता नहीं। ~ Monika Jain ‘पंछी’  
  • सामान्यत: दुनिया में ऐसी कोई चीज नहीं होती जिसका अपवाद नहीं होता। इसलिए व्यर्थ की बहस करने से बेहतर है, अपवादों को हमेशा समाहित माना जाये। हर बार लिखना जरुरी नहीं न 'अपवादों को छोड़कर!' ~ Monika Jain ‘पंछी’  
  • शब्दों, वाक्यों, घटनाओं, संदेशों, शिक्षाओं, जीवन, मृत्यु, हर चीज के जब सही और गहरे अर्थ समझ में आने लगते हैं तो व्यक्ति खुद-ब-खुद ही बदलने लगता है। बाकी लोग बस इन्हें सतही तौर पर पकड़े हुए दूसरों को बदलने की कोशिश में लगे रहते है। ~ Monika Jain ‘पंछी’  
  • बाहर नैतिकता बचा सकते हो, कानून बचा सकते हो, व्यवस्था बचा सकते हो और संप्रदाय भी। लेकिन धर्म एक ऐसी चीज है जिसे बस भीतर ही बचाया जा सकता है...और कोई तरीका नहीं। पर हाँ, जब यह भीतर बचने लगता है तब बाहर स्वत: ही प्रतिबिंबित होने लगता है। ~ Monika Jain ‘पंछी’  
  • विश्वास प्रेम के सदृश है, यह विवश नहीं किया जा सकता। जैसे बलपूर्वक प्रेम करना घृणा उत्पन्न करता है, वैसे ही धार्मिक विचारों में विवश करना अविश्वास पैदा करता है। ~ ऑर्थर शोपेनहावर / Arthur Schopenhauer  
  • संत के पास दिल और दिमाग से खाली होकर जाएँ, विनम्र बनकर जाएँ ताकि उनसे कुछ पा सके। ~ अज्ञात / Unknown  
  • परमार्थ का मार्ग व्यवहार से होकर जाता है। इसलिए व्यवहार को शास्त्र मर्यादा के अनुसार बनाओ। ~ ब्रह्मानंद सरस्वती / Brahmananda Saraswati  
  • जिस प्रकार बादल समुद्र का खारा पानी पीकर भी मीठा जल ही बरसाता है उसी प्रकार सज्जन किसी की कटु वाणी सुनकर भी सदा मधुर वाणी ही बोलता है। ~ अज्ञात / Unknown  
  • जो व्यक्ति आदतन अनिर्णय से ग्रस्त रहता है, उससे ज्यादा दयनीय कोई है ही नहीं। ~ विलियम जेम्स /William James  
  • प्रतिभा भगवान का दिया उपहार है। आप इसके साथ क्या करते हैं, वह भगवान को लौटाने वाला उपहार होगा। ~ लियो बुशकेजिलिया / Leo Buscaglia  
  • एक झूठ हजार सच्चाइयों को नष्ट कर देता है। ~ घाना की कहावत
 
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