Saturday, March 5, 2016

Knowledge Quotes in Hindi

Knowledge is Power Quotes in Hindi. Gyan par Vichar, Awareness Quotations, Knowledgeable Sayings, Education Sms, Educational Messages, Knowing Slogans, Shiksha Lines. ज्ञान पर सुविचार, विद्या, शिक्षा.
 
Knowledge Quotes

  • आजकल कई मित्र पूछते हैं, 'इतना ज्ञान कहाँ से लाती हो पंछी!' मूर्खताओं के इतिहास से. :p (सभी वहीँ से लाते हैं, महावीर और बुद्ध भी.) हालाँकि मूर्खताओं से छुटकारा इतना आसान कहाँ? आशा है कभी तो मिलेगा. :) कुछ मित्रों का डर है, मैं सन्यासी न हो जाऊं कहीं. काश! ऐसा भी हो पाए कभी. आपके मुंह में घी-शक्कर (घी-शक्कर की जगह मनपसंद मिठाई मान लेना. :p) वास्तविकता यह है कि जब भी किसी के जीवन में सच्चे अर्थों में सन्यास घटित होता है तो वह परम हर्ष का विषय होता है. डर या चिंता का विषय तो बिल्कुल भी नहीं. बल्कि जब भी किसी में ऐसी संभावना या इच्छा देखें तो उसके लिए दुआ करें. :) आज सुबह-सुबह कुछ याद आया : सम्यक ज्ञान आता है सम्यक दृष्टि से (जो जैसा है उसे वैसा ही देखना, अपनी ओर से बिना कोई सहयोग किये हुए, निष्पक्ष दृष्टिकोण से). इसे ही साक्षी बनना या दृष्टा बनना कहते हैं. जब यही दृष्टि हमारे मन पर होती है तो वह सामायिक बन जाती है. सम्यक दृष्टि से उपजा यह सम्यक ज्ञान ही बनता है सम्यक आचरण...और सम्यक आचरण ही ले जाता है मुक्ति (परम स्वतंत्रता) की ओर. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • हम जब भी किसी को पूजनीय बना देते हैं, या महान घोषित कर देते हैं तो दरअसल हम अपनी विफलताओं को छुपाने का प्रयास करते हैं. महान आत्माएं हमेशा से महान नहीं होती है. बस अपने ज्ञान द्वारा पशु से परमात्मा बनने के क्रमिक विकास में आगे या परम स्तर तक पहुँच जाती है और इस उपलब्धि की सम्भावना दुनिया के हर एक प्राणी में है. दरअसल कोई महान नहीं होता, सिर्फ बुद्धिमान होता है. और चेतना का वह स्तर प्राप्त करना हर प्राणी के बस की ही बात है. बस से बाहर कुछ नहीं. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • यह एक तथ्य है कि हम सामान्यतया जिसके बारे में या जिन बातों के बारे में सबसे ज्यादा सोचते हैं बहुत कुछ वैसे ही होने लगते हैं. संगति के असर की बात इसलिए ही कही जाती है. मंत्रों का निर्माण और उच्चारण भी इसी सोच के साथ शुरू हुआ होगा कि एक अच्छे व्यक्तित्व के अच्छे गुणों के बारे में हम जब चिंतन और मनन करेंगे तो अच्छे भाव और गुण हममें अवतरित होने लगेंगे. अर्थात मुख्य बात भाव की ही थी और उस व्यक्तित्व को धारण करने की ही थी. पर होने क्या लगा? भगवान खुश होकर हमारी अच्छी-बुरी सब इच्छाएं पूरी कर देंगे इस उद्देश्य ने सबके मन में जगह बना ली या फिर 'मुंह में राम बगल में छुरी' वाली बातें सामने आने लगी...और अपनी स्वार्थ सिद्धि और दिखावे का उद्देश्य इतना गहराता चला गया कि उस व्यक्तित्व जिसे ईश्वर या अल्लाह कहा जाता है को बहरा या अँधा समझकर सुबह से लेकर रात तक की नौटंकी सड़कों पर होने लगी. जिसका फायदा तो एक नहीं नजर आता, हाँ नुकसान प्रकृति और जाने किस-किस को उठाना पड़ता है, इसकी कोई गिनती नहीं. धर्म के नाम पर कोई कितना अधर्म कर रहा होता है इसका अहसास भी नहीं होता उसे. इसलिए कहा जाता है, पहले जानना जरुरी है उसके बाद मानना. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • जितना भी अधिक जानो...उतना ही मोह भंग. कर रही है कायनात... साजिश कोई. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • ज्ञान अगर साथ में अहंकार ला रहा है तो वह अज्ञान की ओर बढ़ाया गया कदम है. पर ज्ञान अगर साथ में विनम्रता ला रहा है तो वह खुद के अभी बहुत अज्ञानी होने का भान है. पहली परिस्थिति में पतन का मार्ग चुना गया है और दूसरी में उत्कर्ष का. ~ Monika Jain ‘पंछी’

How are these quotes about knowledge?