Sunday, March 24, 2013

Moral Kahani in Hindi


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दो तोते एक साथ बड़े हुए. एक दिन तेज आंधी आई और दोनों बिछुड़ गए. एक तोता चोरों की बस्ती में पहुँच गया और दूसरा ऋषि के आश्रम में. दोनों वहीँ रहने लगे. एक दिन नगर का राजा शिकार पर निकला. वह चोरों की बस्ती के पास पहुंचकर सरोवर के किनारे लेटकर आराम करने लगा. इतने में किसी की कर्कश वाणी सुनकर उसकी नींद टूट गयी. यह आवाज किसी तोते की थी. वह कह रहा था - अरे यहाँ कोई है. इसके गले में हीरे और मोतियों की माला है. इसकी गर्दन दबाकर माला निकाल लो और लाश को झाड़ियों के पीछे गाड़ दो. तोते को यह सब बोलते देखकर राजा कुछ डर गया और वहां से निकल पड़ा. आगे एक आश्रम आया. वह अन्दर गया तो एक तोता बोला - आइये श्रीमान. बैठिये. प्यास लगी है तो ठंडा पानी लीजिये और भूख लगी है तो मीठे फल खाइए. राजा ने देखा कि इस तोते का रंग रूप बिलकुल चोर बस्ती वाले तोते जैसा था. उसने पूरी बात ऋषि को बताई तो ऋषि बोले - यह तो संगति का असर है राजन. इसके प्रभाव से पशु-पक्षी भी नहीं बच सकते ~ अज्ञात 


मंत्र : अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए संगत अच्छी चुने.