All rights reserved. Don't copy the content. Welcome to My English Blog : Poems Poetry Rhymes. Send your unpublished creations to p4panchi@gmail.com to get published here.

Poem on Air Pollution in Hindi


Poem on Air Pollution in Hindi, Hawa Poetry, Hava par Kavita, वायु प्रदूषण पर कविता, Vayu Pradushan, हिंदी कविता, शायरी, वायु प्रदूषण, प्रदूषित हवा, Wind, Shayari, Slogans, Messages, Sms

साँसों को भी मिलना मुश्किल
 शुद्ध हवा का झोंका 
विकास और विज्ञान के नाम पर
 कैसा है ये धोखा 
अपना चैन-ओ-अमन हमने 
कैसी आग में झोंका
हे मानव! अपने क़दमों को
 क्यों न तुमने रोका.

कुछ पाने की कीमत कितनी 
बड़ी ये हमने चुकाई है 
खुद अपनी साँसों को जहरीली 
हवा हमने पिलाई है
विज्ञान और विकास की ये 
कैसी आंधी आई है
खुद अपने हाथों ही हमने 
अपनी चिता सजाई है

नित रोज नए रोगों से लड़ना 
है हमको स्वीकार 
लेकिन कभी ना रोकेंगे 
हम विकास की रफ़्तार
प्रदूषण जब तक कर दे ना 
धरती को तार-तार 
तब तक रुकना नहीं हमें 
बिल्कुल भी स्वीकार.

Monika Jain 'पंछी' 

No comments:

Post a Comment

Due to comment moderation It will take time to publish your comments.Your reactions are my inspiration :)