Saturday, January 4, 2014

Prerak Kahani in Hindi


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(1)

आचरण और स्वभाव 

एक राजा था. उसके तीन पुत्र थे. उनके भविष्य को लेकर वह परेशान रहता था. एक बार राजा अपने तीनों पुत्रों के साथ नगर के भ्रमण हेतु निकला. मार्ग में उन्हें एक तेजस्वी महात्मा मिले. राजा ने उन्हें प्रणाम किया और अपने पुत्रों का भविष्य जानने की इच्छा जताई. 
महात्मा ने तीनों राजकुमारों को अपने पास बुलाया और उन्हें दो-दो केले खाने को दिए. उनमें से एक पुत्र ने केले खाकर उसके छिलके रास्ते में फेंक दिए. दूसरे पुत्र ने केले खाकर छिलके रास्ते में फेंकने की बजाय कूड़ेदान में डाल दिए. तीसरे पुत्र ने केले खाकर छिलके कहीं डालने की बजाय पास में खड़ी गाय को खिला दिए. 
महात्मा जी यह सब बहुत ध्यान से देख रहे थे. उन्होंने राजा को अलग से ले जाकर कहा, ‘ तुम्हारा पहला पुत्र उद्दंड और मुर्ख है. दूसरा पुत्र समझदार और गुणी है. तीसरा पुत्र सज्जन और उदार ह्रदय वाला है. हो सकता है वह भविष्य में एक समाजसेवी बनें. 
राजा ने महात्मा से पूछा, ‘ आपने यह सब कौनसा गणित लगाकर पता लगाया ?’ 
महात्मा ने जवाब दिया, ‘ व्यवहार के गणित के आधार पर. उससे बड़ा निर्धारण का कोई उपाय नहीं होता. हमारे आचरण से ही हमारी सोच और स्वभाव का पता चलता है. हाँ, लेकिन मूल स्वभाव में बदलाव की कोशिश जरुर की जा सकती है. ‘ 


(2)

आचरण और सम्मान 

देवमित्र राजपुरोहित था. वह बहुत विद्वान था. राजा उसका खूब आदर करता था, वह झुककर प्रणाम भी करता था. एक बार देवमित्र ने सोचा - मेरा यह सम्मान मेरे ज्ञान के कारण है या मेरे आचरण के कारण - इसकी परख करनी चाहिए. 
दूसरे दिन वह राजसभा से उठा, घर की ओर जा रहा था. मार्ग में राजभण्डार मिला. उसमें से दो मोहरें उठाई ओर चलता बना. भंडार का अधीक्षक कुछ नहीं बोल सका. उसने दूसरे दिन भी ऐसा ही किया. तीसरे दिन भी यही दोहराया. तब भंडार रक्षक ने यह बात राजा से कह दी. 
अगले दिन दरबार लगा. राजा ने पुरोहित से पूछा - क्या आपने भंडार से मोहरें चुराई है ? हाँ राजन् ! मैं तीन दिनों से यही कार्य कर रहा हूँ. राजा ने कहा - जानते हो, इसकी सजा मृत्युदंड है. तब पुरोहित बोला - राजन् ! दंड स्वीकार्य है, पर मेरी एक बात सुने. मैं जानना चाहता था कि मेरा सम्मान ज्ञान के कारण है या चरित्र के कारण ? यह जानने के लिए ही मैंने यह सब किया था ओर अब मुझे समाधान मिल गया है कि व्यक्ति का सम्मान उसके आचरण से है, ज्ञान से नहीं. 

We can realize the importance of character in our life through these stories. Great people are judged by their character. Our good character is the most important asset we have. Honesty, bravery, responsibility, integrity, reliability all forms a good character. A person with good character and behavior is respected everywhere. 

Note : The above hindi stories ( Prerak Kahaniyan ) are not my own creation.