Monday, December 24, 2012

Small Story in Hindi with Moral


Small Story in Hindi with Moral, Story about Giving, दान की महिमा कहानीDonation Tales, Daan ki Mahima Kahani

वैशाख महीने की भीषण गर्मी में एक बार महाकवि कालिदास किसी कार्यवश भयानक जंगल में पहुँचे. उन्होंने वहां एक रुग्ण व्यक्ति को देखा. वह फटेहाल था. वह चल रहा था किन्तु भूमि इतनी तपी हुई थी कि उससे चला नहीं जा रहा था. मुंह से आह निकल रही थी. इसे देखकर महाकवि पसीज गए. उसे उठाकर एक वृक्ष के नीचे रख दिया और अपने पदत्राण भी उसे दे दिए और वे औषधि लाने चल पड़े. वे कुछ चले ही थे कि एक महावत हाथी लेकर आ रहा था. महाकवि को देखकर उसने उन्हें हाथी पर बिठा लिया, राजा भोज ने कालिदास को हाथी पर आरूढ़ देखा तो पूछा- हाथी पर कैसे बैठे हो ? कवि ने कहा - "जो व्यक्ति नहीं देते, उनकी संपत्ति नष्ट हो जाती है".

Courtesy : स्वाध्याय सन्देश