Tuesday, December 25, 2012

Story of Saint Eknath, Sant Eknath



Saint Eknath, Story of Sant Eknath in Hindi, संत एकनाथ की कहानी, Story of Positive Attitude, Positive Thinking Tales, Eknath Maharaj ki Kahani

महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत एकनाथ गोदावरी नदी में स्नानकर लौट रहे थे कि एक मनचले ने उन पर थूक दिया. एकनाथ पुनः स्नान करने गए. स्नानकर पुनः उसी रस्ते से लौटे. उस युवक ने पुनः थूक दिया. एकनाथ फिर से स्नान करने चले गए. ऐसा युवक ने इक्कीस बार किया. संत जब स्नानकर लौट रहे थे तो वह युवक उनके चरणों में गिर गया और क्षमा मांगने लगा. तब संत ने उसे बाहों में भरकर कहा - तुम तो मेरे बड़े उपकारी हो. मैं प्रतिदिन एक बार ही गोदावरी माँ की गोद में जाता था, आज मुझे इक्कीस बार उसकी गोद मिली. क्या यह कम उपकार हैं ? 
ऐसे दृष्टिकोण वाले व्यक्ति का कौन क्या बिगाड़ सकता है ?

Courtesy : स्वाध्याय सन्देश