Wednesday, August 21, 2013

Suvichar in Hindi


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किसी दार्शनिक से  किसी समय एक जिज्ञासु ने पूछा - राष्ट्र की व्यवस्था के लिए मूलभूत किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है ? उस दार्शनिक ने जवाब दिया - अनाज, सेना और सुसंस्कार। ये तीन बिंदु ऐसे हैं जिनपर किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा टिकी है। जिज्ञासु ने पुनः पूछा - यदि इनमें से किसी चीज की कमी हो तो क्या उससे काम चल जाएगा। दार्शनिक ने कहा - सेना के अभाव में अनाज और संस्कार के बल पर राष्ट्र टिक सकता है। जिज्ञासु ने पुनः पूछा - यदि किसी दो की कमी हो तो फिर क्या होगा ? दार्शनिक ने कहा - कदाचित सैनिक के अभाव में राष्ट्र चल सकता है, अनाज के अभाव में राष्ट्र चल सकता है, लेकिन जिस राष्ट्र के सुसंस्कार समाप्त हो गए, उसका अस्तित्व कुछ नहीं रह सकता। 

रेलवे में यात्रा करने वाला व्यक्ति समय की अनुकूलता देखकर तय करता है कि आगे आने वाले रेलवे जंक्शन पर जहाँ गाड़ी काफी देर ठहरती है, जहाँ पर निवृत होने की सब सामग्री मिल जाएगी, वहां पर भोजनादि से भी निवृत होकर सुख प्राप्त करेंगे. वैसे ही अनंतकाल तक अलग-अलग योनियों में भटकने के बाद मनुष्य गति रेलवे जंक्शन के समान है. यदि इस रेलवे जंक्शन पर हमने संसार से निवृति का प्रयास नहीं किया तो छोटे - छोटे स्टेशनों पर तो शांति मिलने वाली नहीं है.

Courtesy : Swadhyay Sandesh