Tuesday, January 22, 2013

Poem on Discrimination in Hindi


Keywords : Poem on Discrimination in Hindi, Injustice, Justice, Blindness, Blind Love, Inequality, Prejudice, Favoritism, Dhritarashtra of Mahabharata, Poetry, Kavita, Shayari, Slogans, हिंदी कविता, अन्याय, धृतराष्ट्र, पक्षपात, भेदभाव, न्याय, शायरी, Messages, Sms


महाभारत का धृतराष्ट्र तो 
आँखों से अँधा था 

पर मैंने देखे हैं 

आँखों वाले भी कई धृतराष्ट्र

जिनकी आँखों पर बंधी है 

अंधे प्रेम की पट्टी 
जिन्हें नहीं दिखाई देता 
अपने सामने होता अन्याय 
जो मूँद लेते हैं आँखें 
अनीति के समर्थन में
जिनके कान नहीं सुन पाते 
न्याय के लिए उठती आवाजों को 
जो मूक बन कर फेर देते हैं पानी 
दुखियों की आशाओं पर 
जो नहीं समझना चाहते
सच और झूठ का भेद 
और इतना ही नहीं 
ये धृतराष्ट्र गरजते भी हैं तो 
सिर्फ अपने अंधे प्रेम के खातिर

Monika Jain 'पंछी'