Monday, January 23, 2017

Poem on Fear in Hindi

प्यार में डर कविता, भय शायरी, उलझन, अविश्वास, प्रेम, भरोसा. Poem on Fear in Hindi. Confusion in Love Poetry, Lack of Self Trust Rhymes, Relationship Phobia.
Poem on Fear in Hindi
उलझन

कितनी अजीब बात है न!
तुम कहते हो, तुम्हें डर लगता है
कि क्या तुम मुझे खुश रख पाओगे।
और मैं कहती हूँ, मुझे डर लगता है
कि क्या मैं तुम्हें खुश रख पाऊँगी।

हमारा ऐसा सोचना क्या दर्शाता है?
यह कि हमें एक दुसरे पर ज्यादा भरोसा है
या यह कि हमें खुद पर विश्वास नहीं।
यह कि हमें एक दूसरे की ज्यादा परवाह है
या यह कि हमें अपने प्यार पर एतबार नहीं।

एक अजीब सी उलझन में हूँ -
सुना है जहाँ प्यार होता है वहाँ डर नहीं होता
और जहाँ डर है वहाँ प्यार नहीं
इसलिए डरती हूँ हमारे इस डर से
कि कहीं यह हमारे प्यार पर हावी न हो जाये।

By Monika Jain 'पंछी'
(22/01/2013)