Monday, February 6, 2017

Poem on Roti in Hindi

पहली रोटी पर कविता, चपाती शायरी, ऑस्ट्रेलिया का नक्शा. Poem on Roti in Hindi for Kids. First Bread Nursery Rhyme, Childhood Kitchen Memories Poetry, Slogans.
Poem on Roti in Hindi
पहली रोटी

याद है मुझे अपनी पहली रोटी!
आधी कच्ची, आधी पक्की
और थी छोटी-मोटी
हाँ, याद है मुझे अपनी पहली रोटी।

छोटे से हाथों में छोटी सी लोई
लेकर चली मैं बनाने रसोई
बड़ा सा बेलन और बड़ा सा चकला
मेरे नन्हें हाथों से बार-बार फिसला।

बेलन ने गिरकर पाँव मेरा तोड़ा
पर मैंने अपना उत्साह न छोड़ा
बनाया था मैंने आस्ट्रेलिया का नक्शा
सिकने तक कर दे ईश्वर इसकी रक्षा।

कहीं से थी पतली, कहीं से थी मोटी
तवे पे रखकर हाथ से पलटी
तवे ने जलाया मेरा नन्हा हाथ
पर मैंने छोड़ा न रोटी का साथ।

चिमटे से पकड़ी और नीचे उतारी
कच्ची-जली रोटी थी बड़ी प्यारी।

By Monika Jain 'पंछी'


Feel free to add your memories regarding making and baking of your first roti.

Watch/Listen the video of this poem in my voice :