Rabindranath Tagore Quotes in Hindi



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Hindi Quotes : Rabindranath Tagore
  • तर्कों की झड़ी, तर्कों की धूलि और अन्धबुद्धि ये सब आकुल व्याकुल होकर लौट जाती है, किन्तु विश्वास तो अपने अन्दर ही निवास करता है, उसे किसी प्रकार का भय नहीं है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • सिर्फ खड़े होकर पानी को ताकते रहने से आप समुंद्र को पार नहीं कर सकते ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • स्वर्ण कहता है - मुझे न तो आग में तपाने से दुःख होता है, न काटने पीटने से और न कसौटी पर कसने से. मेरे लिए तो जो महान दुःख का कारण है, वह है घुंघची के साथ मुझे तौलना ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • बीज के ह्रदय में प्रतीक्षा करता हुआ विश्वास जीवन में एक महान आश्चर्य का वादा करता है, जिसे वह उसी समय सिद्ध नहीं कर सकता ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • हमेशा तर्क करने वाला दिमाग धार वाला वह चाकू है जो प्रयोग करने वाले के हाथ से ही खून निकाल देता है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • सच्ची आध्यात्मिकता, जिसकी शिक्षा हमारे पवित्र ग्रंथों में दी हुई है, वह शक्ति है, जो अन्दर और बाहर के पारस्परिक शांतिपूर्ण संतुलन से निर्मित होती है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • मन जहाँ डर से परे है और सिर जहाँ ऊँचा है, ज्ञान जहाँ मुक्त है और जहाँ दुनिया को संकीर्ण घरेलु दीवारों से छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा नहीं गया है, जहाँ शब्द सच की गहराइयों से निकलते हैं, जहाँ थकी हुई प्रयासरत बाहें त्रुटि हीनता की तलाश में हैं, जहाँ कारण की स्पष्ट धारा है, जो सुनसान रेतीले मृत आदत के वीराने में अपना रास्ता खो नहीं चुकी है, जहाँ मन हमेशा व्यापक होते विचार और सक्रियता में तुम्हारे जरिये आगे चलता है, और आज़ादी के स्वर्ग में पहुँच जाता है. ओ पिता! मेरे देश को जागृत बनाओं ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • आश्रय के एवज में आश्रितों से यदि काम ही लिया गया, तो वह नौकरी से भी बदतर है. उससे आश्रयदान का महत्त्व ही जाता रहता है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • जो आत्मा शरीर में रहती है, वही ईश्वर है और चेतना रूप से विवेक के द्वारा सब शरीरों का काम चलाती है. लोग उस अन्तर्देव को भूल जाते हैं और दौड़-दौड़ कर तीर्थों में जाते हैं ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore 
  • देश का जो आत्माभिमान हमारी शक्ति को आगे बढ़ाता है, वह प्रशंसनीय है. पर जो आत्माभिमान हमें पीछे खींचता है, वह सिर्फ खूंटे से बांधता है, यह धिक्कारनीय है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • विश्वास वह पक्षी है जो प्रभात के पूर्व अंधकार में ही प्रकाश का अनुभव करता है और गाने लगता है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • समय परिवर्तन का धन है. परन्तु घड़ी उसे केवल परिवर्तन के रूप में दिखाती है, धन के रूप में नहीं ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • मनुष्य जीवन महानदी की भांति है जो अपने बहाव द्वारा नवीन दिशाओं में राह बना लेती है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
  • जिस तरह घोंसला सोती हुई चिड़ियाँ को आश्रय देता है उसी तरह मौन तुम्हारी वाणी को आश्रय देता है ~ रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore
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