All rights reserved. Don't copy the content. Welcome to My English Blog : Poems Poetry Rhymes. Send your unpublished creations to p4panchi@gmail.com to get published here.

Poem on Air in Hindi


Keywords : Poem on Air in Hindi, Hawa par Kavita, Hava ka Jhonka, Pawan, Sameer,  Vayu, Breeze, Wind, Poetry, Shayari, Sms, Slogans, हवा पर हिंदी कविता, वायु, समीर, पवन का झोंका, बयार, शायरी, Messages

मैं हवा हूँ 
नहीं रोक सकती मुझे 
तुम इंसानों की बनायी हुई सरहदें 
मैं आज़ाद हूँ 
जिस ओर चाहूँ उधर बहने के लिए 
अपने दिल की हर बात बेख़ौफ़ कहने के लिए  
ये नफ़रत की दीवारें 
जो तुमने बना रखी है अपने चारों ओर 
नहीं छू सकती ये मेरा कोई भी छोर 
मैं आज़ाद हूँ मस्त गगन में घूमने के लिए 
पंछी, नदियाँ और पेड़ों संग झूमने के लिए 
ईर्ष्या, द्वेष और नफ़रत के इन पिंजरों में 
जब तक तुम रहोगे कैद 
तब तक तुम्हारी आज़ादी और गुलामी में 
नहीं रहेगा कोई भी भेद 
क्योंकि आज़ादी को महसूस करने के लिए 
तुम्हें हवा बनना होगा 
दिलों की दरारें भरने की 
तुम्हें दवा बनना होगा

Monika Jain 'पंछी' 

No comments:

Post a Comment

Due to comment moderation It will take time to publish your comments.Your reactions are my inspiration :)