Tuesday, February 19, 2013

Poem on Anger in Hindi


Keywords : Poem on Anger in Hindi, Gussa, Krodh, Negative Effects of Being Angry, Gusse par Shayari, Kavita, Sms, Messages, Poetry, हिंदी कविता, क्रोध, गुस्सा, शायरी, Slogans

मुझे गुस्सा आता है 
इस गुस्से पर 
क्यों चला आता है ये 
बिन बुलाये मेहमान की तरह 
छीन लेता है सुख और शांति 
एक कुटिल हैवान की तरह 
लगा जाता है आग 
प्यार के रिश्तों में 
बाँट देता है दिलों को 
नफरत की किश्तों में 
झोंक देता है खुशियों को 
दहकते अंगारों में 
कैद कर लेता है प्यार को 
अदृश्य दीवारों में 
कुछ दीवारें टूट जाती है 
दोनों के झुकाव से 
 कुछ दीवारें नही गिरती 
हमारें अहम् भाव से 
जो जुड़ जाते हैं 
उनमें भी निशान रह जाते हैं 
इस गुस्से के साइड इफ़ेक्ट 
जीवन भर रुलाते है

Monika Jain 'पंछी'