Monday, February 18, 2013

Poem on Autumn Season in Hindi


Keywords : Poem on Autumn Season in Hindi, Patjhad Ritu par Kavita, Poetry, Shayari, Sms, Slogans, Messages, पतजड़ के मौसम पर हिंदी कविता, शरद ऋतु, शायरी, Seasons 

ऋतुएं बदलती रही 
कई बसंत आकर चले गए 
पर मेरे जीवन में आया पतजड़ 
ज्यों का त्यों बना रहा 
मैंने सुना था कई बार 
सुख या दुःख कुछ भी 
स्थायी नहीं होते 
मौसम बदलते हैं
कभी एक से नहीं रहते 
पर ना जाने कब से 
मैंने मौसम को बदलते नहीं देखा 
इस पतजड़ के बाद आया एक भी सावन 
इन सूनी आँखों ने नहीं देखा 
पर खत्म नहीं होगा मेरा इंतजार कभी 
नहीं टूटेगी जीने की आस कभी 
बसंत और सावन आये ना आये 
पर पतजड़ में भी होगी कलियों की बहार कभी


Monika Jain 'पंछी'