Monday, May 30, 2016

Poem on God in Hindi

Poem on God in Hindi. Ishwar par Kavita. Parmatma Poetry, Parmeshwar Shayari, Bhagwan Dohe, Allah Slogans, Khuda Lines. ईश्वर पर कविता, भगवान शायरी, परमात्मा.
 
ईश्वर की कविताएँ
 
(1)

एक विशाल नरकट के कंडे से 
लिखनी थी मुझे ईश्वर की कविता!
मैं एक बच्चे की हथेली में 
अपनी उंगली देकर 
थोड़ी दूर टहल आया।

(2)

तुम्हारी हर एक कृति पर 
महसूसा मैंने एक महाकाव्य! 
बस उसे लिख नहीं पाया।

तुम कैसे बन गए 
ग़ालिब, खुसरो, पिकासो, 
मीर, वॉन गॉग, टैगोर,
बुद्ध या रामकृष्ण 
या जितनी भी-कैसी भी 
चीज़ेें देखी सुनी हैं?
 
उन सब के रूप में।
 
महसूस होने की हद तक 
जा जा के लौट आए तुम! 
हर एक भाव की 
ख़ूबसूरती देखी मैंने, 
बस लिख नहीं पाया।

ईश्वर
तुम में लिखे जाने की 
इच्छा नहीं होती क्या?

(3)

अरे ओ ईश्वर! 
चाय पीयोगे? 
चलो बन-बटर ही खा लो। 
नहीं?
बड़े बोर हो यार! 
बिना चाय सिर दर्द नहीं होता?
लो मूंगफली ही खाओ - 
इसे रिश्वत समझना हो तो समझो/ले लो 
और किसी को भूखा मत मारो ईश्वर!
चाहो तो दो तीन फलियाँ और ले लो...

By Aman Tripathi

How are these poems about god?