Tuesday, March 19, 2013

Poem on Basant Ritu in Hindi


Keywords : Poem on Basant Ritu in Hindi for Kids, Spring Season Poetry for Children, Basant Panchami par Kavita, Shayari, Slogans, Sms, हिंदी कविता, बसंत पंचमी, बसंत ऋतु, शायरी, Messages 

ऋतुओं की रानी है आई 
धानी चुनर अपने संग लायी 
जिसे ओढ़ धरती मुस्काई 
कण-कण में उमंग है छायी।

डाल-डाल नव पल्लव आया 
जैसे बचपन फिर खिल आया 
रंग बिरंगे फूलों पर 
देखो भँवरा फिर मंडराया। 

तितली भी मुस्काती है 
बहती हवा बासंती है 
नील गगन में उड़ते पंछी 
के मन को हर्षाती है।

रंग बिरंगे फूल खिलें हैं 
पीले, लाल, गुलाबी, हरे हैं 
कोयल की कूंकूं के संग 
स्वर गीतों के भी बिखरें हैं। 

Monika Jain 'पंछी'