Friday, June 21, 2013

About Harishankar Parsai in Hindi


Information About Harishankar Parsai in Hindi, Biography, Hindi Writer, Author Profile, Life Introduction, Lekhak Jeevan Parichay, History, Story, Autobiography, हिंदी लेखक हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय

हरिशंकर परसाई का जन्म 22 अगस्त, 1924 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद नामक गाँव में हुआ था। वे एक यथार्थवादी, चिंतनशील, संवेदनशील, सहित्यधर्मी, सृजनशील तथा प्रतिभा संपन्न रचनाकार थे। 

उनकी प्रारंभिक शिक्षा इटारसी में हुई। पढ़ने की तीव्र अभिलाषा के कारण ही उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से हिंदी में एम० ए० किया था। परसाई जी अपने लेखन के प्रति ईमानदार थे। उन्होंने अपने अनुभव एवं लेखन के साथ कभी समझौता नहीं किया। 

साहित्य अकादमी ने सन् 1982 में 'विकलांग श्रद्धा का दौर' नामक रचना के लिए परसाई जी को 'अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया। उसी वर्ष जबलपुर विश्वविद्यालय ने अपने रजत जयंती समारोह के अवसर पर उनको 'डी० लिट०' की मानक उपाधि प्रदान की। 

प्रमुख रचनाएँ - 'भोलाराम का जीव', 'वैष्णव की फिसलन', सदाचार का तावीज', 'एकलव्य ने गुरु को अंगूठा दिखाया', 'राजनीति का बँटवारा', 'आमरण अनशन', 'गांधीजी का शाल', 'बेईमानी की परत', 'ठिठुरता हुआ गणतंत्र', तथा 'विकलांग श्रद्धा का दौर' आदि। 

दो उपन्यास - 'तट की खोज' तथा 'रानी नागफनी की कहानी'।