Tuesday, April 5, 2016

Poem on Labour Day in Hindi

Poem on International Labour Day in Hindi for Kids. Dignity of Labor Poetry, Workers 1st May Kavita, Mazdoor Diwas Shayari, Parishram Slogans, Shramik. मजदूर दिवस कविता, श्रमिक, श्रम, परिश्रम दोहे.
 
श्रम तो बस एक पूजा है
 
क्या सिर्फ इसलिए
कि वह सड़क झाड़ता है 
और तुम सूट बूट पहन कर 
ऑफिस में बैठते हो, 
उसका काम छोटा 
और तुम्हारा काम 
बड़ा हो जाता है?

सोचो!
अगर महीनों तक 
तुम्हारी गली की सड़कें 
और नालियों की 
साफ़-सफाई न हो पाए, 
और तुम्हारे मौहल्ले में 
कचरे का ढ़ेर लग जाए,

तब अपने ही घर में तुम्हारा 
सांस लेना भी मुश्किल हो जायेगा। 
तब तुम्हारा ऑफिस के बड़े पद वाला 
रुबाब कहाँ जायेगा?

इसलिए 
काम तो कोई भी 
छोटा या बड़ा नहीं होता है, 
बल्कि अपनी जगह 
हर काम 
महत्वपूर्ण होता है।
 
जिसमें न कोई ऊँचा 
और न कोई नीचा है

By Monika Jain 'पंछी'

How is this poem about laborers on the occasion of international labour day?