Poem on Hindu Muslim Unity in Hindi


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लाशों के ढ़ेर पर बने मंदिर मस्जिद 
जिनकी बुनियाद है नफ़रत और जिद
जो इंसानियत की मौत के गवाह हैं 
जो हिन्दू मुस्लिम जंग से तबाह है।

एक ऐसी जंग 
जिसमें जीत ना हिन्दू की हुई
 ना मुसलमान की 
हुई है बस हार 
 इंसानियत और इंसान की।

ऐसा हिन्दू और मुसलमान होना 
जिसके लिए अपने भीतर का इंसान खोना 
दया, करुणा और प्रेम का खात्मा 
जहाँ धर्म के नाम पर मर गयी है आत्मा।

क्या नहीं बन सकता इंसान ऐसा 
ईश्वर जिसके दिल में बसता हो 
देखकर दूसरों का दर्द 
आंसू जिसकी आँख से छलकता हो। 

Monika Jain 'पंछी'


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