Sunday, July 14, 2013

Poem on National Language in Hindi


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शब्दों, वर्णों और छंदों की 
हिंदी है अनंत धरोहर 
है असीम इसकी प्रस्तुति 
अनुपम है इसका हर स्वर। 

हिंदी बहता नीर है 
धीर, वीर, गंभीर है 
नहीं है यह मात्र एक भाषा 
हिंदी है जन-जन की आशा।

भाषा नहीं भावना है यह 
अभिव्यक्ति का है आसमान 
परिवर्तन की चिर शक्ति इसमें 
यह है देश का स्वाभिमान। 

स्वतंत्रता आन्दोलन में उभरी 
बन हिंदी एक सशक्त हथियार 
राष्ट्रीय एकता और क्रांति की 
थी यह अनोखी सूत्रधार।

हिंदी है विज्ञान की भाषा 
कला और ज्ञान  की भाषा 
जन-जन के उत्थान की भाषा 
 गौरव और सम्मान की भाषा। 

Monika Jain 'पंछी'