Sunday, July 21, 2013

Poem on Nonviolence in Hindi



Poem on Nonviolence in Hindi, Violence, Ahinsa, Hinsa, Ahimsa, Stop Animal Cruelty, Animals Abuse, Save Endangered Species, Wild Life Conservation, Kavita, Poetry, Shayari, Sms, Messages, Slogans, Vilupt Prajati, Jeev Jantu, Janwar, Pashu, Shakahar, Manshahar, Non Vegetarian, Flesh, Cattle, Livestock, Creatures, पशु, हिंसा, अहिंसा, पशुपालन, मांसाहार, शाकाहार, निर्दयता 

एक समय था जब 
पशु थे मानव की जीविका का आधार 
पर जब से इंसान ने की है तरक्की 
पशु हो रहे हैं हिंसा के शिकार।

पशुपालन में रूचि ना रही 
मिलावटी उत्पादों ने जगह बनायी है
 जैविक उर्वरकों को छोड़ 
रासायनिक खाद अपनायी है। 

चरागाहों पर भवन निर्माण 
पशु हो रहे बेघर हैं 
मांसाहार का बढ़ता उपभोग 
जबकि शाकाहार ही बेहतर है। 

सम्मान करें जीवों का हम 
प्रकृति उनकी भी माता है 
इतनी निर्दयता ठीक नहीं 
जीना सबको ही भाता है। 

Monika Jain 'पंछी'