Monday, July 29, 2013

Story on Ideal Life in Hindi


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एक बार एक व्यक्ति संत कबीर के पास आया और पूछा - मुझे गृहस्थ बनना चाहिए या फिर सन्यासी ? कबीर ने कहा - जो भी बनो पर उसमें पूर्णता प्राप्त करने की कोशिश करो. कबीर ने अपनी धर्मपत्नी को आवाज़ दी. दोपहर का समय था फिर भी उन्होंने अपनी पत्नी से दीपक जलाकर लाने को कहा. पत्नी ने कुछ भी नहीं कहा और दीपक जलाकर ले आई. कबीर ने कहा - अगर गृहस्थ बनकर जीवन यापन करना हो तो एक दूसरे पर भरोसा होना चाहिए जिससे दूसरे की इच्छा हमारी इच्छा बन जाए. 

इसके बाद कबीर उस व्यक्ति को एक पहाड़ी पर ले गए जहाँ एक वृद्ध महात्मा निवास करते थे. कबीर ने सन्यासी से पूछा - आपकी आयु कितनी है ? महात्मा ने उत्तर दिया - अस्सी वर्ष. कुछ समय तक वार्तालाप करने के बाद कबीर ने सन्यासी से पुनः उनकी आयु पूछी. महात्मा ने फिर से कहा - 80 वर्ष.  कबीर व्यक्ति के साथ नीचे आ गए और महात्मा से भी नीचे आने को कहा. वृद्ध महात्मा हाँफते हुए नीचे आये. महात्मा ने नीचे बुलाने का कारण पूछा तो कबीर ने फिर से प्रश्न किया - आपकी उम्र कितनी है ? महात्मा के चेहरे पर कोई भी भाव नहीं आया और उन्होंने उत्तर दिया - 80 वर्ष. कबीर ने व्यक्ति से कहा - अगर तुम सन्यासी बनना चाहते हो तो ऐसे सन्यासी बनो कि तुम्हे कभी क्रोध ना आये.