Saturday, August 3, 2013

Poem on Animals for Kids in Hindi



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 गुन-गुन-गुन भौंरा मंडराता 
भौं-भौं  करता कुत्ता आता
कूं-कूं  करती कोयल गाती 
मीठा सा कोई गीत सुनाती।

टर-टर-टर मेंढ़क की बोली 
देखो वो बन्दर की टोली 
लम्बी पूँछ, गिलहरी छोटी 
कुतर-कुतर कर खाती रोटी।

 तितली फूलों पर मंडराती
रंग बिरंगा नाच दिखाती 
चीं-चीं करती चिड़िया आती 
दाना चुग फुर्र से उड़ जाती।

डाल पे बैठा कौवा काला 
हिरण कितना भोला-भाला
जंगल में है शेर निराला  
बड़ी-बड़ी सी मूंछों वाला।

सब की अलग-अलग खूबियाँ 
जिनसे सुन्दर बनती दुनिया 
देख देखकर इन जीवों को 
हंसती मुस्काती है गुड़िया।

Monika Jain 'पंछी'