Wednesday, August 24, 2016

Poem on Janmashtami in Hindi

कृष्ण जन्माष्टमी कविता. Poem on Happy Shri Krishna Janmashtami Festival in Hindi for Kids. Kanha par Kavita, Gokulashtami Shayari Lines, Sms, Quotes, Messages. 
Poem on Janmashtami in Hindi

मेरे ये नैन बस तुम्हे ढूंढ़ रहे हैं

हे कृष्णा!
सुना है आज तुम्हारा जन्मदिवस है
उल्लासमय हो रहा सारा जनमानस है।

खुश हूँ मैं ये जानकर कि लोग आज भी
महानायकों को पूजते हैं
महापुरुषों की जय जयकार के नारे
इस धरा पर आज भी गूंजते है।

पर दिल के एक कोने में न जाने क्यों
कुछ खटक रहा है
ख़ुशी के इस अवसर पर भी
मन जाने क्यूँ भटक रहा है।

शायद तलाश रही हूँ मैं तुम्हे
हर आते-जाते इंसान में
जो दिन रात करते हैं तुम्हारी पूजा
उनके चरित्र और ईमान में

तुम्हें तलाशते ये दो नैन
कुछ कहना चाह रहे हैं
बाहर से जो लगते हैं कृष्ण
भीतर से कंस क्यों नजर आ रहे हैं।

आराध्य को अगरबत्ती दिखाना ही
अब धर्म बन गया है
पूजा जा रहा है जिसे उसके विचारों का
कोई अर्थ नहीं रहा है।

हे कृष्णा!
हर गली, हर चौराहे आज कंस घूम रहे हैं
आताताइयों के बुलंद हौंसले गगन चूम रहे है
लोग मग्न है जन्माष्टमी उत्सव मनाने में
पर बैचेन मेरे ये नैन बस तुम्हे ढूंढ़ रहे हैं।

By Monika Jain 'पंछी'

 
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