Sunday, March 31, 2013

Poem on Child Labour in Hindi


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आज जब छोटू को होटल में प्लेट धोते देखा 
अपने बचपन के उसी समय में झांक कर मैंने देखा

रोज नए चमचमाते बर्तनों में 
मिल जाता था मुझे मनचाहा खाना 
नहीं सोचा कभी भी
कैसे चमकते हैं ये बर्तन रोजाना

श्रम मेरे लिए होता था बस 
अपना स्कूल बैग स्कूल ले जाना 
और दोस्तों के साथ 
खेलते - खेलते थक जाना

कागज के नोट तब समझ में न आते थे
पिग्गी बैंक में बस सिक्के ही छनछ्नाते थे

मेहनत का फल होता है मीठा 
माँ ने मुझे सिखाया था 
पर मेहनत का मतलब बस 
पढ़ना ही तो बताया था

क्यों छोटू का बचपन, नहीं है बचपन जैसा 
काश! न होता इस दुनिया में कोई बच्चा ऐसा.  

Monika Jain 'पंछी' 

Saturday, March 30, 2013

Essay on Media in Hindi, Spreading Superstitions


Keywords : Essay on Role of Media in Spreading Superstitions, Superstition,  Article, Speech, Write Up, Paragraph, Nibandh, Lekh, हिंदी निबन्ध, लेख, मीडिया और अन्धविश्वास, ज्योतिष, तंत्र, मंत्र, Anuched, Astrology

लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया को समाज में जागरूकता फ़ैलाने, अन्धविश्वास और कुरीतियों का खात्मा करने और साक्षरता का प्रचार प्रसार करने की भूमिका के रूप में देखा जाता है लेकिन वर्तमान समय में मीडिया अपनी इस भूमिका का कितना निर्वहन कर रहा है ये हम सब जानते हैं। 
कोई भी टीवी चैनल चला लें डरावना सा रूप धारण किये हुए बाबा दर्शकों को शनि, राहु, केतु, गृह दोष, मंगल दोष और ना जाने कैसे-कैसे दोषों से डराते हुए और लौकेट, धन लक्ष्मी वर्षा यन्त्र, लक्ष्मी कुबेर यन्त्र, इच्छापूर्ति कछुआ, लाल किताब, गणपति पेंडेंट, नज़र रक्षा कवच आदि की दूकान लगाकर बैठे मिल जायेंगे जो कोड़ियों  के दाम की चीजों को महंगे दामों पर बेच कर अपनी जेबें भर रहें हैं। इसके अलावा फ़ोन और एस एम एस के जरिये समस्याओं का समाधान बताने के बहाने मोटी-मोटी कॉल दरें चार्ज की जा रही है। 
आज हर आम आदमी किसी ना किसी समस्या से जूझ रहा है। बस इसी बात का फायदा उठाकर अन्धविश्वास की अपनी दूकान चलाने के लिए मीडिया का सहारा लिया जा रहा है क्योंकि मीडिया ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिये कोई भी बात सीधे-सीधे लाखों करोड़ों लोगों तक पहुंचाई जा सकती है और मीडिया के जरिये किसी भी बात को दिमाग में अच्छे से बैठाया भी जा सकता है। 
पत्र-पत्रिकाएं भी ऐसे विज्ञापनों को धड़ल्ले से छाप रही है। मुझे समझ नहीं आता कि प्यार में असफल व्यक्ति को कोई ज्योतिष या तांत्रिक उसका प्यार कैसे दिला सकता है ? निसंतान दंपत्ति को अगर ऐसे बाबा या तांत्रिक के उपाय अपनाने पर ही संतान मिल जाती है तो फिर मेडिकल की पढ़ाई की क्या जरुरत है ? अगर कोई यन्त्र खरीदकर कोई रातों रात अमीर बन सकता है तो फिर सुबह से रात तक ऑफिस में सर खपाने की क्या जरुरत है ?
कुल मिलाकर दुखी, हारे हुए और परेशान लोगों को ठगने का एक बड़ा जाल फैलाया जा चुका है जिसकी चपैट में फँस कर कई लोग अपनी जेबे खाली करवा रहें हैं। 

Monika Jain 'पंछी'

Poem on Environment in Hindi


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रहा ना जल पीने लायक
वायु ना जीने लायक
भूमि भी हो गयी है बंझर
कैसा है ये मंझर ?
कान फोड़ती आवाजों का
फैला घातक शोर
उर्वरकों की बीमारी का
भूमि में है जोर.
पानी बिजली कि बर्बादी
नित बढ़ती ये आबादी
कूड़ेदान बनी ये नदियाँ
कलुषित हुयी ये पूरवईयां.
लुप्त हो रहे वन जंगल
लुप्त हो रहे प्राणी
लुप्त हो रही है नदियाँ
और लुप्त हो रही धानी
जल, वायु और ये भूमि
कुछ भी स्वच्छ अब रहा नहीं
रोग मिल रहे ऐसे-ऐसे
जिनकी कोई दवा नहीं.

- Monika Jain 'पंछी'

Friday, March 29, 2013

Poem on Air Pollution in Hindi


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साँसों को भी मिलना मुश्किल
 शुद्ध हवा का झोंका 
विकास और विज्ञान के नाम पर
 कैसा है ये धोखा 
अपना चैन-ओ-अमन हमने 
कैसी आग में झोंका
हे मानव! अपने क़दमों को
 क्यों न तुमने रोका.

कुछ पाने की कीमत कितनी 
बड़ी ये हमने चुकाई है 
खुद अपनी साँसों को जहरीली 
हवा हमने पिलाई है
विज्ञान और विकास की ये 
कैसी आंधी आई है
खुद अपने हाथों ही हमने 
अपनी चिता सजाई है

नित रोज नए रोगों से लड़ना 
है हमको स्वीकार 
लेकिन कभी ना रोकेंगे 
हम विकास की रफ़्तार
प्रदूषण जब तक कर दे ना 
धरती को तार-तार 
तब तक रुकना नहीं हमें 
बिल्कुल भी स्वीकार.

Monika Jain 'पंछी' 

Thursday, March 28, 2013

Essay on Charity Begins at Home in Hindi



Keywords : Essay on Charity Begins at Home in Hindi, Social Work, Family, Help, Society, Nation, Social Issues, Donation, Article, Speech, Write Up, Paragraph, Anuched, Nibandh, Samajik Karya, हिंदी निबन्ध, लेख, परोपकार, दान, Lekh 

एक परिवार है जिसमें 4-5 भाई बहन है। सबकी शादी हो चुकी है। well settled हैं पर एक बहन है जो विधवा है और एक बच्चे की माँ है। वह आर्थिक तंगी से गुजर रही है। खुद का घर नहीं है। बड़ा भाई करोड़पति है। सामाजिक कार्यों में लाखों का दान करता है। बहन की बस इतनी सी इच्छा है कि भाई उनके खुद के नाम से ही एक छोटा सा घर खरीद ले और उसे बस वहां रहने की जगह मिल जाए ताकि किराये के घरों की परेशानियों से निजात मिल सके. लेकिन सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ के दान करने वाले उस भाई के लिए अपनी सगी बहन की मदद के लिए ना पैसा है ना समय। 

एक दूसरा परिवार है जिसमें एक बेटे ने शादी के बाद प्रॉपर्टी के बंटवारे से जुड़े किसी विवाद को लेकर माता पिता से आजीवन के लिए सम्बन्ध विच्छेद कर लिया। वह खुद एक बहुत बड़ा businessman है। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेता है। अनाथालय, वृद्धाश्रम के लिए खुले दिल से दान करता है। कई स्कूल, कॉलेज के कार्यक्रमों में अथीति बनकर शिरकत करता है पर उसकी माँ जो कई सालों से आर्थिक तंगी और भयंकर बिमारियों से संघर्ष करती रहीं उसे देखने के लिए, उसका ईलाज करवाने के लिए, उसके पास आकर 5 मिनट बैठने के लिए उसे कभी समय नहीं मिला। 

ऐसे कई उदाहरणों से हमारा समाज भरा पड़ा है। जहाँ लोग  दिखावे और प्रसिद्धि के लिए सामाजिक कल्याण में अपना भरपूर योगदान देते हैं पर अपने परिवार के जरुरतमंदों के लिए ना उनके पास समय होता है ना ही बड़ा दिल जो वो पूरी दुनिया में दिखाते फिरते हैं। 

कहते हैं " Charity Begins at Home ". हमारा सबसे पहला कर्त्तव्य होता है हमारे परिवार के प्रति। एक समृद्ध, खुशहाल और सुखी परिवार ही एक सशक्त समाज का निर्माण करता है और एक सशक्त समाज  ही एक सशक्त  राष्ट्र का। इसलिए बहुत जरुरी है कि हम अपने ही परिवार और अपने आसपास के लोगों से शुरुआत करें। अपनी surroundings को छोड़कर हमारा वहां रुख करना जहाँ मीडिया है, कैमरा है हमारे दौहरे चरित्र को उजागर करता है। जिसे आप सामाजिक कल्याण की आड़ में बिल्कुल नहीं छिपा सकते। 

Monika Jain 'पंछी'

I Miss You Poem in Hindi


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आज हवा का एक झोंका, आया मेरे पास
बार-बार जुल्फें बिखराता करता मुझे वो तंग 
जहाँ भी जाती मैं उठकर चलता मेरे संग.
मैंने गुस्से-गुस्से में बालों को अपने बाँध लिया 
पर कैसे भी मुझे सताना उसने भी तो ठान लिया.
कानो में सरगोशी करना ज्यों ही उसने शुरू किया
याद आया तेरा वो वादा जो तूने था मुझे किया.
रहूँ जहाँ भी लेकिन जब-जब होगी तू उदास
करके कोई बहाना मैं आऊंगा तेरे पास.
मतलब हवा का ये झोंका है तेरा ही अहसास 
दूर उदासी करने मेरी आया मेरे पास.
बंधे हुए बालों को अपने फिर से मैंने खोल दिया
तेरी ख़ुशबू को अपनी साँसों में मैंने कैद किया.  

Monika Jain 'पंछी' 

Monday, March 25, 2013

Poem on Flowers in Hindi


Poem on Flowers in Hindi Language for Kids, Inspiration from Flower for Children,  Poetry, फूल हिंदी कविता, शायरी, Phool par Kavita, Garden, Bloom, Buds, Harmony, Shayari, Slogans, Messages, Sms

रंगों की पहचान है फूल
हम सबकी मुस्कान है फूल
ऋतु बसंत की शान है फूल
ईश्वर का वरदान है फूल.

काँटों में भी ये उग जाते
कीचड़ में भी ये खिल जाते
फिर भी सबके मन को भाते.

ख़ुश्बू की पहचान है फूल
माँ धरती की आन है फूल
सुन्दरता का मान है फूल
उपवन की तो जान है फूल.

मिलकर रहना ये सिखलाते
भेदभाव ना ये दिखलाते
कोमलता का पाठ पढ़ाते
मुस्काना हमको सिखलाते.

रंग-बिरंगे प्यारे फूल
सबसे सुन्दर न्यारे फूल
जांत-पांत से परे है फूल
लाल, गुलाबी, हरे ये फूल. 

- Monika Jain 'पंछी' 

Sunday, March 24, 2013

Hindi Essay on Family and Role of Daughter In Law


Keywords : Hindi Article, Role of Daughter In Law in a Family, Essay, Mother In Law, Husband, Wife, Sister In Law, Breaking Relationship with In laws, Joint Family, Nuclear Family, Parivar, Write Up, Paragraph, Nibandh, Anuched, हिंदी लेख, संयुक्त परिवार, बहु की भुमिका, सास, पति, पत्नी, Lekh

मैंने देखा है टीवी सीरियलों में हमेशा से सास की छवि को ही नकारात्मक बताया जाता रहा है और बहु को हर जुल्म-ओ-सितम सहने वाली, त्याग की मूर्ति के रूप में दिखाया जाता है। लेकिन आज नज़ारे बदल रहें हैं। मैंने कई ऐसे परिवारों को  देखा है जहाँ बहु खलनायिका की भूमिका अदा कर रही है। कई लड़कियां इस सोच के साथ गृह प्रवेश करती है कि उनका रिश्ता सिर्फ उनके पति से है ... और किसी भी तरह उन्हें अपने पति का अपने परिवार से जो जुड़ाव है उसे कम या खत्म करना है ताकि वह अपनी अलग आज़ाद दुनिया बसा सके जहाँ किसी की कोई दखलंदाज़ी ना हो। बेशक आज़ादी का यह ख्याल बेहद लुभावना है लेकिन यह आज़ादी आपको वो खुशियाँ कभी नहीं दे सकती जो पूरे परिवार के साथ मिल सकती है। साथ ही परेशानियों से भी परिवार ही उभार सकता है। एक कामकाजी महिला के लिए तो परिवार का सहयोग और भी ज्यादा मायने रखता है।
जो लड़कियां घर तोड़ने के बजाय, घर जोड़ने की सोच के साथ घर में आती है वे पति के साथ-साथ  परिवार के हर सदस्य से जुड़ जाती हैं और अपने साथ-साथ सबकी ज़िन्दगी खुशनुमा बना देती है। और इसके लिए आपको जुल्म-सितम सहने वाली त्याग की मूर्ति बनने की कतई जरुरत नहीं है। आपको बस रिश्तों को समझने की जरुरत है और आत्मकेंद्रित ना होकर पूरे परिवार को अपनाने की जरुरत है।
हमारी परम्पराएँ और सास बहु के प्रचलित किस्से बचपन से ही लड़की के मन में सास और ननद के प्रति कटुता भर देते हैं लेकिन सदियों से चली आ रही इस सोच को बदला जाना बहुत जरुरी है। जब लड़की पहले से ही सास ननद के रिश्तों के प्रति नकारात्मक भाव लेकर घर में आएगी तो जाहिर सी बात है उसे सास के व्यवहार की छोटी-छोटी बातें भी अखरने लगेगी। वह हर बात का गलत मतलब ही निकालेगी। लेकिन यहाँ दिमाग लगा कर सोचने की जरुरत है कि अगर आप सास से माँ जैसे व्यवहार की अपेक्षा रखती हैं तो आपको भी उनकी बेटी बनना होगा और कोई भी बेटी अपनी माँ की छोटी-मोटी  डांट को दिल पे नहीं लेती। 
हर छोटी-छोटी बात में पति को बीच में लाना रिश्तों में दरार पैदा कर देता है और परिवार के विघटन का कारण बनता है। बेहतर यह है कि ससुराल में किसी के भी किसी भी व्यवहार से शिकायत है तो उससे सीधा संवाद कायम किया जाए और सुलझाया जाएँ। 
अगर ससुराल में आप अपनापन पाना चाहती हैं तो आपको रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना होगा। इसके लिए बहुत जरुरी है आप बड़ों का आदर करें और छोटों को प्यार दें और ये बात दिमाग से बिलकुल निकाल दें कि पति को उसके परिवार से अलग करके ही आप खुश रह सकती हैं। किसी का भी प्यार पाने के लिए ये बिल्कुल भी जरुरी नहीं है कि उसे उसके दुसरे रिश्तों से अलग किया जाए। आज तक हमने बस यही सुना है : क्योंकि सास भी कभी बहु थी पर यह भी याद रखें : बहु भी कभी सास बनेगी। 


Monika Jain 'पंछी'


Moral Kahani in Hindi


Moral Kahani in Hindi, Sangat ka Asar Kahani, Sangati ka Asar, संगति कहानी , संगत का असर, Story on Good Company, Bad Company, Tales, Tale, Katha

दो तोते एक साथ बड़े हुए. एक दिन तेज आंधी आई और दोनों बिछुड़ गए. एक तोता चोरों की बस्ती में पहुँच गया और दूसरा ऋषि के आश्रम में. दोनों वहीँ रहने लगे. एक दिन नगर का राजा शिकार पर निकला. वह चोरों की बस्ती के पास पहुंचकर सरोवर के किनारे लेटकर आराम करने लगा. इतने में किसी की कर्कश वाणी सुनकर उसकी नींद टूट गयी. यह आवाज किसी तोते की थी. वह कह रहा था - अरे यहाँ कोई है. इसके गले में हीरे और मोतियों की माला है. इसकी गर्दन दबाकर माला निकाल लो और लाश को झाड़ियों के पीछे गाड़ दो. तोते को यह सब बोलते देखकर राजा कुछ डर गया और वहां से निकल पड़ा. आगे एक आश्रम आया. वह अन्दर गया तो एक तोता बोला - आइये श्रीमान. बैठिये. प्यास लगी है तो ठंडा पानी लीजिये और भूख लगी है तो मीठे फल खाइए. राजा ने देखा कि इस तोते का रंग रूप बिलकुल चोर बस्ती वाले तोते जैसा था. उसने पूरी बात ऋषि को बताई तो ऋषि बोले - यह तो संगति का असर है राजन. इसके प्रभाव से पशु-पक्षी भी नहीं बच सकते ~ अज्ञात 


मंत्र : अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए संगत अच्छी चुने.


Saturday, March 23, 2013

Poem on Cricket in Hindi


Keywords : Poem on Indian Cricket in Hindi, Victory of India in Cricket World Cup 2011, Kavita, Shayari, Games, Game, Poetry, Slogans, Messages, हिंदी कविता, विश्व क्रिकेट कप , भारत, विजय, जीत, शायरी, Sms

यह रचना मैंने Cricket World Cup 2011 में India की जीत के उपलक्ष्य में अपने एक क्रिकेट प्रेमी दोस्त के कहने पर लिखी थी. अपनी ये पूरानी रचना क्रिकेट प्रेमियों को समर्पित कर रही हूँ.

राम की सेना ने जीती थी रावण की लंका 
धोनी की सेना ने फिर से जीती है श्रीलंका 

कोई भी ना टिक पाया देश की जीत के आड़े
मुंबई के मैदान में जब भारत के सिंह दहाड़े

बज गए ढोल, बज गए बाजे और बजे नगाड़े
दुनिया के नक़्शे पर हमने जीत के झंडे गाड़े

देश प्रेम के ऐसे दृश्य कहाँ देखने मिलते हैं
होठों पे मुस्कान और आँखों से अश्रु छलकते हैं

चहुँ दिशाओं से बस जयघोष के बोल निकलते हैं
धोनी के वीर धुरंधर जब विजय के पथ पे चलते हैं

देश प्रेम की इस धारा को कभी ना बुझने देंगे
चाहे हो कोई भी जंग तिरंगा कभी ना झुकने देंगे

विश्व विजय के बढते कदम कभी ना रुकने देंगे
अगला विश्व कप भी अब भारत को लाकर देंगे


- Monika Jain 'पंछी'

Holi Celebration Ideas Article in Hindi


Keywords : Indian Holi Festival Celebration Ideas in Hindi, Article, Essay, Paragraph, Speech, Lekh, Nibandh, Anuched, Write Up, Tips, Happy & Safe Holi Greetings, Messages, Sms, Wishes, होली पर लेख, निबन्ध, अनुच्छेद, Precautions 

होली रंगों का त्यौहार है. यह अच्छाई पर बुराई की विजय का प्रतीक है. प्यार, विश्वास और भाईचारे का सन्देश फैलाने का यह बहुत अच्छा अवसर है. आपकी होली सुखद और मस्ती से भरपूर हो इसी मंगल कामना के साथ Holi Celebration के कुछ ideas आपके साथ share कर रही हूँ : 

White is a color for Holi festival....so ladies white सलवार कुर्ता या white सारी और gents white कुर्ता पायजामा पहने तो होली का मजा कुछ और ही होगा. होली खेलने के बाद आपके white clothes पर colors की जो design बनेगी वह लाजवाब होगी.

होली पर आप कई games भी खेल सकते है जैसे : Guess The Title Game. जिसमे आप अपने office या घर के सदस्यों के लिए title बना कर person का name guess करवा सकते है. इसके अलावा कुछ colored chits बनाइये और इन्हें एक glass jar में डाल दीजिये.हर chit में कुछ interesting activities लिख दीजिये. अब हर person से one-by-one chit निकलवाइए और mentioned activity करवाइए जैसे : dance, song, joke, poem, shayri, act etc. आप सभी के लिए Rangoli Competition और Drawing Competition भी रख सकते हैं.

अगर आप सच में कुछ special करना चाहते है तो इस बार Holi old age home ( वृद्ध आश्रम ) में senior citizens के साथ या अनाथालय में नन्हें -मुन्हें बच्चों के साथ celebrate कीजिये. This will be really a unique gesture. उनके लिए कुछ gifts, sweets, chocolates, balloons और colors ले जाइये और उन्हें अहसास करवाइए कि इस समाज में वे अकेले नहीं है और कुछ लोग उनसे भी प्यार करते है. अगर आप सच में कुछ special करना चाहते है तो ये अवसर हाथ से मत जाने दीजिये.

Gifts लेना तो हर किसी को पसंद होता है तो फिर क्यों न कुछ अच्छा सा गिफ्ट देकर अपने family members, friends और loved one को surprise करें. कई gifts दे सकते है जैसे: A set of natural colors, Color bouquet, Story books, A CD of holi songs, A plant, Chocolates, Home care kit, Personal care kit, Spa kit, Dry fruits in small gift boxes, White salwar suit & sari for ladies, White kurta payjama or shirt for gents, Flowers etc. बच्चों के लिए colors, water syringes, water guns, pichkaries, sprinklers, colorful hats, balloons etc. gift किया जा सकता है. 

होली धूमधाम से मनाइये पर साथ ही कुछ सावधानियां भी रखियें : 

  • Sunglasses जरुर use कीजिये. यह आपको colors के harmful chemicals और colored filled water jets से भी बचायेंगे. 
  • अच्छी brand की nail paint अपने toe और fingernails पर apply कीजिये . Nails की trimming करने से होली खेलने के दौरान nails टूटने का डर नहीं रहेगा. 
  • होली के लिए बाहर जाने से पहले अपनी skin पर अच्छी सी cream apply कीजिये जो आपकी skin को colors के harmful effects से बचाएगी. 
  • अपने hairs की oiling करना मत भूलिए ताकि आपको colors के harmful effects की वजह से hair fall जैसी समस्याओं से न गुजरना पड़े. 
  • Natural colors का use करना सबसे अच्छा विकल्प है. 

Wish You All A Very Happy & Safe Holi.... Enjoy With Full Masti & Dhoom.


By Monika Jain 'पंछी'


Thursday, March 21, 2013

Life Quotations in Hindi


Quotations on Life in Hindi, Zindgi Quotes, Jindgi, Jeevan, जीवन, जिंदगी, हिंदी उद्धरण, विचार, Life Thoughts, Sayings, Sms, Messages, Proverbs, Slogans

  • जीवन की उन सीमाओं को छोड़कर कोई सीमायें नहीं हैं जिन्हें आप तय करते हैं ~ लेस ब्राउन 
  • करोड़ मुहरें खर्च करने से भी आयु का एक पल भी नहीं मिल सकता, वह अगर तमाम आयु वृथा हो गयी तो उससे अधिक हानि क्या है ~ शंकराचार्य 
  • बस जीवन वैसा ही है क्षणों की धारा पर उछलता हुआ - जब तक धारा है, तब तक बिल्कुल सुस्थापित, सुरक्षित. नहीं तो पानी पर टिके रहने से अधिक बेपाया क्या चीज होगी ~ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ' अज्ञेय' 
  • केवल जीना ही जिन व्यक्तियों का उद्देश्य होता है वे सार्थक जीवन नहीं जी सकते हैं. 
  • जिसे जीवन की क्षण भंगुरता का ज्ञान हो जाता है वह जड़ पदार्थों में आनंद नहीं मानता है. 

Wednesday, March 20, 2013

Poem on Cow in Hindi


Keywords :  Poem on Cow in Hindi, Cows, गाय पर कविता, हिंदी शायरी, Gaay par Kavita, Save Cow Poetry, Selfishness, Selfish Human Nature, Shayari, Slogans, Messages, Sms

हे मानव! 
क्या मुझे माँ इसलिए कहते हो 
ताकि जब तक देती हूँ मैं दूध 
देते हो मुझे अपने आँगन का छप्पर 
और जब नहीं देती दूध तो 
दिखा देते हो मेरी जगह सड़क पर।

घुमती हूँ जहाँ आवारा पशु बनकर 
भरती हूँ पेट कागज और पोलिथिन खाकर 
सहती हूँ सर्दी की ठिठुरन और गर्मी की मार 
बारिश में भी नहीं खुलता, इस माँ के बेटे का द्वार।

ले जाते हैं मुझे क़त्ल खाने में 
और मार देते हैं मुझे बेरहमी से 
फिर खाते हैं मेरा गोश्त 
मेरे ही बेटे बेशर्मी से।

मत कहो मुझे माँ 
हे स्वार्थी मानव !
तुम नहीं बन सकते किसी के बेटे 
तुम हो बस एक दानव। 


Monika Jain 'पंछी' 

Sunday, March 17, 2013

Women's Day Poem in Hindi


Keywords : Women's Day Poem in Hindi, Mahila Diwas par Kavita, Woman, 8 March International Happy Womens Day, Women, Nari Divas, Poetry, Shayari, Draupadi, हिंदी कविता, विश्व महिला दिवस, नारी शक्ति, द्रौपदी, Slogans, Messages, Sms

इस युग में कृष्ण का इंतजार ना करो द्रौपदी
घोर कलयुग की है ये २१ वीं सदी 
यहाँ तुम्हे अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी 
आंसू से नहीं अंगारों से, अपनी आखें भरनी होगी। 

कृष्ण के वेश में दुशासन, घात लगायें बैठें हैं 
जिनसे आशा है तुमको, ईमान बेचकर बैठें हैं 
लज्जहीनो की ये सभा, लाज यहाँ ना बच सकती 
शस्त्र उठालो द्रौपदी! नहीं और कुछ कर सकती। 

मेहँदी से नहीं तलवारों से हाथों का शृंगार करो 
द्यूत बिछाए बैठे शकुनि, तुम बस सीधा वार करो 
अंधे, बहरे, गूंगे हैं यहाँ के राजा और प्रजा 
तुमको ही देनी होगी, अपराधी को घोर सजा।

 Monika Jain 'पंछी'


Friday, March 15, 2013

Poem on Sacrifice in Hindi


Keywords : Poem on Sacrifice in Hindi, Selfishness, Tyag, Swarth par Kavita, Greed, Greediness, Temptation, Self Interest, Lalach, Lobh, Happiness, Truth, Poetry, Slogans, Sms, हिंदी कविता, त्याग, स्वार्थ, शायरी, सुख, लालच, लोभ, Messages

जीवन का परम ध्येय सुख है 
हम सब पाना चाहते हैं 
पर सुख को पाने के खातिर 
हम क्या-क्या कर जाते हैं। 

भाग्य हमारे खोटे हैं
सपने जो मोटे-मोटे हैं
बाहर से हम बड़े बहुत
पर भीतर से छोटे हैं।

जब आँखों पर लालच का 
काला चश्मा लग जाता है 
लालच का ये खंजर जाने 
कितना खून बहाता है।

स्वार्थ सिद्धि से सुख मिलता 
ये कोरा भ्रम, कुछ और नहीं 
त्याग में ही है सच्चा सुख 
है सत्य यही कुछ और नहीं। 

Monika Jain 'पंछी'

Thursday, March 14, 2013

Akelapan Poem in Hindi


Keywords : Akelapan Poem in Hindi, Loneliness, Alone, Separation, Broken Promises, Lonely, Poetry, Kavita, Shayari, Messages, Sms, हिंदी कविता, अकेलापन, शायरी, Slogans

आयी जब मेरे जीवन में 
घनघोर मुश्किलों की आंधी 
थम सा गया मेरा जीवन 
पर तुझको बढ़ना था साथी 
तू बढ़ा और मैं टूटे रिश्ते के, टुकड़े चुनती गयी 
मैं फिर अकेली रह गयी।

तेरे रंगीन सपने थे 
मेरे गम मेरे अपने थे 
हर गम में साथ निभाने के 
तेरे वादे बिखरने थे 
इन झूठे वादों के सच को, मैं तलाश करती गयी 
मैं फिर अकेली रह गयी। 

बिन तेरे मैं जी ना पाऊं 
इतनी मैं कमजोर नहीं 
पर तुझको मैं भूल जाऊं 
मेरा दिल इतना चोर नहीं 
तेरी यादों की आंधी में अब तक मैं बहती गयी 
मैं फिर अकेली रह गयी। 

Monika Jain 'पंछी'


Poem on Youth in Hindi


Keywords : Poem on Youth in Hindi, Inspiration for Youth Power, Yuva Shakti par Kavita, Poetry, Shayari, Slogans, हिंदी कविता, युवा शक्ति, शायरी, भ्रम, Confusion, Illusion, Messages, Sms

खोये रहो तुम खयालों में ऐसे ही 
ये गुलशन वीरान हो जायेगा 
यूँ ही बैठे रहो तुम इंतज़ार में ही 
पूरा शहर ही शमशान हो जायेगा 
कब तलक तुम रहोगे उनके भरोसे 
जो करते भ्रमित, खुद भी रहते भ्रमित 
तोड़ों भ्रमों को और आगे बढ़ो तुम 
ये गुलशन गुलज़ार हो जायेगा।

By Dr. Dhirendra Srivastava

Wednesday, March 13, 2013

Gajar ki Burfi Recipe in Hindi



Keywords :  Gajar ki Burfi Recipe in Hindi, Carrot Fudge, गाजर की बर्फी, Barfi 


सामग्री : गाजर - 1 kg, घी - 2 कप, इलायची - 8, दूध - 1/2 kg, चीनी - 2 कप, खोया - 250 g, इत्र या केवड़ा एसेंस - 5 बूंदे

विधि : गाजर को दूध में अच्छे से पकाकर दूध को पूरी तरह सुखा लें। एक कप चीनी और घी मिलाकर और भून लें आंच बंद करके केवड़ा एसेंस भी मिला लें। 
दूसरी कड़ाई में घी गरम करके उसमें खोया और 1 कप चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें। लगभग 5 मिनट बाद उतार लें। एक थाल में घी की परत लगाकर गाजर का आधा मिश्रण एकसार फैला लें। इसके ऊपर खोये की परत डालकर दौबारा गाजर का बाकी मिश्रण एक सार फैला लें। फिर बर्फी के आकार में काटकर परोसें। 

Jeevan Sangharsh Poem in Hindi


Keywords : Jeevan Sangharsh Poem in Hindi, Kavita, Life Struggle Poetry, Struggles Shayari, Challenges, Destination, Goal, Zindgi, Jindgi, Difficulties, Problems, Slogans, Messages, हिंदी कविता, जीवन संघर्ष, शायरी, Sms

दे रहा है हर कदम पे, पंथ जीवन का चुनौती 
रास्ते ही रास्ते हैं, मंजिल कहीं ना बाट जोती
बढ़ रहें हैं कदम, बिन रुके बिन थके
राह इस संघर्ष की, पर कभी ना खत्म होती।
ना सितारों से कभी, सन्देश आशा के मिले
ना कभी उम्मीद के, दीपक अंधेरों में जले
जिन्दगी के इस चमन में, फूल कोई ना खिले
ना थमे थे, ना थमे हैं, मुश्किलों के सिलसिले।
चल रही हूँ पर पहुंचना, है नहीं निश्चित मेरा
रास्ते के अंत में बस, रास्ता ही है खड़ा
दूर तक ये सफ़र, धूल-शूल से भरा
ना कहीं भी राह में रंग फैला है हरा।
चल रही हूँ निरंतर, परिणाम से अनजान मैं
बढ़ रही हूँ निरंतर, परेशान मैं, हैरान मैं 
आवाज़ ना देती मुझे दूर तक मंजिल कोई 
पर ना जाने कौनसे विश्वास में थकती ना मैं।

Monika Jain 'पंछी'


Tuesday, March 12, 2013

Lemon Pickle Recipe in Hindi


Keywords : Lemon Pickle Recipe in Hindi, Lime Sweet Sour Pickle without Oil, Nimbu Ka Achar, Nimboo ka Khatta Meetha Achaar, नीम्बू का खट्टा मीठा अचार, नींबू, Pickles

सामग्री : कागजी नींबू - 500 g, चीनी - 700 g, पिसी लालमिर्च - 2 tsp, गरम मसाला - 1 tsp, भुना पिसा जीरा - 1 tsp, भुनी पिसी अजवाइन - 1 tsp, नमक - स्वादानुसार, हल्दी - 1 tsp, पिसी काली मिर्च - 1 tsp, हींग - 1/4  tsp 

विधि : नीम्बू को पोंछकर इच्छानुसार 4  या 6 टुकड़ों में काट लें। हल्दी, नमक डालकर कांच के जार में इन्हें 5-6  दिन के लिए धूप में रखें। जब गल जाएँ तो इसमें चीनी डालें। दो दिन के लिए धूप में रखें। बाद में मसाला मिला दें। जार को बंद करके रखें। स्वादिष्ट खट्टा मीठा नीम्बू का अचार तैयार है। 

Ishwar par Kavita


Keywords: Punjabi Poem in Hindi, Ishwar par Kavita, Waves, Stream, Lahrein, Lehren, God is Everywhere, Sea, Moon, Moonlight, Cloud, Rain, Wind, Flower, Fragrance, Humility, लहरें, हिंदी कविता, शायरी, पंजाबी कविता, ईश्वर सर्वत्र है,  Poetry, Shayari, Slogans, Sms, Messages


लहरें ( Hindi Version By Kuldip Singh Bagga & Balwant Singh Bagga)

परमात्मा है हर लहर में मगर 
लहर में उसे देखने वाली नहीं कोई नज़र 

सागर की यह लहर सागर को हिलाती है
सोई ज़िन्दगी सागर की लहर ही जगाती है
मैल-झाग समेट कर किनारे पे बिछाती है
सागर की गहराहियों से मोती ढूंढ लाती है
सागर की यह लहर सागर ही तो है मगर 
लहर में उसे देखने वाली नहीं कोई नज़र

चाँद की यह लहर चांदनी बिछाती है 
कूचे हर कोने में झांक के इठलाती है
चकोर के रूठे हुए हृदय को रिझाती है
सरोवर और आकाश में एक नज़र आती है
चाँद की यह लहर चाँद ही तो है मगर 
लहर में उसे देखने वाली नहीं कोई नज़र

मेघ की यह लहर घटा घूर-घूर आती है 
पपीहे से आलाप, नाच मोर से कराती है 
सुहागनों को झूलों में बिठाल के झुलाती है
तप्ती हुई धरती को सुकून पहुँचाती है 
मेघ की यह लहर मेघ ही तो है मगर
लहर में उसे देखने वाली नहीं कोई नज़र

पवन की यह लहर मंद-मंद आती है 
फूल, बेल पत्तियों को नाच यह नचाती है 
सुगंधी की झोलियाँ भर-भर लाती है 
तप्ते हुए हृदयों को सुकून पहुंचाती है 
पवन की यह लहर पवन ही तो है मगर 
लहर में उसे देखने वाली नहीं कोई नज़र 

फूल की यह लहर फूल को खिलाती है 
खिले हुए फूल की सुगंधी को लुटाती है 
भंवरे और बुलबुल को आशिक बनाती है 
बड़े-बड़े मानियों की भेंट बन जाती है 
फूल की यह लहर फूल ही तो है मगर 
लहर में उसे देखने वाली नहीं कोई नज़र 

जीव की यह लहर जब जीव को हिलाती है
जीव को हिलाए लहर नम्र भाव पाती है 
नम्र-नम्र भाव, लहर सहज पद पाती है 
सहज पद पाए लहर ब्रह्म बन जाती है
जीव की यह लहर ब्रह्म ही तो है मगर 
लहर में उसे देखने वाली नहीं कोई नज़र 

  

Thursday, March 7, 2013

Poem on Aam Aadmi in Hindi


Keywords : Poem on Common Man in Hindi, Aam Aadmi par Kavita, Routine, Boring, Monotony, Regret, Compromise, Defeat, Mundane Life, Poetry, Shayari, Slogans, Messages, आम आदमी, कविता, शायरी, Sms

सपनों को बेच खरीदी हमने सुविधा  
पर मन में बनी रही सदा ही दुविधा 
हम भी कुछ अनगढ़ा तराश सकते थे 
इस जग में खुद को तलाश सकते थे। 
रोजी-रोटी के खातिर, जो पथ हमने अपनाया
रहे ढूंढ़ते खुद को लेकिन, कहीं ना हमने पाया 
स्वादरहित जीवनचर्या और खालीपन है आया 
जबसे जीवन यापन का, यह क्रम हमने अपनाया।
दफ्तर की सीढ़ी चढ़ते-चढ़ते, बीत गया जीवन सारा 
लेकिन इतने वर्षों में भी, मिला ना कोई किनारा 
आज भी भरते रहते हैं, दफ्तर के कोरे कागज 
अंत में जबकि मिलने हैं, बस जमीन के दो गज।
'हम भी कुछ हैं' ये भ्रम, हमनें भी कभी पाला था 
इतिहास में अंकित होने का, सपना हमनें पाला था 
अगर ना करते हम अपने, ख्वाबों से कोई समझौता 
तो निश्चय ही जीवन अपना, कितना सुन्दर होता।

Monika Jain 'पंछी'

Sunday, March 3, 2013

Poem on Bravery in Hindi


Keywords : Poem on Bravery in Hindi, Bahaduri par Kavita, Courage, Brave, Life Challenges, Adventure, Daring, Boldness, Sahas, Veerta, Shayari, Poetry, Slogans, Sms, हिंदी कविता, बहादुरी, वीरता, साहस, शौर्य, चुनौती शायरी, Challenge, Dare, Messages

जिन मुश्किलों में मुस्कुराना था मना 
उन मुश्किलों में मुस्कुराते हम रहे।
जिन रास्तों की थी नहीं मंजिल कोई 
उन रास्तों पे हम मगर चलते रहे।
जिस दर्द को दरकार थी आंसुओं की 
उस दर्द में आंसू हमारे ना बहे।
जो ख़्वाब रूठे थे हमारी जिंदगी से 
वो ख़्वाब आँखों में मगर पलते रहे।
मुंह मोड़ के रिश्ते हमारे चल पड़े 
यादों में उनकी हम मगर जीते रहे।
 आते रहे तूफ़ान हमको लीलने को 
हम मगर लहरों के संग लड़ते रहे।
जिंदगी ने कर दिया इंकार जीने से मगर 
मौत को भी हर कदम पे, मात हम देते रहे। 

Monika Jain 'पंछी'

Poem on Village in Hindi


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गाँव से शहर को आये 
बीत गये हैं कई वर्ष 
पर आज तक ना मिल सका
 गाँव जैसा स्पर्श।
गाँव की धूप में भी ठंडक का वास है  
शहर की छाँव में भी जलन का अहसास है।
गाँव में बहा पसीना भी महकता है 
शहर का सुगन्धित इत्र भी दहकता है।
गाँव के कण-कण में बिखरा है अपनापन 
शहर की भीड़ में भी खा रहा अकेलापन।
गाँव की सौंधी मिट्टी में बचपन की जान है 
शहर के महंगे खिलौने बड़े बेईमान है।
गाँव के तालाब में अक्स देख हम संवर जाते हैं  
शहर के चमकीले आईने अक्सर धोखा दे जाते हैं। 
काश! लौट पाना होता मुमकिन 
तो दौड़ आता गाँव में 
नींद आती सालों बाद 
पीपल की छाँव में।

Monika Jain 'पंछी' 

Saturday, March 2, 2013

Bal Shram par Kavita


Keywords : Bal Shram par Kavita, Poor Children, Lost Childhood, Balsharm Poem, Baal Shramik Poetry, Baal Mazdoori, Bal Mazdoor, Slogans, बाल श्रम पर कविता, बाल मजदूरी, बाल मजदूर, बाल श्रमिक, Child Labour, Shayari, Sms, Messages, Flowers Poems

फूल जो खिले ही थे कुम्हला गए
और कहीं से धूल के कण आ गए
भेंट भ्रमरों से भी तो ना हो सकी 
कोमल ह्रदय पे शूल कैसे छा गए।
दिन तो थे ये बाग़ में महकने के 
पंछियों के संग-संग चहकने के 
बहती हवा के संग-संग बहकने के 
और सूरज की तरह लहकने के
फिर कहाँ से ये अँधेरे छा  गए 
फूल जो खिले ही थे कुम्हला गए।
मासूमियत कहाँ ये इनकी खो गयी 
थी जो बचपन की रवानी सो गयी 
जाने कहाँ मुस्कान इनकी बह गयी 
इक कहानी जो अधूरी रह गयी 
मोड़ ये जीवन में कैसे आ गए 
फूल जो खिले ही थे कुम्हला गए।

Monika Jain 'पंछी'


Friday, March 1, 2013

Essay on Indian Farmers in Hindi


Keywords : Essay on Indian Farmer in Hindi, Article on Agriculture Development in India, Agricultural Revolution, Ways to Improve Farming Sector, Farmers Welfare, Krishi Vikas Yojna, Kisan, Nibandh, Lekh, Write Up, Anuchched, हिंदी निबन्ध, लेख, किसान, कृषि विकास, अनुच्छेद, Paragraph 

यह हमारे देश की विडंबना है कि देश का अन्नदाता जो दिन-रात कड़ी मेहनत करके फसल तैयार करता है, वही गरीबी की मार से परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो जाता है। उसे अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता क्योंकि अपने ऋणों का भुगतान करने, अपने परिवार का पेट पालने और भंडारण की पर्याप्त सुविधाएँ ना होने के कारण वह अपनी फसल बिचौलियों को कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर हो जाता है। दूसरी और मध्यस्थ व्यापारी महंगे दामों पर अन्न बेचकर अपनी जेबें भर लेते हैं। रही सही कसर प्राकृतिक आपदाओं द्वारा पूरी कर दी जाती है। 

भारत निर्माण सेना (NGO) के अध्यक्ष चेतन सिंह जी द्वारा कृषि क्षेत्र में क्रन्तिकारी परिवर्तन लाने के लिए एक बहुत ही अच्छा सुझाव हमारे प्रधानमंत्री जी को भेजा गया है  जिसका उल्लेख मैं यहाँ करना चाहती हूँ : 

Contract Farming  : इस योजना के तहत अलग से एक सरकारी विभाग का निर्माण किया जाना चाहिए। यह विभाग गरीब किसानों की भूमि को तीन वर्ष की अवधि के लिए पट्टे (lease) पर लेगा और उसी गाँव के किसानों को इस भूमि पर संविदात्मक सरकारी नौकरी (Contractual Govt. Job) के तहत खेती करने के लिए नियुक्त करेगा । नियुक्त किसानों को छठे वेतन आयोग के तहत भुगतान किया जायेगा। इस अनुबंध का हर ३ वर्ष बाद किसान की इच्छा पर नवीनीकरण किया जा सकता है। यह सरकारी विभाग कृषि क्षेत्र के अनुभवी और प्रशिक्षित लोगों की नियुक्ति भी करेगा ताकि उनके अनुभवों का लाभ कृषि क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास के लिए किया जा सके। इसके अलावा आर्थिक अभावों के चलते जिन अतिआधुनिक तकनीकों, मशीनों, उर्वरको आदि का उपयोग गरीब किसान नहीं कर पाते उन सभी सुविधाओं का उपयोग इस सरकारी विभाग द्वारा आसानी से किया जा सकता है। 

इस सुझाव पर अमल से किसानों को पट्टे पर दी गयी भूमि के लिए हर वर्ष निश्चित राशि मिलेगी। किसानों को खेती के लिए नियुक्त करने से उन्हें पूरे वर्ष का रोजगार और अच्छी मासिक आय मिलेगी। जिन किसानों के पास स्वयं की भूमि नहीं है उन्हें भी नियुक्त किया जा सकेगा। अब किसानों को ऋण नहीं लेना पड़ेगा और ना ही प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलनी होगी। देश का अन्नदाता जिसे पहला अधिकार है एक अच्छे सुविधायुक्त जीवन यापन का, वह अधिकार उसे मिल पायेगा और गरीबी को कम करने में भी सहायता मिलेगी. 

दूसरी ओर देश के संसाधनों का इष्टतम उपयोग हो पायेगा। शिक्षित और अशिक्षित सभी वर्गों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। उन्नत तकनीकों के उपयोग से वह कृषि क्षेत्र जिस पर हमारे देश की 70 % आबादी निर्भर करती है, उसका सम्पूर्ण विकास हो सकेगा। गाँवों से शहरों की ओर पलायन रुकेगा। कृषि उत्पादन बढ़ेगा जिससे GDP में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ेगा। कृषि उत्पादों के मूल्य नियंत्रित रहेंगे। गाँवों का विकास होगा और आर्थिक असमानता दूर होगी। कुल मिलाकर एक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार करने में मदद मिलेगी।


Here is the complete detail about the proposed plan :