Saturday, January 18, 2014

Inspirational Stories in Hindi


Inspirational Stories in Hindi Language for Students, Kids, Children, Prernadayak Kahani, Prerak Kahaniyan, Short Inspiring Tales, Prernatmak Kathayen, Prerna Katha, Inspiration Tale, Small Stone Story, प्रेरणादायक हिंदी कहानियां, प्रेरणात्मक लघु कथाएं, प्रेरक कहानी, प्रेरणा कथा 

(1) 

Inspirational Story : कष्टों को सहना सीखो 

एक रात एक मूर्तिकार ने एक विचित्र स्वप्न देखा. वह एक छायादार पेड़ के नीचे बैठा था. सामने एक पत्थर का टुकड़ा पड़ा था. मूर्तिकार ने पत्थर का टुकड़ा उठा लिया और अपने थेले में रखे औजार निकाल कर पत्थर को तराशने के लिए जैसे ही उस पर पहली चोट की वह चिल्लाने लगा, ‘मुझे मत मारो’. दूसरी चोट पर वह रोने लगा. मूर्तिकार ने पत्थर का वह टुकड़ा वापस जमीन पर रख दिया और अपनी पसंद का कोई दूसरा पत्थर उठा कर उसे तराशने में लग गया. 

उस पत्थर ने कोई आवाज़ नहीं की और चुप-चाप वार सहन करता रहा. कुछ ही समय में वह पत्थर एक देवी की मूर्ति में तब्दील हो गया. वह मूर्तिकार मूर्ति को वहीँ पेड़ के नीचे रखकर आगे चला गया. एक दिन वह मूर्तिकार उसी रास्ते से गुजर रहा था. वहां पहुंचकर उसने देखा कि जो देवी की मूर्ति उसने बनायीं थी, उसकी पूजा अर्चना हो रही थी. वहां बहुत भीड़ लगी थी. भजन आरती आदि गाये जा रहे थे. दर्शन के लिए भक्तों की लम्बी कतार लगी थी. जब वह मूर्तिकार उस मूर्ति के पास पहुंचा तो उसने देखा मूर्ति के सामने तरह-तरह की मिठाइयाँ, फल, मेवे और भी बहुत सी वस्तुएं रखी हुई थी. 

उसकी नजर उस पत्थर पर भी पड़ी जो उसने पहले उठाया था और जो रोने लगा था. वह टुकड़ा भी एक कोने में पड़ा था और भक्त उसके सर पर नारियल फोड़-फोड़ कर देवी की मूर्ति पर चढ़ा रहे थे. 

तभी अचानक मूर्तिकार का सपना टूट गया और वह इस विचित्र से सपने के बारे में सोचने लगा. उसने इस सपने का यह निष्कर्ष निकाला कि जो लोग आरम्भ में कष्ट झेल लेते हैं उनका जीवन बन जाता है और वे सभी से सम्मान पाते हैं...और जो चुनौतियों और कष्टों से डर जाते हैं, बचना चाहते हैं और भाग खड़े होते हैं उन्हें जीवन भर कष्ट झेलना होता है. उनका कोई आदर नहीं करता. 

(2)

Inspirational Story : खेत का पत्थर 

अजयनगर में सोमू नाम का एक किसान रहता था. उसके खेत के बीच में एक पत्थर दबा हुआ था जिसका एक किनारा जमीन से ऊपर निकला हुआ था. खेत में आते जाते कई बार वह उस पत्थर से टकराकर गिर जाता था. कई बार उसके औजार भी उस पत्थर से टकराकर टूट जाते थे. एक दिन जब वह खेत में हल चला रहा था तो वह हल भी उस पत्थर से टकराकर टूट गया. इस बार सोमू को बहुत गुस्सा आया. उसने किसी भी तरह उस पत्थर को निकाल फेंकने का निश्चय किया. वह दौड़ कर गया और कुछ गाँव वालों को बुलाकर लाया. 

उसने लोगों से कहा, ‘दोस्तों, इस पत्थर को बाहर निकालने में मेरी मदद करो. इसकी वजह से आये दिन कुछ ना कुछ नुकसान होता रहता है.’ यह कहकर उसने जैसे ही पत्थर पर फावड़े से वार किया पत्थर हिलता हुआ नज़र आया. और दो-तीन वारों में पूरा पत्थर ही बाहर निकल आया.

साथ आये लोगों में से एक ने हँसते हुए कहा, ‘ तुम तो हमें ऐसे बुलाकर लाये जैसे कि कोई चट्टान निकलने वाली हो.’ 

सोमू को यह देखकर आश्चर्य के साथ दुःख भी हुआ कि सालों से जिसे वह एक भारी चट्टान समझ रहा था वह तो छोटा सा पत्थर निकला. अगर उसने पहले ही कोशिश की होती तो उसका इतना नुकसान तो ना होता और ना ही मजाक बनता. 

How are these Inspirational Hindi Stories ?

Note : These Inspirational Stories are not my own creations.