Wednesday, March 25, 2015

Love Shayari in Hindi

इश्क शायरी, प्रेम दिवस मुक्तक, मोहब्बत, प्यार. Love Sher O Shayari in Hindi for Girlfriend, Boyfriend, Husband, Wife. Romantic Lines, Heart Slogans, Dil Sms.

Love Shayari

(1)

शब्दों के गुलदस्ते अब असर नहीं करते
प्रेम है कितना, ये भांप लेती हूँ।
छोटी-छोटी सी चीजों से झलक जाता है
दिल कितना है बड़ा, ये नाप लेती हूँ।

(2)

पहले चुभती थी तेरी बातें, फिर तुझसे भी इश्क हो गया।
अब
तेरे फूलों से भी प्यार, तेरे काँटों से भी प्यार...बेशुमार।
 
(3)

तू मुझमें नज़र आने लगा
मैं तुझमें नज़र आने लगी
और रफ़्ता-रफ़्ता प्यार की
मदहोशी सी छाने लगी।

(4)

अब ना रही मुझे किनारों की तलाश कोई
अब तो जी बस तेरे इश्क में डूब जाने को करता है।

(5)

सिर्फ एक ख़्वाब सारे ख़्वाबों पर भारी है
किसी एक शख्सियत पे जमाने भर की खुशियाँ वारी है।

(6)

दिनोंदिन गहराता चला जा रहा है
रंग जो तूने कभी लगाया ही नही।

(7)

दिल मेरा गर मजबूर ना होता
तो तू मुझसे इतना दूर ना होता
तुझे बताती मेरा दिल कितना गहरा है
पर छोड़ अभी इस पर मजबूरियों का पहरा है।

(8)

मैं समझकर भी नासमझ बन जाती हूँ
जो तुम समझाते हो तो जाने क्यों अच्छा लगता है।

(9)

तुम्हें कोई अनजाने में भी कुछ न कहे
बस इसलिए उसने कह दिया हकीकतों को भी फसाना।

(10)

अब तो आदत हो चुकी है
तेरी नफ़रत के साथ जीने की
तेरे गुस्से और कड़वाहट को भी
प्यार समझकर पीने की।

(11)

जो मैं कमजोर होती तो शायद नफरत कर बैठती
प्यार अक्सर मजबूत लोगों के नाम होता है
जोड़ना जहाँ सबसे मुश्किल होता है
वहीँ तोड़ना सबसे आसान काम होता है।

(12)

हमारे रिश्ते को बचाने की मेरी एकतरफ़ा कोशिशे
ना मेरी कमजोरी थी और ना ही मेरी जरुरत
प्यार करना है आसान और निभाना है मुश्किल
तो समझो बस ये मुश्किलों से मेरी चाहत थी।

(13)

मुश्किलों से हमारी मोहब्बत का आलम तो देखिये
एक पत्थर को प्यार करना सिखाने चले हैं।

(14)

सजा तो मिलनी ही थी
गुनाहे इश्क हम जो कर बैठे
खूबियों को तो छोड़िये
उनकी खामियों पर भी मर बैठे।

(15)

अपनी गहराई पे इतना गुरुर न कर ऐ समंदर!
पानी है तेरा खारा, इश्क जहाँ पनप नहीं सकता।

(16)

वज़ीफ़ा सी संभालकर रखी थी तिरी मोहब्बत
होश आया और वज़ीफ़े बंट गए।
(वज़ीफ़ा : Scholarship, Prayers)

(17)

दिल दिल्लगी ये सब सर के ऊपर से जाते हैं
और भी है कई काम जो हमको करना आते हैं।

(18)

तेरी कैद से आज़ाद होकर जाना
प्यार दर्द नहीं एक खुशनुमा अहसास है
तू कहीं भी नहीं है अब
पर प्यार हर पल मेरे आसपास है।

(19)

जानती हूँ आसान नहीं है सबको चाह पाना
पर कोशिश करने में कोई बुराई तो नहीं।

(20)

हमारे लिए प्यार की अपनी परिभाषा है
प्यार है तभी तो जीने की आशा है
प्यार कभी झुकता नहीं, हमेशा ऊपर उठाता है
पर किसी एक से किया प्यार, जिंदगी भर रुलाता है।

(21)

आशिकी और मोहब्बत ना सही
पर एक शब्द हम बेहतर जानते हैं
उसे हम प्यार कहते हैं
जो हम सबसे करना जानते हैं।

(22)

जाने किस-किस और क्या-क्या से गुजर कर पहुँचे है हम यहाँ
प्रेम हमने हर रोज बढ़ते अंगारों पर चलकर सीखा है।

Monika Jain ‘पंछी’

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