Monday, July 11, 2016

Akbar Birbal Stories in Hindi

अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियां, रोचक किस्से, कथा, कहानी. Akbar Birbal Stories in Hindi for Kids. Beerbal ke Mazedar Rochak Kisse, Kahaniyan, Tales, Katha.

1.

रंग का राज
 
एक बार बीरबल बादशाह अकबर के दरबार में देर से पहुंचे। उन्होंने देखा कि बादशाह सहित सभी दरबारी हंस रहे हैं। उन्होंने बादशाह से पूछा, ‘बादशाह सलामत, आप सभी क्यों हंस रहे हैं?’
 
अकबर को मसकरी सूझी। उन्होंने कहा, ‘कोई खास बात नहीं बीरबल, हम लोग अपने रंग के बारे में बात कर रहे थे। जैसे ज्यादातर दरबारी गौरे हैं। मैं स्वयं गौरा हूँ लेकिन तुम्हारा रंग हमसे काला क्यूँ हैं?’
 
बीरबल भी कम नहीं थे। उन्होंने हमेशा की तरह तुरंत जवाब दिया, हुजुर, ‘आप मेरे रंग का राज नहीं जानते इसलिए ऐसा पूछ रहे हैं।’
 
बादशाह अकबर ने उत्सुकता से पूछा , ‘कैसा राज बीरबल?’
 
बीरबल ने बताया, हुजूर माफ़ करें। जब भगवान् ने संसार की रचना की तो पेड़-पौधे, पशु-पक्षी बनाकर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने फिर मानव बनाया। वे उसे देख बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने फिर सभी मनुष्यों को रूप, बुद्धि तथा धन देने का विचार किया और प्रत्येक को पांच मिनट का समय देते हुए कहा कि वे अपनी रूचि से कुछ भी ले सकते हैं। तो हुजूर मैंने अपना सारा समय बुद्धि इकट्ठी करने में लगा दिया। बाकी चीजों को लेने का समय ही नहीं बचा था। आप सभी ने रूप और धन इकट्ठा करने में सारा समय लगा दिया। अब बाकी के लिए क्या कहूँ? आप ही समझ लीजिये।’
 
सारे दरबारी बीरबल की बात सुनकर सन्न रह गए। बादशाह अकबर बीरबल की बात समझ गए और उनकी हाजिर जवाबी पर खिलखिला कर हंस पड़े।
 
2.

सर्वश्रेष्ठ आयुध

एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से सवाल किया, ‘सबसे अच्छा आयुध कौनसा है? खड़ग, भाला, तोप या फिर तलवार?’

बीरबल ने कहा, ‘हुजूर, सभी हथियार अपनी जगह उत्तम है, किन्तु एक ऐसे आदमी के लिए जो समय के अनुसार सही सोच सकता है उसके लिए आयुध कोई समस्या नहीं है। वह अपने तेज दिमाग का प्रयोग कर किसी को भी आयुध की तरह इस्तेमाल कर सकता है।’

बादशाह बोले, ‘यह बकवास है। ऐसा कैसे संभव हो सकता है?’

बीरबल ने कहा, ‘हुजुर, सही समय आने पर सत्य प्रकट हो जायेगा।’

अगले ही दिन अकबर और बीरबल अपने कुछ सिपाहियों के साथ घूमने निकले। उन्होंने कुछ लोगों को घबराये हुए उन्हीं की और भागकर आते हुए देखा। बीरबल ने एक को रोककर भागने का कारण पूछा तो उसने बताया कि राजभवन का एक हाथी जंजीर तोड़कर मार्ग पर आ गया है और रास्ते में आने वालों को मार रहा है। अभी वह इसी तरफ आ रहा है।

तभी हाथी के चिंघाड़ने की आवाज़ सुनाई दी। अकबर ने अपनी तलवार निकाली और इसी के साथ बाकी सभी सेनिको ने भी अपनी-अपनी तलवारें निकाल ली। लेकिन वे सभी जानते थे कि हाथी का सामना इन तलवारों से नहीं किया जा सकता है। सभी असहाय से बीरबल की ओर देखने लगे।

बीरबल उस समय दीवार पर सोयी एक बिल्ली को देख रहे थे। वे धीरे से गए और बिल्ली को पकड़ लाये। जैसे ही हाथी आया उन्होंने बिल्ली को हाथी की पीठ पर फेंक दिया। बिल्ली डर के मारे हाथी की पीठ पर पंजे मारने लगी। हाथी ने उसे ज्यों ही अपनी सूंड से पकड़ना चाहा, वह कूदकर भाग गयी और झाड़ियों में छिप गयी। हाथी उसे पकड़ने के लिए उसके पीछे भागने लगा। इस तरह सभी की जान बच गयी।

अकबर ने बीरबल से कहा, ‘शाबाश बीरबल, तुमने हाथी से रक्षा के लिए एक बिल्ली का आयुध के रूप में उपयोग किया। तुमने बिल्कुल सही कहा था कि हथियार का चुनाव समय और परिस्थिति पर निर्भर करता है।’ यह कहकर उन्होंने मुस्कुराते हुए बीरबल का अभिनन्दन किया।

How are these short hindi stories of Akbar and Birbal?