Friday, July 11, 2014

Essay on Patriotism in Hindi


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देशभक्ति के मायने 

यह भिन्न-भिन्न प्रकार के दिवस मनाने का चलन जबसे चला है तब से ही हमारे जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण लोग और चीजें सभी एक दिन विशेष में सिमटते जा रहे हैं. फिर चाहे वह फादर्स डे हो, मदर्स डे हो, वैलेंटाइन्स डे हो, वाटर डे हो, इंडिपेंडेंस डे हो या फिर रिपब्लिक डे. 

बस दिन आता है, थोड़ी कवितायेँ लिखी जाती है, भाषण दिए जाते हैं, पोस्टर्स और बैनर्स लगाये जाते हैं, स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताएं होती है, सभाएं होती है, नाश्ता-पानी होता है और मन जाता है कोई भी दिवस. 

आजकल हमारी देशभक्ति और देशप्रेम भी तो कुछ दिनों में ही सिमट कर रह गया है. पर क्या देशभक्ति का मतलब सिर्फ तिरंगा झंडा गाड़ना या नारे लगाना भर है ? क्या बस स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर वन्दे मातरम् या जन-गण-मन गाकर हमारे कर्तव्यों की इति श्री हो जाती है ? क्या देशप्रेम से ओतप्रोत फिल्में देखकर कुछ पलों के लिए भावुक हो जाना, 2-4 आंसू बहा देना देशभक्ति है ? क्या अपने वाहनों पर तिरंगा लहराना, अपने मोबाइल में देशभक्ति की हैलो ट्यून बजाना, अपने स्क्रीन सेवर, वॉलपेपर सबको देशपभक्ति के रंग में रंग देना मात्र है देशप्रेम ? क्या आई लव माय इंडिया के स्टेटस फेसबुक पर डालना और क्रिकेट मैच के दौरान पूरे शरीर को तिरंगे के रंगों से भर लेना है देशभक्ति ? क्या चीन और पाकिस्तान पर गालियों की बौछारें कर देना है देशप्रेम ?

नहीं, बिल्कुल नहीं. देशभक्ति तो मातृभूमि के प्रति सम्मान, स्वाभिमान और वफ़ादारी की निरंतर रहने वाली भावना है. जो सिर्फ हमारी बातों और विचारों से ही नहीं छलकती बल्कि हमारे कार्यों और रुचियों से भी झलकती चाहिए. लेकिन आजकल राष्ट्रप्रेम एक क्षणिक आवेग बन गया है जो समय के साथ धुंधला जाता है. 

बेशक हर किसी के लिए सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देना संभव नहीं है. देशभक्ति का दायरा केवल बाहरी शत्रुओं से लड़ना भर भी नहीं है. आज जब देश के भीतर ही देश के कई शत्रु विद्यमान है ऐसे में देशभक्ति का दायरा बहुत विस्तृत हो जाता है. एक स्वस्थ, सुन्दर, संपन्न, विकसित, शिक्षित, खुशहाल, अपराध मुक्त, नैतिक मूल्यों से युक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान करके भी हम सच्चे अर्थों में देशभक्त कहला सकते हैं. 

अपने घर के साथ-साथ अपने मौहल्ले, शहर, देश, प्राकृतिक धरोहरों, पर्वत, नदियाँ, वन, झरने, तालाब सबसे प्यार करना और उन्हें स्वच्छ और सुन्दर बनाये रखना है देशभक्ति. आप जिस भी पेशे में हैं, ईमानदारी से उसे निभाना, निरंतर सुधार और बेहतरी की ओर बढ़ना है देशभक्ति. फ़िल्मी हीरो हीरोइन के प्रेम प्रसंग के बारे में बातें करने की बजाय देश, समाज और राजनीति में आ रहे परिवर्तनों पर नज़र रखना और सरकार के गलत रवैये और गलत नीतियों के खिलाफ़ सीना तानकर खड़े रहना है देशभक्ति. अपनी मातृभाषा का सम्मान करना, उसका प्रचार-प्रसार और विकास करना है देशभक्ति. 

हम अपने देश से प्यार करते हैं तो हमें आज और अभी से नशा करना छोड़ना है. नारी का सम्मान करना है. अपने काम बनवाने के लिए रिश्वत देना और लेना बंद करना है. देशहित से जुड़े मुद्दे पर आन्दोलन करते समय आवेग में आकर सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाना है. स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक प्रयोग करना है. हमें जाति, धर्म, क्षेत्र, भाषा जैसे संकीर्ण मुद्दों से ऊपर उठकर संगठित बनना है. निजी स्वार्थों और भय के चलते किसी भी गलत नेता को वोट नहीं देना है. सड़क पर चलते समय हमें सड़क के नियमों का पालन करना है. हमें देशभक्ति को महज एक किताबी लफ्ज़ नहीं बनने देना है. हमें सही मायनों में देशभक्त बनना है. 

By Monika Jain ‘पंछी’ 

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