Saturday, June 11, 2016

Ghazal on Life in Hindi

ज़िन्दगी हिंदी ग़ज़ल, जीवन शेर ओ शायरी, नज़्म, कविता. Ghazal on Life in Hindi. Zindagi Sher O Shayari, Jindagi Gazal, Jeevan Nazm, Poetry, Kavita, Poem, Muktak.

ज़िन्दगी

तेज चुभती धूप में कहीं हल चलाती ज़िन्दगी
सागर किनारे रेत में कहीं झिलमिलाती ज़िन्दगी।

कहीं फूल बिखरे हैं पड़े, कहीं काँटें आकर हैं खड़े
कहीं मखमली, कहीं चुभन का अहसास लाती ज़िन्दगी।

एक रोटी बाँटते कहीं चार भूखे नौनिहाल
कहीं हलवा, पूड़ी, खीर से भी मुँह चिढ़ाती ज़िन्दगी।

मंगल विजय के गीत गाये जा रहे हैं एक तरफ
कहीं सर्द बारिश में ठिठुरकर हार जाती ज़िन्दगी

कहीं आसूँओं से भीगती, कहीं मुस्कुराहटों में खिली
कहीं आसमां को चूमती, कहीं डूब जाती ज़िन्दगी।

कहीं ख़्वाब बुनते दिल यहाँ, कहीं टूटे दिल की किरचियाँ
कहीं नफरतें, कहीं प्रेम के, सुर मिलाती ज़िन्दगी।

कहीं सीढ़ियों पे सीढियाँ चढ़ रहे हैं हौंसले
कहीं आँधियों में उलझकर ठहर जाती ज़िन्दगी।

कहीं भीड़ में तनहा है दिल, कहीं तनहा दिल में शोर है
खोने-पाने के इस भँवर में कसमसाती ज़िन्दगी।

जिंदादिली का नाम है, कहीं बेवजह परेशान है
कहीं दर्द में भी हँसती है, कहीं यूँ ही कराहती ज़िन्दगी।

धूप-छाँव, शीर्ष-गर्त और अँधेरा-रोशनी
नित-नए रंगों में देखो, उभर आती ज़िन्दगी।

By Monika Jain ‘पंछी’

Life is beautiful but full of ups and downs just like seesaw. Its filled with many twist and turns. Happiness-sorrow, victory-defeat, day-night, hopes-depression, comfort-problems, prosperity-poverty all are the two sides of this coin of life. For someone it may be the bed of rose but for the other it may be a way filled of thorns. Even for the same person life is always changing. One should be always ready to face all these challenges of life to make it worth.

How is this hindi ghazal on life?