Saturday, May 31, 2014

Intezar Poem in Hindi


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किसी के इंतजार में दो आँखें 

अँधेरे में वो दो आँखें 
कुछ हैरान, कुछ परेशान 
सहमी हुई और दबी हुई उसकी आवाज़
कुछ कहने को थी.

जैसे एक सदी बीत गयी हो और 
पलकों पर कोई सपना सजा रखा हो 
किसी के इंतजार में 
जिंदगी जैसे थम सी गयी हो. 

इन टूटे हुए शीशों के टुकड़ों ने 
ना जाने कितने राज़ दबा रखे हो 
होंठ है कि हँसना भूल चुके हो 
आंसू लगता है जैसे सूख चुके हो. 

पास ना होकर भी क्यों वो पास लगते हैं 
कानों में उनकी आवाज़ क्यों गूंजती है 
बीत गए वो दिन जब हम थे यहाँ 
अब तो बस ये जिंदगी वीरानी सी लगती है. 

थक गए यूँ चलते चलते 
भटक से गए अपनी मंजिलों से 
वो हवाएं भी अब रोती है 
जो कभी ख़ुशी-ख़ुशी गुनगुनाती हुई मिलती थी हमसे. 

राख हो गए सपने जो सजाये थे कभी 
दिल है कि अब भी अंधेरो में रोशनी ढूंढता है 
दबी हुई यादों में अब भी जिंदा हो तुम कहीं
धुल गए आंसूओ में सब रंग 
पर उमंगें है कि बुझती ही नहीं. 

ऐसा लगता है वो खफ़ा पहले से था 
दर्द सुनने से पहले उन्होंने अपने शिकवे सुना दिए 
खुशियाँ कभी हमारी किसी को रास ना आई 
ज़माने के सामने हम हँसे और घर आकर हम रो दिए.

हारकर भी उम्मीद अभी जिंदा है 
इसको जिद कहूँ या फिर नज़ाकत दिल की 
मालूम है जबकि वो मेरी तकदीर में नहीं 
फिर भी उनका इंतजार क्यों है.

शायद ऐसा पहले भी कहीं सुना हो 
एक टूटे दिल की कविता किसी ने लिखी हो 
पर दर्द सबका एक सा नहीं होता 
सब का प्यार सच्चा होता नहीं. 

माना कि आरज़ू मेरी दिल में रह गयी 
ज़िन्दगी तन्हा और वीरानी सी बन गयी 
बरसों से कोशिश में हैं कि उनको भूल जाएँ 
चलो इसी कोशिश में एक और रात कट गयी. 

By Chetan Dheer 

Thank you Mr. Chetan for sharing this touching poem on wait ( intezar) in love. 


Saturday, May 24, 2014

Broken Heart Poem in Hindi


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डरती हूँ मैं 

इन आँखों में बसने लगी 
सपनों की दुनिया फिर एक बार
डरती हूँ कहीं फिर से ना टूट जायेंगे दिल के तार
टूटे सपनों का दर्द सह चुकी हूँ कई बार
अब ना समेट पाऊँगी दिल के टुकड़े हजार.

टूटा ख़्वाब मेरी आँखों में आंसू दे जाता है 
नया सपना डर-डर के इन पलकों में समाता है
नयी आशा आँखों में चमक दे जाती है 
कड़वी यादों में कहीं वो भी गुल जाती है
कड़वी यादें कुछ इस तरह याद आती है 
होठों की मुस्कान एक पल भी ना ठहर पाती है.

रोशनी से जब आँखों को भरती हूँ 
ढलती शाम का अँधेरा याद आता है
कैद कर ख्वाबों को आँखों में जब सोती हूँ
टूटा हुआ ख़्वाब और सवेरा याद आता है
जब साथ किसी अपने का कुछ पल पाती हूँ
तनहाई का घनघोर अँधेरा याद आता है.

देखती हैं आँखें एक खिलखिलाता चेहरा 
पलकों में समेट लेती हूँ एक मुस्कुराता चेहरा 
उठते हैं कदम चीर कर अँधेरा
नज़र आता है रोशनी से भरा सवेरा 
अगले ही पल आंधी की एक बयार आती है 
अश्क बहते हैं और आँखें सूनी रह जाती है. 

इन आँखों में बसने लगी 
सपनो की दुनिया फिर एक बार
डरती हूँ कहीं फिर से ना टूट जायेंगे दिल के तार. 

By Monika Jain 'पंछी'

Its not only the heart that breaks. Broken heart results in broken dreams, broken desires and broken hopes too. Broken hearts never fully mend. Fear always remains there. If once our trust is broken badly by someone then it damage the word trust itself for forever in the dictionary of our life. How is this hindi poem of a broken heart ? Feel free to tell via comments. 


Monday, May 19, 2014

Poem on Time in Hindi


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(1)

वक्त का धोखा 

सालों पहले 
अपने-अपने सपनों के साथ 
हमने कदम बढ़ाये थे
मिलते रहेंगे यूँ ही हमेशा 
ख़्वाब कुछ आँखों में बसाये थे.

तुम चले गए और 
वक्त मेरे पैरों में जंजीरे बांध 
बहुत आगे बढ़ गया.

मैं आज भी वहीँ खड़ी हूँ 
तुम्हारे इंतजार में 
कि शायद तुम एक दिन आओगे 
और मुझे वक्त की उन बेड़ियों से 
आज़ाद कराओगे.

पर मैं भूल गयी थी 
जो बढ़ गया है आगे 
वो कब लौट कर आया है 
जिसे वक्त ने ही बुरी तरह छला हो 
भला उसका साथ किसने निभाया है.

By Monika Jain ‘पंछी’ 

(2)

समय प्रबंधन 

समय की बर्बादी है जीवन का अपमान 
करेगा समय प्रबंधन तो रोशन होगा नाम 
रोशन होगा नाम समय ना कर तू जाया 
रोज सवेरे उठकर मैंने था समझाया 
कहती पंछी अब पछताने से क्या पायेगा 
निकल गया जो वक्त हाथ से अब ना आएगा. 

By Monika Jain ‘पंछी’ 

(3)

वक्त के साथ 

वक्त का पता नहीं चलता 
अपनों के साथ 
पर अपनों का पता चल जाता है 
वक्त के साथ.

पहले सिर्फ सुना था
अब महसूस भी किया है 
इस रंग बदलती दुनिया में
ना कोई अपना ना पराया है.

बदलते वक्त के साथ
कितना कुछ बदलता है 
कभी था जो अपना
देखो आज जहर उगलता है.

खुली रह जाती हैं आँखें
सिल जाते हैं होंठ 
जब दिल पर करता है
कोई अपना गहरी चोट.

ना पालो किसी से आशा
ना रखो कोई उम्मीद 
वरना ख़्वाब टूटेगा एक दिन 
और उड़ जायेगी नींद.

By Monika Jain ‘पंछी’ 

How are these hindi poems on time ? Feel free to tell via comments. 


Saturday, May 17, 2014

Poem on Save Daughters in Hindi


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मुझे धरा पर आने दो

सुनो करूण भरी मेरी एक मूक पुकार
माँ के गर्भ में हूँ मैं विवश लाचार
निर्बल, निरीह, निसहाय नन्हीं सी जान
हूँ पर परमपिता परमात्मा की सन्तान
मुझे भी पृथ्वी के हर दृश्य देखने दो
मुझको अब यह जीवन धारण करने दो
मुझे मत मारो मुझको धरा पर आने दो.

माता हौवा, बाबा आदम का विस्तार मैं
परनानी, परदादी का पुर्न:अवतार मैं
पिता तुम्हारे वंश बेल की कोपल मैं
माता तुम्हारी परछाईं की कोयल मैं
गुड्डे-गुड़ियों के संग मुझको खेलने दो
मुझको अब यह जीवन धारण करने दो
मुझे मत मारो मुझको धरा पर आने दो.

घर द्वार पर किलकारी मुझको भरने दो
आँगन की तुलसी बन मुझको महकने दो
गगन में उन्मुक्त होकर मुझको उड़ने दो
धरती पर कली बन मुझको खिलने दो
परियों की कहानियां मुझको सुनने दो
मुझको अब यह जीवन धारण करने दो
मुझे मत मारो मुझको धरा पर आने दो

पिताजी तुम्हारे वृद्ध हाथों की लाठी बनूगी
माँ जी तुम्हारी वृद्ध आँखों की रोशनी बंनूगी
घर गृहस्थी के कर्तव्यों का पालन करूंगी
बेटी-बहिन, पत्नी, माँ के फर्ज निभाउंगी
सुख-दुख, गर्मी-सर्दी में पलने बढ़ने दो
मुझको अब यह जीवन धारण करने दो
मुझे मत मारो, मुझको धरा पर आने दो

अश्विनी कुमार वर्मा 
मुख्य रसायनज्ञ , हजीरा संयंत्र

We are witnessing advancement in every field but biased behavior against the girl child is still prevailing in our country. It’s a very serious issue to think about. 

Thank you Mr. Ashwani Kumar Verma for sharing this poem on a very crucial social issue of save daughters. Hope it will have an effect on some people to change their mind set. 

Thursday, May 15, 2014

Spinach Health Benefits in Hindi


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Spinach Health Benefits / पालक के फायदे 
  • पालक स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी सब्जी है.
  • पालक में पाए जाने वाले मुख्य तत्व कैल्शियम, सोडियम, क्लोरीन, फॉस्फोरस, आयरन, खनिज लवण, प्रोटीन, श्वेतसार, विटामिन ए एवं विटामिन सी आदि हैं.
  • पालक में मौजूद अजैविक नाइट्रेट के कारण मांसपेशियां मजबूत बनती है. यह बाहों को गठीला और मजबूत बनाता है.
  • पालक एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है. पालक डार्क सर्कल्स को कम करता है और झुर्रियों से भी बचाता है. 
  • पालक में आयरन, फॉलेट, फाइटोकेमिकल्स, विटामिन्स आदि होते हैं. यह ह्रदय रोग से सुरक्षा देने के अलावा भी कई रोगों से लड़ने की क्षमता रखता है. 
  • पालक ह्रदय रोग से सुरक्षा देने के अलावा भी कई लोगों से लड़ने की क्षमता रखता है. यह ऊर्जा का अच्छा स्त्रोत है.
  • पालक की सब्जी रुचिकर और शीघ्र पचने वाली होती है. पालक के बीज मृदु, विरेचक एवं शीतल होते हैं. कठिनाई से आने वाली श्वास, यकृत की सूजन और पांडू रोग में फायदेमंद होते हैं. 
  • पालक का पेस्ट अगर चेहरे पर लगाया जाए तो यह झुर्रियों को खत्म करता है 
  • पालक का सेवन पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है. 
  • खांसी और फेफड़ों में सूजन आने पर पालक के रस के सेवन से लाभ पहुंचता है. 
  • पालक के रस के नियमित सेवन से याद्दाश्त बढ़ती है और आँखों की रोशनी में भी इजाफ़ा होता है.
  • पालक में पाया जाने वाला आयोडीन मानसिक थकावट को दूर करता है. 
  • पालक के आयरन का उपयोग करने के लिए इसका सेवन विटामिन सी के साथ किया जाना चाहिए. 
Note : किसी भी तरह का उपचार / उपाय अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें. बिना चिकित्सीय सलाह के किसी भी औषधि का सेवन ना करें. 

If you are also aware about some other health benefits of spinach then feel free to submit here. 

Sunday, May 11, 2014

Giloy Health Benefits in Hindi


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Giloy Health Benefits / गिलोय के फायदे 
  • गिलोय को कई नामों से जाना जाता है जैसे : गलो, अमृता, टिनोस्पोरा कार्डिफोलिया, गुडूची आदि. 
  • यह बहुवर्षायु, बहुत फैलने वाली, सदाहरी, नीम के पेड़ पर चढ़ने वाली, बहुत कड़वे स्वाद वाली आयुर्वेद की महत्वपूर्ण औषधि है. 
  • इसके पत्ते नागरबेल के पान और मनीप्लांट के पत्तों जैसे होते हैं. 
  • इसे चूर्ण के रूप में, काढ़े में एक अंश या सत्व के रूप में या ताजा निकाले रस के रूप में प्रयोग किया जाता है. यह बहुत गुणकारी औषधि है. 
  • गिलोय के रस को उबालकर, गाढ़ा होने पर बनायीं गयी गोलियां हमेशा बने रहने वाले धीमे बुखार में लाभदायक है. 
  • गिलोय चूर्ण के रस या रात को भिगोकर सुबह निचोड़ कर बनाये गए पानी को पीने से शरीर, हाथ पैरों और आँखों की जलन मिटती है. गर्मी से होने वाले अन्य विकार भी दूर होते हैं.
  • गिलोय, नीम, अनंत मूल और खैर का काढ़ा बनाकर पीने से पुराने चर्म रोग, रक्त विकार, खुजली, शरीर की जलन आदि मिट जाती हैं. 
  • गिलोय के ताजा रस का नियमित रूप से सेवन करने से यूरिन ब्लेडर की सूजन, दर्द, जलन आदि में कमी आती है. ख़ून में क्रिएटिनीन, यूरिक एसिड, यूरिया, मूत्र में रक्त का आना, रक्त विषमता और नेक्राइटिस आदि में भी लाभ पहुंचता है. 
  • गिलोय, आवंला और हल्दी का समान मात्रा में ताजा रस, चूर्ण और काढ़ा लेने से सभी तरह के बहुमूत्र रोग मिटते हैं. मधुमेह में भी लाभ पहुंचता है. 
  • हर तरह के विषम ज्वर जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और पित्त के बुखारों में आदि में भी गिलोय का रस, काढ़ा या सत्व लाभ पहुंचाता है. 
  • एसिडिटी और पेप्टिक अल्सर में गिलोय का रस और सत्व दोनों ही राहत देते हैं. इसके कड़वेपन को कम करने के लिए इसमें शहद मिलाया जा सकता है. 
  • गिलोय का सेवन बढ़ी हुई तिल्ली व यकृत, अम्लपित्त, जीर्ण ज्वर, गठिया आदि में लाभदायक है. यह ओजवर्द्धक और दीर्घायु प्रदान करने वाली औषधि है. 
Note : किसी भी तरह का उपचार / उपाय अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें. बिना चिकित्सीय सलाह के किसी भी औषधि का सेवन ना करें. 

If you are also aware about some other health benefits of giloy then feel free to submit here.


Wednesday, May 7, 2014

Poem on Silence in Hindi


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ख़ामोशी क्यों कभी ख़ामोश नहीं रहती ?

ख़ामोशी क्यों कभी ख़ामोश नहीं रहती ?
मन के समंदर में
उठते हैं तूफ़ान
और उमड़ती है अनगिनत लहरें 
किनारों की तलाश में
पर हर लहर को किनारों का
सहारा नहीं मिलता.

खयालों के गणित में
उठते हैं अनगिनत सवाल
अबूझे और असुलझे
जवाबों की तलाश में
पर हर सवाल के नसीब में
सुलझा कोई ज़वाब नहीं होता.

क्यों उलझनों में उलझा मन
सुलझने की चाह में
और उलझ जाता है
क्यों मन की लहरों का तूफ़ान
थमने की बजाय
और उबल जाता है.

खुद जवाब ही कभी कभी
समय के झंझावातों में उलझ
सवाल बन जाते हैं 
लहरों से टकराते-टकराते
सागर के किनारें भी
एक दिन बदल जाते हैं.

इस ख़ामोशी में छिपे हैं 
सेकड़ों अहसास
चाहते हैं बोलना बेहिसाब 
सुबकते हैं, चिल्लाते हैं 
शोर मचाते हैं 
कुछ ना कहकर भी 
कितना कुछ बोल जाते हैं.

दर्द भी है, तकरार भी है 
इस ख़ामोशी में कई चुप्पे 
इकरार भी हैं 
ना जाने कितने महरूम ख़्वाबों की 
ये सख्त पहरेदार भी है. 

कभी छलकती है आँखों से 
कभी होठों पे दम तोड़ जाती है 
कभी तड़पती है बातों में 
कभी कलम से कागज़ पर उतर आती है 
कितना कुछ कहती है ये ख़ामोशी 
फिर भी सदा खुद को बेचैन पाती है. 

तूफ़ान के आने से पहले और 
तूफ़ान के जाने के बाद भी 
अश्कों के बहने के साथ और 
आँखें सूख जाने के बाद भी 
शोर भरे दिन में 
और सन्नाटे की रात में भी 
ना जाने कितना दर्द ख़ामोशी है सहती 
ख़ामोशी क्यों कभी ख़ामोश नहीं रहती ? 

By Monika Jain 'पंछी'

How is this poem on silence (Khamoshi) ? Feel free to tell via comments. 


Monday, May 5, 2014

Poem on Indian Village in Hindi


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खुशनुमा ज़िन्दगी के अहसास हैं गाँव

गाँव का वो खुशनुमा वातावरण 
तपती दुपहरी में घने वृक्षों की शरण. 

वो पेड़ों के झुरमुट और वो बाग़ बगीचे
जो किसान ने अपने खून पसीने से सींचे.

वो सुन्दर सा मिट्टी का कच्चा घर 
मनभावन मांडने सजते जहाँ आँगन पर.

सृष्टि का अद्भुत नेसर्गिक सौन्दर्य 
जामुन, अमरुद, आम-मंजरी का माधुर्य. 

बसंत में सरसों के फूलों की महक 
कोयल की कूंक और चिड़ियों की चहक.

पनघट पे जाती पनिहारियों की बोली 
तालाब में नहाते बच्चों की टोली.

वो बरगद के नीचे बड़ा सा चबूतरा 
हंसी के ठहाके और मनोरंजन जहाँ बिखरा.

खेतों में गेहूं की बालियाँ लहराती 
बागों के झूलों में कोई गोरी इठलाती. 

गोधूली में घर आते पशुओं के बजते घुंघरू 
मिट्टी के चूल्हे पर सिकती रोटी की मीठी खुश्बूँ.

मक्खन से भरे बर्तन से उठती सुगंध 
वो भूनी हुई मूंगफली की सौंधी सी गंध. 

ढलता सूरज और नीड़ को लौटते पंछी 
कहीं दूर बजाता कोई ग्वाला बंसी. 

मंद-मंद बहती शीतल बयार
हर तरफ बिखरा बस प्यार ही प्यार.

छल रहित, साफ़-सुथरे, भोलेपन के भाव 
खुशनुमा ज़िन्दगी के अहसास हैं गाँव. 

By Monika Jain ‘पंछी’

India is the land of villages. Despite of some drawbacks village life is the most natural life. We can’t find the touch of a village and it’s simplicity anywhere in the world. Villages are full of affection, love, peace and happiness. The sweet songs of birds, the whistle of squirrels, beauty of rising sun, gentle breeze, blooming flowers and shed of banyan trees all add divine beauty to the villages. How is this poem about Indian Villages ? Feel free to tell via comments. Thanks