Friday, October 31, 2014

Jaishankar Prasad Quotes in Hindi


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Jaishankar Prasad Quotes 
  • शक्ति केंद्र यदि अधिकारों के संचय का सदुपयोग करता रहे, तो नियंत्रण भली भांति चल सकता है, नहीं तो अव्यवस्था ही उत्पन्न होगी ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • मानव स्वभाव है कि वह अपने सुख को विस्मृत करना चाहता है और वह केवल अपने सुख से सुखी नहीं होता। कभी कभी दूसरों को दु:खी करके, अपमानित करके, अपने मान को, सुख को प्रतिष्ठित करता है ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • मनुष्य के भीतर जो कुछ वास्तविक है, उसे छिपाने के लिए जब वह सभ्यता और शिष्टाचार का चोला पहनता है, तब उसे सँभालने के लिए व्यस्त होकर कभी - कभी अपनी आँखों में ही उसको तुच्छ बनना पड़ता है ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • भूला हुआ लौट आता है, खोया हुआ मिल जाता है, परन्तु जो जान- बूझकर भूल-भूलैया तोड़ने के अभिमान से उसमें पहुंचता है, वह चक्रव्यूह में स्वयं मरता है और दूसरों को भी मारता है ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • नारी की करुणा अंतर्जगत का उच्चतम विकास है, जिसके बल पर समस्त सदाचार ठहरे हुए हैं ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • जीवन में सामंजस्य बनाये रखने वाले उपकरण तो अपनी सीमा निर्धारित रखते हैं, परन्तु आवश्यकता और कल्पना भावना के साथ घटती-बढ़ती रहती ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • अतीत सुखों के लिए सोच क्यों? अनागत भविष्य के लिए भय क्यों और वर्तमान को मैं अपने अनुकूल बना ही लूँगा, फिर चिंता किस बात की ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • विनय और कष्ट सहने का अभ्यास रखते हुए भी अपने को किसी से छोटा नहीं समझना चाहिए और बड़ा बनने का घमंड अच्छा नहीं होता ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
  • मानव जीवन लालसाओं से बना हुआ सुन्दर चित्र है. रंग छीनकर उसे रेखाचित्र बना देने से संतोष नहीं होगा ~ जयशंकर प्रसाद / Jaishankar Prasad
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Poem on Festival in Hindi


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आत्मा का उत्सव 

बाहरी उत्सव तो हमनें खूब मनाये हैं
कभी खेले होली के रंग 
तो कभी दिवाली के दीप जलाएँ हैं, 
पर क्या मनाया हैं हमनें 
कभी कोई आत्मिक पर्व ?
जिस पर करे हमारा रोम-रोम गर्व.

नहीं ना. 
तो चलो कुछ नया करते हैं 
बसंत के फूलों की महक 
अब हम दिल में भरते हैं. 
बसंत त्योहार है प्रेम का, 
तो चलो दिल को अपने 
प्रेम में सराबोर करते हैं. 

दिवाली की अमावस को हर 
कर दिया हमने प्रकाश ही प्रकाश 
चलो इस बार भर लेते हैं 
अपने मन में भी थोड़ी सी उजास. 

होली के रंगों से हमने 
रंग दी दुनिया सारी 
क्यों ना मन में भी भर लें 
थोड़ी प्रेम की पिचकारी. 

जब बसंत की खुशबू, होली के रंग 
और दिवाली की रोशनी 
हमारे दिल में उतर आएगी
उस दिन से ही ना जाने कितनी और जिंदगियां भी 
रंगों, खुशबू और रोशनी से संवर जायेगी. 

उस दिन पहली बार लगेगा 
कि त्योहारों को जी लिया हमनें, 
जब सपनों की खिलखिलाती टोकरी 
हम बाँट आयेंगे अनजाने अपनों के बीच,
जब विश्वास की रोशनी फैला आयेंगे 
हम उन सारे सपनों के बीच. 

तो बसा लेते हैं यूँ मन में उत्सव 
कि दिल सदा लोरियों से भरा रहे.
दीप जलाएँ कुछ ऐसे 
कि हर घर में सवेरा रहे.
रंग उड़ायें कुछ ऐसे 
कि मन कोई बेरंग ना हो 
हर तरफ हो बस प्यार ही प्यार
नफ़रत की कहीं कोई गंध ना हो. 

By Monika Jain ‘पंछी’ 

How is this poem about the festival of soul ? Feel free to share your views.

Thursday, October 30, 2014

Bewafa Poem in Hindi


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सुन, तू अगर बेवफ़ा ना होता

इन पलकों में भी सपनों की लड़ियाँ होती
खुशियों से भरे कुछ पल और घड़ियाँ होती
अरमानों की बिखरी कुछ फुलझड़ियाँ होती
हर दिन मीठी सी इक पुड़िया होती.

मेरी उम्मीदों का आसमां कभी ना रोता 
सुन, तू अगर बेवफ़ा ना होता.

तितलियाँ मुझको भी प्यारी लगती
गूँज भ्रमरों की कुछ न्यारी लगती
मेरे दिल में फूलों की इक क्यारी उगती
तेरे प्यार की ओस जिस पर फबती.

हर रंग बेरंग सा कभी ना होता 
सुन, तू अगर बेवफ़ा ना होता.

अहसासों की खनक मुझे भी महसूस होती
मेरी आँखों की चमक भी तो महफूज़ होती
दिल होता रोशन, जो तेरे प्यार की खिली धूप होती
थिरकते से कदम और मखमली दूब होती.

मेरी आशाओं का तारा टूटा ना होता 
सुन, तू अगर बेवफ़ा ना होता.

होठों पर मेरे खिलखिलाहट होती
रोम-रोम से छलकी मुस्कुराहट होती
आवाज़ में चिड़ियों सी चहचहाहट होती
दिल में रूमानी सी कोई आहट होती.

मेरा मन मरघट सा कभी ना होता
सुन, तू अगर बेवफ़ा ना होता.

By Monika Jain ‘पंछी’ 

It’s not only the heart that breaks. Broken heart results in broken dreams, broken desires and broken hopes too. Life seems to be meaningless. One no longer feel any joy with family and friends. 

How is this hindi poem ‘sun tu agar bewafa na hota’ about unfaithful love and disloyalty? Feel free to share your views. 

Tuesday, October 21, 2014

Poem on Tears in Hindi


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बहुत रोने को दिल करता है

बहुत रोने को दिल करता है,
पर रोना नहीं आता.
और रोना आये भी कैसे ?

आँखों से मोम के दो कतरे 
रिहा करने से पहले
तुझे दिल से बेदख़ल करना
इतना आसां जो नहीं है.

तेरी वो सख्त सी सौ
रूह की तह में आज भी ज़िन्दा है.
बात इतनी सी थी
कि उस दौर में
तुझे मेरा रोना
नागवार गुजरता था,
और तूने 
कभी पलकें गीली ना करने की कसम
सख्त लहजे में पिला दी थी.

तू शायद ये वाकिआ भूल गया होगा.
और उस रोज तेरी रुख्सती पर
मेरे मुस्कुराने को
मेरी रज़ामंदी मान ली तूने.

उस कसम की आंच में
आंसुओं के साथ
ज़िन्दगी भी भाप बन उड़ती गयी.
पलकों पर बस कुछ
ख़राशें बची हैं.
अब तो माजरा ये है कि
बहुत रोने को दिल करता है,
पर रोना नहीं आता.

It's never been easy to forget your words and my vows & promises, which i made when we were together. It's been a long time...days are passing like hell and for all this I want to cry loudly and badly. But I can't. Just because of my promise to you...that i won't cry ever, because you could not see me crying. Living such a hell life and and bearing a worst punishment...and still miss you a lot.

By Malendra Kumar ‘मलेन्द्र कुमार’

Thank you ‘Malendra’ for sharing such a touching poem. 

How is this poem about tears and weeping ? Feel free to share your views. 

Thursday, October 16, 2014

Feminist Poem in English


Why do you forget?

Why do you forget?
He is trader of hate not of love,
Expecting affection from him 
is searching ocean in burning coals. 

Why do you forget?
He is bunch of lies not of faith,
When he calls himself truthful,
the lie itself becomes ashamed. 

Why do you forget?
Woman is not a woman,
just a stunning body for him.
Your love, faith and devotion make
no sense to him.

Why do you forget?
He is a pitcher full of selfishness.
For him,
his ego and mean is most important,
Your sacrifice makes no sense. 

Why do you forget his dangerous intentions
behind his innocent, seductive smile.
Victim herself will walk in his cage
thats why he talks so sweet and polite.

Why do you forget? 
His feminist speech is merely a charade.
Not only the innocent,
He also deceived the women who are firebrand. 

Don’t you recognize the hidden obscenity of his mind?
Don’t you know he is a pseudo-feminine?
Every Time you will be cheated in his fake love,
He is just the carving of your body, 
If you won’t quench his thirst
he will burn you in the fire of his disgust. 

Relax your heart and let the brain work.
Such animals don’t understand the language of love.
So never expect that one day they will change.
Just leave them on their condition and state. 
Time is writing all their crimes,
Water will caste on their artifice. 

By Monika Jain ‘Panchi’

Pseudo Feminism is very common today. How is this poem about pseudo feminist for revealing the truth to women. Feel free to share your views. 

Wednesday, October 15, 2014

Essay on Double Standards in Hindi


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मुखौटों का युग 

एक वक्त था जब डर लगता भी था तो चोरी, डकैती, लूट, हफ्ता वसूली, चैन स्नैचिंग आदि वारदातें करने वाले गिरोहों से, जिन्हें हम असामाजिक तत्व कहते हैं. लेकिन आजकल सामाजिक कहलाये जाने वाले तत्वों से और भी ज्यादा सतर्क रहना जरुरी है. क्योंकि आजकल लोग सीधा हाथ में चाकू या छुरा लेकर नहीं आते. चेहरे पर मुस्कुराहट, सौम्यता, आदर भाव, विनम्रता लिए वे बड़े सभ्य जान पड़ते हैं, बहुत मीठा बोलते हैं, साफ़-सुथरे कपड़े पहनते हैं और मौका मिलते ही अपने नापाक इरादों को अंजाम दे देते हैं. 

असामाजिक तत्वों की उत्त्पत्ति कहीं न कहीं गरीबी, बेकारी, शोषण के चलते होती है पर आजकल तो समाज में प्रतिष्ठित, पैसे वाले, धर्म गुरु, समाज सेवक, साहित्यकार, क़ानून के रक्षक किसी का भी भरोसा नहीं. पता चला कब किसने रंग बदल लिया. कौन छलिया और धोखेबाज निकल गया. 

एक प्रतिष्ठित पत्रिका जिसका दायित्व ही सच के साथ खड़ा होना और झूठ का पर्दाफाश करना है, उसी के संपादक जो युवाओं के आदर्श हैं, खोजी पत्रिका के सूत्रधार माने जाते हैं वे अपनी ही बेटी की दोस्त का यौन उत्पीड़न करते हैं. जहाँ विश्वास और संरक्षण का भाव होना चहिये वहां पर ऐसे कृत्य और वो भी समाज के तथाकथित प्रतिष्ठित व्यक्ति के द्वारा और उसके बाद अपने ही अपराध को छिपाने के लिए लीपापोती. 

रोज मंदिर में जाकर चन्दन का टीका लगाने वाला, भजन संध्या में झूम-झूम कर नाचने वाला, घंटों बैठकर प्रवचन सुनने वाला भी कितना बड़ा पाखंडी हो सकता है हम अनुमान नहीं लगा सकते.और ये तो भक्त की बात है पर यहाँ तो आजकल भगवान की तरह लाखों श्रद्धालुओं द्वारा पूजे जाने वाले, सत्य, त्याग, भक्ति, दान, सेवा, मोक्ष आदि पर बड़े-बड़े प्रवचन देने वाले धर्म गुरु भी कई घिनौने आपराधिक कुकृत्यों में संलग्न है. 

बाल कल्याण, महिला कल्याण के नाम पर संस्थाएं चलाने वाले समाज सेवा की आड़ में यौन शोषण, सेक्स स्कैंडल जैसे घृणित कार्यों को अंजाम दे रहे हैं. कई ढोंगी नशे की लत को पूरा करने के लिए आध्यात्म का चोला धारण किये हुए है. राजनेता धर्म निरपेक्षता का मुखौटा लगाकर सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं. जनता की सेवा को ही अपना धर्म बताने वाले राजनेता चुनाव जीतते ही जनता को भूल अपनी जेबें भरने लग जाते हैं. लोकतंत्र के मुखौटे में तानाशाही जारी है. 

ज्योतिष के रूप में कई पाखंडी अन्धविश्वास का कारोबार कर रहे हैं. कानून के रक्षक बने पुलिस, जज, वकील कानून की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं. नारी की स्वतंत्रता, समानता और अधिकारों की बातें करने वाले छद्म नारीवादी खुद नारी के शोषक हैं. मंदिरों, मस्जिदों में करोड़ों का दान करने वाले एक भूखे, गरीब बच्चों को देखकर भड़क जाते हैं. प्रेम पर अति मर्मस्पर्शी कवितायेँ लिखने वाले कई साहित्यकार हैं जिनके लिए प्रेम देहिक सुख से ज्यादा और कुछ नहीं. 

ये मुखौटा संस्कृति का जमाना है. यहाँ पर कायर शेर की खाल ओढ़े रहते हैं, अल्पज्ञ स्वयं को सर्वज्ञाता प्रदर्शित करते हैं. आदर्शवाद, सिद्धांतों, मानवीयता की बात करने वाले भीतर से बेहद स्वार्थी और जातिगत मानसिकता वाले होते हैं जिन्हें अपने स्वार्थों की पूर्ति हेतु सैद्धांतिक पाला बदलते देर नहीं लगती. यहाँ एक ही व्यक्ति का अपनी पत्नी को दिखाने वाला, अपनी प्रेयसी को दिखाने वाला, अपने मालिक, अपने नौकर, अपने से कमजोर को और अपने से शक्तिशाली को दिखाने वाला चेहरा अलग-अलग है. यहाँ संवेदना से रहित लोगों के मुंह से संवेदना के फूल झरते हैं. मुखौटो के इस युग में एक सच्चा आदमी खोजना बहुत मुश्किल हो गया है. 

By Monika Jain ‘पंछी’ 

How is this hindi essay about double standards of today’s society ? Feel free to share your views.

Tuesday, October 14, 2014

Poem on International Women’s Day


Handful of Freedom

Mom ! Is there not such sky, 
from where daily I can bring a handful of freedom.

Freedom from those staring eyes, 
that doesn’t allow me to walk unfazed on the paths. 

Freedom from those taunts, jokes and teasers, 
that repeatedly gives me the feeling of being only a body, not a soul. 

Freedom from those thousands of restrictions and advises, 
where two needles of watch decides when I should go out of the house. 

Freedom from the terror that is constantly growing,
while turning the pages of daily newspapers filled with bloodstained shouts. 

Freedom from that illusion of independence, 
In which women liberation is defined only by showing of her body parts.

Freedom from that narrow minded thinking, 
where women’s honor and respect is linked only with her body. 

Freedom from that orthodox opinion, 
where innocent loses her honor not the guilty. 

Freedom from the competition
that is introducing men and women as an opponents, 
Instead of considering as each other’s complement.

Mom ! I have to bring a handful of freedom daily.
So that I can make a world,
where my thoughts, confidence and abilities can breath freely.

By Monika Jain ‘Panchi’

Women are the complete and perfect creation of god. Still they are always controlled by the opposite sex. Over time women are taking initiative to get their freedom, rights and power. But we have to go far away to get our independence in true sense. How is this poem about women’s liberation and freedom on International Women’s Day. Feel free to share your views. 

Monday, October 13, 2014

Poem on Patriotism in Hindi


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खून ये हिन्दुस्तानी है

यही है सागर गंभीर-धीर, दरिया की यही रवानी है
मेरी रग में जो दौड़ रहा है, खून ये हिन्दुस्तानी है.

हम अहिंसा साधक हैं
पर कायर हमें न मानो तुम
मत ललकारो सिंहों को
हमें नज़र खोल पहचानो तुम

अब भी गलियों में भगत सिंह, घर में झाँसी की रानी है
मेरी रग में जो दौड़ रहा है, खून ये हिन्दुस्तानी है.

खुद पर खेल कर लाज बचायी
हर बार हमारी यारी की
पर मौका मिलते ही तुमने
तीन बार गद्दारी की

बेहतर होगा अंजाम समझ लो, फिर तुम्हे ही मुंह की खानी है
मेरी रग में जो दौड़ रहा है, खून ये हिन्दुस्तानी है.

हम देश की रक्षा करने को
आहुति देने से नहीं डरे
तुम जैसे नापाक, नाकारे
और कायर हम में नहीं भरे

यहाँ देश के नाम पे सुन लो, कुरबां हर एक जवानी है
मेरी रग में जो दौड़ रहा है, खून ये हिन्दुस्तानी है.

हम भाई भाई ही होते
गर खुद को ये समझाते तुम
हम आज भी यार तुम्हारे होते
गर साथ हमारे आते तुम

पर कितना ही तुमको समझाओ, हर बार की यही कहानी है
मेरी रग में जो दौड़ रहा है, खून ये हिन्दुस्तानी है

By Malendra Kumar ‘मलेन्द्र’

Patriotism, a feeling of loyalty and pride is one of the best virtue of a person. We must love our country. We must not hate others also. But we must be ready to fight against those who are threatening our country’s security and ideals. 

Thank you ‘Malendra’ for sharing such an enthusiastic poem full of patriotism. 

Saturday, October 11, 2014

Poem on Prostitute in Hindi


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बस इतना सा कुसूर था

वक़्त से पहले ही हम जवां हो गये
सब कुछ सहकर भी बेज़ुबां हो गये
ख़ामोशी से ढलता रहा जो वक़्त का फ़ितूर था
हम तवायफ़ थे साहब...बस इतना सा कुसूर था.

चंद सिक्कों की खातिर हमें इस राह चला गये वो
जिस्म को सलामत रख हमें ज़िन्दा जला गये वो
अब तो हम खुद को आईने में भी नहीं दिखते
चादर की सिलवटों में कहीं हमको मिला गये वो.

सिसकियों में बदल गया, जो थोड़ा सा गुरुर था
हम तवायफ़ थे साहब...बस इतना सा कुसूर था.

हम जमे रहे किसी राह से, जमाना हमसे गुजरता गया
जो आया हमारी गली से होकर, सच से मुकरता गया
कोशिश की थी, खुद को हमने खुद में समेटने की
पर ये जिस्म था के बस हमसे बिखरता गया.

ख़ुद का गुलाम होकर भी, कोई हमारा हुजूर था
हम तवायफ़ थे साहब...बस इतना सा कुसूर था.

वो रहे दूध के धुले, हम गाली बनकर रह गये
एक ज़माने से बेख़बर हम नाली बनकर रह गये
हसरत थी अपनी भी एक ग़ज़ल बनने की साहब
पर अफ़सोस कि बस एक कव्वाली बनकर रह गये.

हमारे इस अंजाम में, आपका हाथ भी जरुर था
हम तवायफ़ थे साहब...बस इतना सा कुसूर था.

By Malendra Kumar ‘मलेन्द्र कुमार’

Prostitution is also a part of the men’s violence against women. There are lots of factors that force a woman into prostitution like poverty, homelessness, child sexual abuse, drug and alcohol misuse, previous sexual violence, mental ill health etc. But the main reason is man as a buyer of sex. Prostitution is not a choice, its done to survive.

Thank you ‘Malendra’ for sharing such a heart touching poem reflecting the pain of a prostitute. 

Essay on Beauty in Hindi


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सुन्दरता : सुन्दर दिलों का अहसास 

‘सुन्दरता’ एक सुन्दर शब्द...पर सौन्दर्य के सिर्फ कुछ मापदंड तय करके हमने अपनी संकीर्ण बुद्धि से इस शब्द की असीमितता को कितना सीमित कर दिया है. आज सुन्दरता की परिभाषा बस एक आकर्षक देह तक सिमट कर रह गयी है. शरीर के लिए रंग, लम्बाई, वजन, विभिन्न अंगों का आकार ऐसे ही कुछ पैमाने हमने तय कर दिए हैं. पर अधिकाशतः ये चीजे इंसान को प्रकृति प्रदत्त होती है जिसमें उसका स्वयं का हाथ नहीं होता. ऐसे मैं जिन चीजों को पाना इंसान के बस में ना हो उनके आधार पर बेहतरी या सुन्दरता का आंकलन कैसे किया जा सकता है ? 

अब अगर नारी सौन्दर्य की ही बात की जाए तो अधिकांश पुरुषों के लिए नारी उस किताब की तरह है जिसका सिर्फ कवर पेज खूबसूरत होना चाहिए. क्या नारी की सुन्दरता का मापदंड बस उसका बाहरी रंग रूप ही होता है ? क्या दया ममता, त्याग, संवेदनशीलता, सहनशक्ति, सामंजस्य जैसे नारी के मूलभूत गुणों का कोई महत्व नहीं ? 

एक माँ के रूप में अपने बच्चे के लिए ममत्व भाव, एक पत्नी के रूप में अपने पति के लिए प्यार, परवाह और समर्पण, एक बहन के रूप में अपने भाई के लिए किये गए त्याग क्या इनका कोई मोल नहीं ? सच तो यह है कि बाहरी रंग रूप के सामने इन भावों की सुन्दरता अनमोल है. खैर ये तो अपनों की बात है पर सोचिये वे लोग कितने सुन्दर होते होंगे जिन्होंने मानवता की सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है. 

मदर टेरेसा एक ऐसी महिला जिन्होंने अपना सारा जीवन दूसरों के नाम कर दिया. जिन्होंने कोढ़ झरते हुए, फुटपाटों पर पड़े मरणासन्न, असहाय, गन्दी से गन्दी बस्ती के लोगों की सेवा की. उनका उपचार कर उन्हें स्वस्थ बनाया. उन्हें उन लोगों की गंदगी नहीं दिखाई दी बल्कि उनकी सेवा से मिलने वाला आत्मिक सुख दिखाई दिया. इस सेवा भाव में है सुन्दरता. इसी तरह महात्मा गाँधी, तिलक, राजा राममोहन राय, स्वामी विवेकानंद जैसे कई महापुरुष हुए हैं जिन्होंने तत्कालीन समाज की रूढ़िवादिता, कट्टरवादिता, अंधविश्वासों आदि को दूर कर मानवता को एक नयी दिशा दी. उनकी इस सोच और इन कार्यों में है सुन्दरता. 

सुन्दर हैं वे लब जिनसे दूसरों के लिए दुआएं निकलती है, दूसरों को खुश देखकर खिलने वाली मुस्कान भी सुन्दर है, सुन्दर है वह दिल जो दूसरों का दर्द समझे, दूसरों के गम में बहने वाले आंसू भी सुन्दर है, सुन्दर हैं वे हाथ जो दूसरों की मदद के लिए उठते हैं और सोचिये ये सब करने वालों की सोच कितनी सुन्दर होगी. 

हमारे देश की विडंबना है कि करोड़ों रुपये लेकर हमारा मनोरंजन करने वाले सचिन, शाहरुख़, सलमान, कैटरीना, ऐश्वर्या के हम दीवाने हैं जो हर वक्त हमारे दिलोदिमाग पर छाए रहते हैं पर मानवता की सेवा करने वाले असली महानायक हमारी चर्चा का विषय नहीं बनते. मुन्नी बदनाम हुई, शीला की जवानी इन आइटम सोंग के ठुमके हमें पागल कर देते हैं पर कई मुन्नियों और शीलाओं जिनका जीवन दलदल बना हुआ है उनकी मसीहा बनकर आई नारी शक्ति की हम बात नहीं करते. वे हमारी प्रेरणा नहीं बनती. 

आज हर किसी में बस अपने बाहरी रंग रूप को संवारने की होड़ लगी हुई है. सुन्दरता को सफलता का शॉर्टकट माना जा रहा है. विज्ञापनों में भी गोरा रंग पाने की क्रीम, साबुन, रेशमी घने बालों के लिए शैम्पू, कंडीशनर आदि को सफलता पाने के साधनों के रूप में परोसा जा रहा है. और हम इन्हें सहर्ष सुन्दरता वर्धक मानकर ग्रहण भी करते जा रहे हैं. 

पर वास्तविक सुन्दरता का आंकलन व्यक्ति की सोच, उसके व्यवहार और उसके कार्यों के आधार पर ही किया जा सकता है. सच तो यह है कि सुन्दरता एक अहसास है जो देखने से भी ज्यादा महसूस करने की चीज है. और यह बसती है लोगों के दिलों में जिसे महसूस करने के लिए भी एक सुन्दर दिल चाहिए. 

By Monika Jain ‘पंछी’

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Friday, October 10, 2014

Poem on Success in English


(1)

I am Innocent

Why don't you believe me
Let me free now leave me.

I can't be what you want
I wanna be, what I want.

Never think that I can't
I won't lose a single chance.

One day you'll feel proud on me
Will salute me, one day it will be.

One day I'll win, you will see
You'll need shadow, and I'll be your tree.

With my wings one day I'll fly
There will be mine feet over sky.

I will write then a history
There will be only mine victory.

Will melt each n every sorrow's snow
As I used to swim against the flow.

Seat of the winner, I'll reserve it
In battles, success and victory, I deserve it.

Don't leave me in cage to rust
I am innocent please trust
I am innocent please trust.

By Malendra Kumar

Thank you ‘Malendra’ for sharing such a beautiful poem about self confidence, determination and success. 

(2)

You will win the race

Everyone wants successful life 
But very few people achieve that height.

Determination has the major role 
It can help to achieve your goal.

For success it's necessary to know yourself 
Knowing your strengths and weaknesses can help.

Polish your strengths and overcome your shortcomings
It will help you to achieve everything. 

Be focused and have confidence 
It's very necessary to have patience.

Have the courage and make your ways 
Then you will win the race always.

By Monika Jain 'Panchi'

How are these poems about success, self confidence and determination. Feel free to submit your views. 

Swami Ramtirth Quotes in Hindi


Swami Ramtirth Quotes in Hindi Language, Rama Tirtha ke Vichar, Updesh, Quotations, Thoughts, Slogans, Lines, Sayings, Sms, Messages, Proverbs, Words, Teachings, Shiksha, Preaching, Statements, Suvichar, Thinking, स्वामी रामतीर्थ के विचार, उपदेश, शिक्षा, हिंदी उद्धरण, सुविचार 

Swami Ramtirth Quotes
  • असली उपवास का अर्थ है अपने को सारी स्वार्थपूर्ण कामनाओं से रहित कर देना जिससे उन्हें किसी प्रकार का पोषण न मिले और आप उनसे पूर्णतया: मुक्त हो जाएँ ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • संसार के सभी ग्रंथों को उसी भाव से ग्रहण करना चाहिए, जिस प्रकार रसायन शास्त्र का हम अध्ययन करते हैं और अपने अनुभव के अनुसार अंतिम निश्चय तक पहुँचते हैं ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • कोई भी मनुष्य उन्नति नहीं कर सकता, जब तक कि उसमें आत्मबल का विश्वास न हो. जिसमें यह विश्वास अधिक है, वह स्वयं भी बढ़ा है और औरों को भी आगे बढ़ाता है ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • दुनिया की चीजों में सुख की तलाश फ़िज़ूल है. आनंद का ख़ज़ाना तो हमारे अन्दर है ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • वही मनुष्य नेता बनने योग्य होता है जो अपने सहायकों की मुर्खता, अपने अनुगामियों के विश्वासघात, मानव जाति की कृतघ्नता और जनता की गुण ग्रहण हीनता की कभी शिकायत नहीं करता ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • अभिलाषाओं से ऊपर उठ जाओ, वे पूरी हो जायेगी. मांगोगे तो उनकी पूर्ति तुमसे और दूर होती जायेगी ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • दुखों में भी सुख की अनुभूति चाहते हो तो हंसमुख बनो ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • कृत्रिम प्रेम बहुत दिनों तक नहीं टिक सकता. स्वाभाविक प्रेम की नक़ल नहीं की जा सकती ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • त्याग के अतिरिक्त और कहाँ वास्तविक आनंद मिल सकता है. त्याग के बिना न ईश्वर-प्रेरणा हो सकती है और ना प्रार्थना ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • किसी देश की उन्नति छोटे विचार के बड़े आदमियों पर नहीं, किन्तु बड़े विचार के छोटे आदमियों पर निर्भर है ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • सदा स्वतंत्र कार्यकर्त्ता और दाता बनों. अपने चित्त को कभी भी याचक तथा आकांक्षी की दशा में ना डालो ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
How are these hindi quotes of Swami Ramtirth ? Feel free to submit your views. 

Wednesday, October 8, 2014

Poem on Gender Discrimination in Hindi


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मैं एक लड़की 

एक ज़िन्दगी नहीं, फिर भी ज़िन्दा हूँ मैं.
ख्वामखाह ही खुद से शर्मिंदा हूँ मैं.
अपनी अनकही दास्तां तुमसे कहने जा रही हूँ.
मैं एक लड़की...जहां में आने से पहले जा रही हूँ.

मैं नैया पार ना कर सकूंगी,
मुझ पर इतना सा ही भरोसा था.
मेरे आने की खबर पर,
मेरी माँ ने खुद को कोसा था.
जब-जब तुम थकते मेरी बाहें आगोश होतीं,
ज़िन्दगी के हर चौराहे भले ही मैं खामोश होती.
जाने कितने घुटन...मैं ज़माने से सहते आ रही हूँ
मैं एक लड़की...जहां में आने से पहले जा रही हूँ.

कितनी अंधेरी रातों में, दीये सी जलती मैं.
कुछ बेरहम मुट्ठियों से, रेत सी फिसलती मैं.
बेशक मुझ पर तुम एक निगाह ना बख्शो,
साथ तुम्हारे हर घड़ी किसी साये सी चलती मैं.
मैं एक दुआ... जो सुर्ख लबों पे रहते आ रही हूँ.
मैं एक लड़की...जहां में आने से पहले जा रही हूँ.

तुम्हे रखती ज़माने से महफ़ूज, वो हिज़ाब थी मैं.
सारी कायनात हो बयां जिसमे, वो किताब थी मैं.
जीने की एक तमन्ना लेकर तो चली थी, पर
जो उतर न सका कि नज़र में, वो ख़्वाब थी मैं.
मैं एक नज़र...सब चुपचाप तुमसे कहते आ रही हूँ.
मैं एक लड़की...जहां में आने से पहले जा रही हूँ.
मैं एक लड़की...जहां में आने से पहले जा रही हूँ...!!

By Malendra Kumar ‘मलेन्द्र कुमार’

Stop #Raping me, #Harassing me, #Hating me, #Torturing me, #Molesting me and above all this #KILLING me.

Thank you Malendra for sharing such a heart touching and thought provoking poem about the crucial issue of gender discrimination and Killing Girl Child. 

Monday, October 6, 2014

Inspirational Poem in English


There'll be a day

Chapter of this struggle will come to an end
His attacks will be worst If you'll fend.

There's always a bright sun behind a dark night
There'll be chance to win only if you'll fight.

Don't fear from the word of failure
If you decide it success will be sure.

Never think to kill your single dream
Always think that you are the supreme.

Live only in this world to be on the top
To reach on the cliff never kill your hope.

Take a sip of your tears If you feel thirst
No one will consider you If you aren't first.

Winning is not so hard, you are capable for it
If you lose, only you are responsible for it.

There will be a spate of happiness in your path
In the rain of pleasure, you will take a bath.

For this, there is a condition to follow
You'll have to forget all of your sorrow.

Thereafter you can dive in river of pleasure
Which is filled with joy, you'll find that treasure.

I Hope you'll shove your fears far away
For your success, everyone will pray.

In this light you will find a right way
And you'll be winner, there'll be a day.

By Malendra Kumar 

Life is a struggle. So one should be prepared to deal with these obstacles. Remain confident and keep fighting till the last breath. This is the only way that leads to success. Thank you Malendra for sharing such an inspirational poem about life and it’s struggles. 

How is this Inspirational poem ‘there'll be a day’. Feel free to share your views via comments.

Friday, October 3, 2014

Garlic Benefits in Hindi


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Garlic Health Benefits / लहसुन के फायदे 
  • लहसुन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है. 
  • लहसुन का सेवन ना केवल सर्दियों में बल्कि हर मौसम में फायदेमंद होता है.
  • इसमें विटामिन ए, बी, सी और सल्फ्यूरिक एसिड विशेष रूप से पाया जाता है. 
  • लहसुन में पाया जाने वाला विटामिन सी स्कर्वी रोग से हमारी रक्षा करता है. 
  • लहसुन एक अच्छा एंटीबैक्टीरियल है. लहसुन बैक्टीरिया, वायरल और फंगल इन्फेक्शन से लड़ने में सहायक होता है. जो रोजाना लहसुन खाते हैं, उनके बीमार होने की आशंका 36 फीसदी तक कम होती है. अगर कोई ऐसा इन्फेक्शन है जो बार-बार परेशान करता है तो लहसुन का उपयोग लाभकारी रहता है. इसमें एलियम नामक एंटीबायोटिक होता है जो कई रोगों से बचाता है और सेलेनियम नामक महत्वपूर्ण मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट इन्फेक्शन दूर करने में मदद करता है. यह तत्व थायराइड हार्मोन मेटाबोलिज्म में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 
  • लहसुन में उपस्थित डाइलिल सल्फाइड और एजोईन कीटाणुओं से लड़ने में सहायक होता है. इसमें मौजूद रोग प्रतिरोधक रसायन कीटाणुओं को शरीर में प्रवेश से पहले ही नष्ट कर देता है. 
  • लहसुन में खून को पतला करने का गुण पाया जाता है. इसमें कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करने की क्षमता होती है. यह दिल को दुरुस्त रखता है और दिल का दौरा पड़ने से रोकता है.
  • लहसुन में पर्याप्त मात्रा में लोह तत्व होता है. खून की कमी होने की स्थिति में इसका सेवन रक्त निर्माण में सहायता करता है. लहसुन से खून साफ़ होता है और यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है. 
  • युवावस्था में मुहांसे बहुत परेशान करते हैं. ये पेट की खराबी या शरीर में हार्मोनल चेंज की वजह से होते हैं. लहसुन एक्ने को साफ़ करने में मदद करता है. 
  • स्मोकर्स को सुबह-सुबह लहसुन चबाना चाहिए. क्योंकि इसमें पाया जाने वाला एलिसिन निकोटीन के प्रभाव को कम करता है.
  • नियमित रूप से लहसुन का सेवन करने से ठण्ड या बदलते मौसम में होने वाली कफ़ या जुकाम जैसी छोटी-मोटी समस्याओं में राहत मिलती है.
  • ब्लड प्रेशर में भी लहसुन उपयोगी माना जाता है. लहसुन में पाया जाने वाला सल्फाइड उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायता करता है. 
  • शरीर के किसी भाग पर मस्सा हो जाने पर लहसुन को पीसकर वहाँ रखकर बाँध दें. फिर सप्ताह भर बाद खोले. मस्सा गायब हो जाएगा. 
  • किसी विषैले कीड़े के काटने या फिर डंक मारने से होने वाली जलन को रोकने के लिए भी लहसुन लाभदायक है. 
  • अंकुरित लहसुन का सेवन और भी ज्यादा लाभकारी है. अंकुरित लहसुन में कई नए यौगिक बनते हैं जो कई रोगाणुओं से बचाते हैं और इससे एंटीऑक्सिडेंट गतिविधि भी बढ़ जाती है. 
Note : किसी भी तरह का उपचार / उपाय अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें. बिना चिकित्सीय सलाह के किसी भी औषधि का सेवन ना करें. 

If you are also aware about some other health benefits of garlic then feel free to submit here.