Saturday, November 21, 2015

Vinoba Bhave Quotes in Hindi

Acharya Vinoba Bhave Quotes in Hindi, Quotations, Slogans, Message, Sayings, Suvichar, Vichar, Teachings, Statements, Shiksha, Updesh. आचार्य विनोबा भावे के विचार, सुविचार, शिक्षाएं, उपदेश.
 
Vinoba Bhave Quotes

  • तगड़े और स्वस्थ व्यक्ति को भीख देना, दान करना अन्याय है. कर्महीन मनुष्य भिक्षा के दान का अधिकारी नहीं हो सकता. 
  • संघर्ष और उथल पुथल के बिना जीवन बिल्कुल नीरस बन कर रह जाता है. इसलिए जीवन में आने वाली विषमताओं को सह लेना ही समझदारी है.
  • ज्ञानी वह है जो वर्तमान को ठीक प्रकार समझे और परिस्थति के अनुसार आचरण करे.
  • कलियुग में रहना है या सतयुग में, यह तुम स्वयं चुनो, तुम्हारा युग तुम्हारे पास है.
  • निष्काम कर्मयोग तभी सिद्ध होता है जब हमारे बाह्य कर्म के साथ अन्दर से चित्त शुद्धि रुपी कर्म का भी संयोग होता है.
  • भविष्य में स्त्रियों के हाथ में समाज का अंकुश आने वाला है. उसके लिए स्त्रियों को तैयार होना पड़ेगा. स्त्रियों का उद्धार तभी होगा, जब स्त्रियाँ जागेंगी और स्त्रियों में शंकराचार्य जैसी कोई निष्ठावान स्त्री होगी.
  • खुदा से डरने वाले को और किसी का क्या डर.
  • महान विचार ही कार्य रूप में परिणित होकर महान कार्य बनते हैं.
  • यदि किसी को भी भूख-प्यास नहीं लगती तो अतिथि सत्कार का अवसर कैसे मिलता.
  • अभिमान कई तरह के होते हैं, पर मुझे अभिमान नहीं है, ऐसा भास होने जैसा भयानक अभिमान दूसरा नहीं है.
  • बुद्धि का पहला लक्षण है काम आरम्भ न करो और अगर शुरू कर दिया है तो उसे पूरा करके ही छोड़ो.
  • जिस राष्ट्र में चरित्रशीलता नहीं है, उसमें कोई योजना काम नहीं कर सकती.
  • यदि आप किसी चीज का सपना देखने का साहस कर सकते हैं तो उसे प्राप्त भी कर सकते हैं.
  • जब हम किसी नयी परियोजना पर विचार करते हैं तो हम बड़े गौर से उसका अध्ययन करते हैं. केवल सतह मात्र का नहीं, बल्कि उसके हर एक पहलू का.
  • ऐसा व्यक्ति जो एक घंटे का समय बर्बाद करता है, उसने जीवन के मूल्य को समझा ही नहीं है.
  • हम आगे बढ़ते हैं, नए रास्ते बनाते हैं और नयी परियोजनाएं बनाते हैं क्योंकि हम जिज्ञासु हैं और जिज्ञासा हमें नयी राहों की ओर ले जाती है.
  • प्रेरणा कार्य आरम्भ करने में सहायता करती है और आदत कार्य को जारी रखने में सहायता करती है.
  • अनुशासन, लक्ष्यों और उपलब्धि के बीच का सेतु है. यकीन मानिए ज्ञान की अपेक्षा अज्ञान ज्यादा आत्मविश्वास पैदा करता है.
  • औपचारिक शिक्षा आपको जीविकोपार्जन के लिए उपयुक्त अवसर देती है, जबकि अनुभव आपका भाग्य बनाते हैं.
  • जो सब की प्रशंसा करता है वह किसी की प्रशंसा नहीं करता.
  • परस्पर आदान-प्रदान के बिना समाज में जीवन का निर्वाह संभव नहीं है. 
  • जब तक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती तब तक लाभ दिखाई नहीं देता. लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनती है.
  • गरीब वह नहीं जिसके पास कम है, बल्कि धनवान होते हुए भी जिसकी इच्छा कम नहीं हुई है, वह सबसे अधिक गरीब है.
  • मौन और एकांत आत्मा के सर्वोत्तम मित्र है. 
  • द्वेष को हम द्वेष से नहीं मिटा सकते. प्रेम की शक्ति ही उसे मिटा सकती है.
  • प्रतिभा का अर्थ है बुद्धि में नयी कोंपलें फूटते रहना. नयी कल्पना, नया उत्साह, नयी खोज और नयी स्फूर्ति प्रतिभा के लक्षण हैं. 
  • मनुष्य जितना ज्ञान में घुल गया हो उतना ही कर्म के रंग में रंग जाता है
 
विनोबा भावे / Vinoba Bhave

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