Saturday, February 7, 2015

Poem on Yellow Colour in Hindi


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(१)

रंग पीला तेरे प्यार का 

हमारे प्रेम में समाये हैं सातों रंग 
और हर रंग देता है इसे एक नयी परिभाषा 
आजकल जी रहे हो तुम मुझमें 
बनकर पीले बसंत की आशा. 

तुम सादगी, सरलता और शुद्धता के प्रतीक 
मेरा इंतजार कि कोई हरारत हो 
तुम बन बहते ज्ञान के झरने 
और दिल करता है, कोई तो शरारत हो. 

तुम्हारे भेजे हर येलो स्माइली के साथ 
हवाएँ लेकर आती है पीले सरसों सी महक 
जिसे भर लेती है मेरी साँसें 
और खिल आती है होठों पर एक सुरीली सी चहक. 

तुम पीले गुलाब से निर्मल 
जिस पर ओस की बूँद बन मैं महक जाती हूँ 
सूरज सी तुम्हारी ऊर्जा और उमंग 
बन रोशनी तुम संग मैं कितना चहक जाती हूँ.

उत्साह और खुशियाँ बनकर 
हर रोज तुम द्वार मेरा खटखटाते हो 
सूरज की किरणें बन तुम 
कहीं दूर अँधेरा ले जाते हो.

प्रेम का ये पीला रंग सच!
सुकून और रोशनी का अहसास है 
हर पल लगता है जैसे 
तू यहीं मेरे आसपास है. 

(२) 

दूर तक फैली सरसों की चादर 
और शीतल हवाओं के झोंके 
लगता है जैसे तू गुजरा है 
अभी-अभी मेरे गालों को छू के.

(३)

खिलखिलाते गेंदे और ये सूरजमुखी प्यारे 
कोयल, तितलियाँ, भंवरे, डूबे हैं प्रेम में सारे 
प्रकृति का कण-कण लगता है कुछ न्यारा 
करता है मेरे जीवन में प्रेम का इशारा.

By Monika Jain ‘पंछी’ 

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