Monday, June 8, 2015

Poem on River in Hindi


जब मानवीय भावनाओं का नदियाँ, झील, तालाब, पानी आदि प्रकृति के इन विविध रूपों से प्रकृतिकरण किया जाता है तो इन भावनाओं की सुन्दरता और गहराई और भी बढ़ जाती है. आँखों की नदी द्वारा मन की संवेदनशीलता का चित्रण इस कविता का प्रयास है : 

Hindi Poem / Kavita : River / Nadi

मेरी आँखों में बसती थी कभी एक नदी 

मेरी आँखों में बसती थी कभी एक नदी…

छलक आता था उसका पानी 
जब भी देखा करती थी वे 
80 पार की उस बुढ़िया को अकेले ही 
झोपड़ी में चूल्हे के सामने खांसते हुए.
अपने पेट की आग को 
बुझाने के उपक्रम में 
जल जाते थे उसके हाथ 
सिकती रोटियों की भाप से,
और छलक आते थे मेरे आंसू 
उसके दु:खों के ताप से.

मेरी आँखों में बसती थी कभी एक नदी…

भीग जाते थे मेरी पलकों के कोर 
जब भी मैं बीमार बिस्तर पर लेटी 
और तुम मेरे हाथों को थामे 
घंटों बैठे रहते मेरे पास, 
मेरे सर को सहलाते तुम्हारे हाथों का 
कितना मीठा सा था अहसास.

मेरी आँखों में बसती थी कभी एक नदी…

चिड़ियों का उजड़ा घरौंदा हो 
या एक चींटी को भी किसी ने रौंदा हो 
एक फूल का जीवन छूटा हो 
या स्वप्न किसी का टूटा हो
इन आँखों का नम हो जाना आम था 
जरा सी बातों पर पिघल जाना 
मेरे दिल का अजीज काम था.

मेरी आँखों में बसती थी कभी एक नदी…

पर वक्त के कुछ आघातों ने 
और अपनों की कुछ घातों ने 
सुखा दिया है इनका पानी 
अब नहीं छलककर आती हैं ये 
सुनी हो चाहे इन्होंने
कोई कितनी भी उदास कहानी. 

मेरी आँखों में बसती थी कभी एक नदी…

By Monika Jain ‘पंछी’

----------------------

How is this poetry about river? If you have some kids rhymes, slogans or information regarding water pond, lake or stream then you can share that with us. Read some more quotes, shayari and sms related to rivers :