Wednesday, August 17, 2016

Human Nature Quotes in Hindi

मानव प्रकृति, मानवीय स्वभाव, व्यवहार. Human Beings Nature Quotes in Hindi. Humanity, People Behavior Philosophy, Temper, Manav Swabhav, Manviya Vyavahar.

Human Nature Quotes

  • प्रारब्ध वृत्तियों का निर्माण करते हैं और वृत्तियाँ फिर से प्रारब्ध का। सम्यकत्व मार्ग है इस कुचक्र को तोड़कर सिर्फ अपनी प्रकृति में शेष रह जाने का। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • बारिश के बाद पेड़-पौधों की ख़ुशी देखते ही बनती है। पत्ते-पत्ते से झलकता है प्रकृति का अनुपम सौन्दर्य!... तिस पर इस सौन्दर्य को चार चाँद लगाती कोयल की स्वर लहरियां और मयूरों का अद्भुत नृत्य; नदियों, झीलों, पोखरों में भर आये स्वच्छ जल की कल-कल और पहाड़ों की निराली छटा…! ऐसा लगता है मानों प्रकृति का कण-कण प्रेम से अभिभूत होकर आसमां की ओर अपनी कृतज्ञता प्रकट कर रहा हो। बस यहाँ-तहाँ हम मनुष्यों द्वारा फैलाये गए कूड़ा-करकट, प्लास्टिक, पॉलीथिन आदि यह संकेत जरुर देते नज़र आते हैं कि हम मनुष्य प्रकृति की सबसे नालायक औलादें हैं। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • जब तक ईश्वरत्व सम्मुख रहता है तब तक उसे पत्थर मारे जाते हैं, जहर दिया जाता है, सूली पर चढ़ाया जाता है, और जब वह अदृश्य हो जाता है तब उसकी प्रतिमाएं बनाकर उसको पूजा जाता है। अज़ब है न?...पर सच भी तो है। सोचो! कहीं तुम अपने अहंकार को तो नहीं पूजते? ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • मैंने यहाँ सिर्फ विरोधी और समर्थक देखे हैं...निष्पक्ष बहुत कम। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • सहज उपलब्ध भी अनमोल होता है कई बार। बस पहचानने और सहेजने का हुनर चाहिए। पर पहुँच से दूर के पीछे दौड़ते-दौड़ते हम अक्सर उसे खो देते हैं जो सहजता से उपलब्ध था कभी। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • व्यक्ति एकांत क्यों चुनता है? जब उसे पता चलता है कि आसपास जो लोग हैं उनसे उसके विचार नहीं मिलते। जब उसे ना किसी पर नियंत्रण करने की इच्छा है और ना ही वह खुद पर किसी का नियंत्रण चाहता है। जब वह व्यर्थ की बहस, विवादों, लड़ाई-झगड़ों से खुद को दूर रखना चाहता है।...पर समस्या यह है कि जब आप एकांत और तटस्थता चुनेंगे, तब भी आप लोगों की आँखों में चुभेंगे। क्योंकि यहाँ हर कोई सिर्फ नियंत्रण चाहता है। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • कुछ लोगों को कैलकुलेटर बनना चाहिए था इंसान नहीं। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • पाप में पड़ना मानव स्वभाव है। उसमें डूबे रहना शैतान स्वभाव है। उस पर दुखित होना संत स्वभाव है और सब पापों से मुक्त होना ईश्वर स्वभाव है। ~ एच डब्ल्यू लॉगफैलो / Henry Wadsworth Longfellow 
  • हम अपने आपको अपने इरादों और दूसरों को उनके कर्मों से आंकते हैं। ~ स्टीफन आर कोवी / Stephen R Covey 
  • यदि आप अपने आप से मिलें तो क्या आप खुद को पसंद करेंगे? ~ अज्ञात / Unknown 
  • जो आपके साथ गप्प लगाते हैं। वे आपके बारे में दूसरों के साथ भी गप्प लगायेंगे। ~ अज्ञात / Unknown 
  • जैसे-जैसे मशीनें, इंसानों की जगह ले रही है, इंसान मशीनों जैसा होता जा रहा है। ~ जे. क्रुच / J. Krutch 
  • मनुष्य जितना स्वार्थी होता है उतना ही अनैतिक भी होता है। ~ स्वामी विवेकानंद / Swami Vivekananda 
  • हम वस्तुओं को जैसी हैं वैसे नहीं देखते हैं। हम उन्हें वैसे देखते हैं, जैसे कि हम हैं। ~ टालमड / Talmud 
  • मानव के सभी गुणों में साहस पहला गुण है, क्योंकि यह सभी गुणों की जिम्मेदारी लेता है। ~ Winston Churchill ‘विंस्टन चर्चिल’
 
Feel free to add your views or more quotes about human nature via comments.