Wednesday, September 30, 2015

Poem on Dussehra in Hindi


Poem on Dussehra in Hindi for Kids. Vijayadashami par Kavita, Greetings, Vijaya Dashami Festival Wishes Sms, Poetry, Rhymes, Messages, Quotes, Shayari, Slogans. विजयदशमी दशहरा शायरी, दशहरे पर कविता.
 
विजय हमारी हो जाए

 
एक आग हो ऐसी भी 
जो जला दे भीतर के सारे तम
देने को हो बस प्रेम ही प्रेम 
ना बने हम किसी का गम.
 
भय, ईर्ष्या और नफरत का 
छाया है जो घना अँधेरा 
मिट जाए इस आग में जलकर 
खिले यहाँ फिर नया सवेरा.
 
अर्थ ना हो अब कोई भी व्यर्थ 
सत्य सांस ले सके बेशर्त 
धूल जमी है जो सदियों से 
उड़ जाए वह पर्त दर पर्त.
 
मन का रावण बढ़ने के संग 
कागज़ के रावण बढ़ते हैं 
कागज पल में जल जाता है 
मन रावण ऊंचे चढ़ते हैं.
 
मन के रावण भी जल जाए 
ऐसा कोई दीप जलाएं 
विजयदशमी के अवसर पर 
विजय हमारी हो जाए.

By Monika Jain ‘पंछी’

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