Sunday, July 19, 2015

Jaisi Karni Waisi Bharni Story in Hindi


Jaisi Karni Waisi Bharni Story in Hindi for Kids. Tit for Tat Tales, Jaise Ko Taisa Kahani, As You Sow So Shall You Reap Short Stories, Lesson. जैसी करनी वैसी भरनी की कहानियाँ, जैसे को तैसा पर कहानी. 

सबक

आज स्कूल की छुट्टी थी. विकास, आयुष, विविधा, अंकुर और रजत जो कि पड़ौसी थे पास ही के एक पार्क में पकड़म–पकड़ाई खेल रहे थे. पार्क का गेट खुला हुआ था और गाय का एक छोटा सा बछड़ा पार्क के अन्दर आ गया. बच्चे बड़े शैतान थे. सभी उस बछड़े को सताने लगे. कोई उसकी पूँछ खींचने लगा, तो कोई उसके पैर, कोई उसे पास पड़ा डंडा उठाकर मारने लगा.

बच्चों के ग्रुप में से विविधा जिसे यह सब बहुत बुरा लग रहा था, बार-बार अपने साथियों को यह सब करने से रोक रही थी. वह बोली, ‘किसी निर्दोष जानवर को इस तरह परेशान करना अच्छी बात नहीं है. अगर कोई हमारे साथ ऐसा करे तो हमें कैसा लगेगा ? कितना प्यारा बछड़ा है और कितना छोटा भी. इसे परेशान करके तुम सबको क्या मिलेगा? प्लीज, इसे जाने दो.’

तभी विकास बोला, ‘तू अपना ज्ञान अपने पास रख. डरपोक कहीं की. आई बड़ी हमें अच्छा-बुरा सिखाने.’

यह कहकर विकास बछड़े को मारते हुए उसके पीछे दौड़ने लगा. बाकी बच्चे भी शोर मचाते हुए उसके पीछे हो लिए. विविधा उदास मन से घर आ गयी.

बच्चे दौड़ते-दौड़ते एक सुनसान रास्ते पे आ गए. बछड़ा झाड़ियों की ओट में छिपकर जाने कहाँ निकल गया. शाम हो गयी थी और अँधेरा होने लगा था. चारों बच्चे वापस घर की ओर लौटने लगे. अचानक बहुत सारे कुत्तों का समूह वहां आ गया. बच्चों को देखकर सब कुत्ते भौंकने लगे. बच्चे बहुत ज्यादा डर गए. वे सहम-सहम कर चलने लगे. कुत्तों ने वापस जाने वाले रास्ते को घेर लिया था. बच्चों के पसीने छूटने लगे.

उन्हीं में से आयुष डरते-डरते बोला, ‘हमने आज उस छोटे से बछड़े को बहुत सताया. हमने विविधा दीदी की बात भी नहीं मानी. इसलिए हमारे साथ यह सब हो रहा है. अब हम क्या करेंगे ? ये कुत्ते तो हमें काट खायेंगे.’ और यह कहते-कहते वह जोर-जोर से रोने लगा.

उसे रोता देख सभी का रोना छूट गया. सभी को अपने मम्मी, पापा और घर की याद सताने लगी. कुत्ते भौंकते जा रहे थे और बच्चे डर के मारे एक दूसरे से चिपक कर खड़े हो गए.

तभी सामने से स्कूटर पर विविधा के पापा आते दिखाई दिए. बच्चों की जान में जान आ गयी. रोते-बिलखते बच्चों और कुत्तों को देख उन्होंने स्कूटर रोका और सब कुत्तों को डराकर भगा दिया. जब सब कुत्ते भाग गए तो बच्चों ने राहत की सांस ली और दौड़कर वे विविधा के पापा से लिपट गए.

‘अंकल आपका बहुत-बहुत शुक्रिया. आज आप ना होते तो पता नहीं हमारा क्या होता.’ रजत ने अपने आंसू पौंछते हुए कहा.

‘कुछ नहीं होता. हाथों में पत्थर लेकर तुम उन्हें भगा सकते थे. सामान्यतया वे हम इंसानों को नहीं काटते. हाँ कभी-कभी खतरा होता है. खैर! अब चिंता की कोई बात नहीं है. अब सब ठीक हो गया है, लेकिन तुम सब यहाँ इस सुनसान रास्ते पर क्या कर रहे हो?’ विविधा के पापा ने पूछा.

बच्चों ने सारी बात अंकल को बताई और अपनी गलती पर बहुत पछतावा भी जताया.

अंकल ने कहा, ‘बच्चों! यह जरुरी नहीं कि तुमने बछड़े को परेशान किया इसलिए तुम्हारे साथ ऐसा हुआ. यह कभी भी हो सकता है. लेकिन हाँ, यह बात समझना बहुत जरुरी है कि जैसा तुम अपने साथ नहीं चाहते, वैसा तुम्हें दूसरों के साथ भी नहीं करना चाहिए. उस बछड़े को भी तुम लोगों से ऐसा ही डर लगा होगा जैसा अभी तुम्हें इन जानवरों से लग रहा था. अपने से निर्बल की हमें हमेशा रक्षा करनी चाहिए. हम मनुष्य सबसे समझदार और बुद्धिमान प्राणी माने जाते हैं तो कम से कम हम से तो यही अपेक्षित है. आज जो हुआ उसे एक सबक की तरह याद रखो और अब आगे से किसी भी मासूम को परेशान मत करना, और कोई तुम्हें परेशान करे तो भी इतना घबराने की जरुरत नहीं. हिम्मत और समझदारी से परिस्थति का सामना करो. बाकी हमेशा कोई ना कोई रास्ता निकल ही आता है.’

सभी बच्चों ने अंकल से वादा किया कि वे आगे से ऐसा कभी नहीं करेंगे.

‘चलो अब सब घर चलते हैं.’ अंकल ने कहा.

‘हाँ-हाँ अंकल जल्दी चलिए. हमें विविधा दीदी से माफ़ी भी मांगनी है.’ अंकुर बोला.

और सभी ख़ुशी-ख़ुशी घर के लिए रवाना हो गए.

By Monika Jain ‘पंछी’


How is this kids story about ‘Jaisi Karni, Waisi Bharni’? 


Sunday, July 12, 2015

Yaad Poem in Hindi


Yaad Poem in Hindi. Teri Yaadon Ki Kavita, Yaadein Shayari, Love Memories Poetry, Remembering Someone Sms, Missing Loved One Quotes, Status, Messages, Ghazal. तेरी याद, यादों पर कविता, यादें शायरी. 

आज फिर... 

आज फिर किसी ने पुरानी तान छेड़ी
आज फिर मैंने तुम्हें गुनगुनाया 
आज फिर यादों के मेघ बरसे 
आज फिर प्रेम ताल भर आया.

आज फिर कोई कली मुस्कुराई 
आज फिर एक फूल खिल आया 
आज फिर भ्रमरों ने गीत गाये 
आज फिर तितलियों ने हर्षाया. 

आज फिर फैली है सुगंध 
आज फिर हवा चली है मंद
आज फिर थिरक पड़े है कदम 
आज फिर मुक्त है सब बंध.

आज फिर ख़ुश है सारा समा
आज फिर चहका है आसमां 
आज फिर सितारों ने की है ठिठोली 
आज फिर चाँद गया है शरमा.

आज फिर फैला है उजास 
आज फिर जागी है इक आस 
आज फिर सपनों ने ली है अंगडाई 
आज फिर नींद होगी कुछ खास. 

By Monika Jain ‘पंछी’

How is this poem on Love Memories (Yaad)? 


Poem on Parents in Hindi

 
Poem on Parents Wedding Anniversary in Hindi for Kids. Mata Pita Shayari, Mother Father Day Poetry, Mom Dad Maa Baap Mummy Papa Par Kavita, My Family, Mera Parivar. माता पिता कविता, मेरा परिवार शायरी.
 
मेरा आसमाँ
 
घर मेरा एक बरगद है
मेरे पापा जिसकी जड़ है
घनी छाँव है मेरी माँ
यहीं है मेरा आसमाँ.
 
पापा का है प्यार अनोखा
जैसे शीतल हवा का झोंका
माँ की ममता सबसे प्यारी
सबसे सुन्दर, सबसे न्यारी.
 
हाथ पकड़ चलना सिखलाते
पापा हमको खूब घुमाते
माँ मलहम बनकर लग जाती
जब भी हमको चोट सताती.
 
माँ पापा बिन दुनिया सूनी
जैसे तपती आग की धूनी
माँ ममता की धारा है
पिता जीने का सहारा है.
 
By Monika Jain 'पंछी'
 
How is this poem about parents? 

Friday, July 10, 2015

Poem on World Population Day in Hindi


Poem on World Population Day in Hindi. Vishwa Jansankhya Diwas par Kavita, Divas. Rising Overpopulation, Increasing Explosion Slogans, Growth Quotes. विश्व जनसंख्या दिवस पर कविता, वृद्धि, विस्फोट. 

जनसँख्या सिर्फ संख्या तो नहीं 

कौन कहता है दुनिया की जनसंख्या सात अरब है 
मुझे तो लगती यह सात सौ अरब है. 

हर आदमी के होते हैं कई चेहरे, कई रूप 
छाँव के रंग बदल जाते हैं जब आती है कड़ी धूप. 

एक संत के चेहरे में छिपा रहता है शैतान 
त्यागी जिसे कहता है जग, आसमां छूता है उसका गुमान.

बिजली से कड़कते हैं जो बन शब्दों के जाल 
हकीकत में खामोश कर देता है उन्हें, किसी का डर तो किसी का माल.

जिसके चेहरे पर मुस्कुराहट, सौम्यता और विनम्रता का निर्झर बहता है 
उसके हाथों में कहीं छिपा एक खूनी खंजर रहता है.

सच के साथ खड़े होकर, करते हैं जो संपादक झूठ का पर्दाफाश 
उनकी नजरों से सुरक्षित है एक औरत, नहीं कर सकते इसका भी विश्वास.

मंदिर में जाकर चन्दन का जिसने टीका लगाया होगा 
नहीं जान सकता कोई उसके मन में कितना मैल समाया होगा. 

सत्य, अहिंसा, मुक्ति पर जो देता है हर रोज गुरु ज्ञान 
कितने अपराधों में होगा संलग्न, नहीं लगा सकते इसका भी अनुमान. 

समाज सेवा की आड़ में सेक्स स्कैंडल जैसे घृणित कार्यों को अंजाम 
अहिंसा का मुखौटा लगाकर भी होता है यहाँ कत्ले आम. 

छद्म नारीवादियों के रूप में जन्मे हैं नारी के नए शोषक 
लिखते हैं जो प्रेम शास्त्र, उनमें से कई मिलेंगे नफरत के पोषक. 

कायरों ने ओढ़ी शेरों की खाल, सन्यासी हो रहे मालामाल हैं 
सच्चा आदमी पहचानना है मुश्किल, हर ओर मकड़ी का जाल है.

चिंता जनसंख्या से ज्यादा मुझे एक आदमी में छिपे सौ चेहरों की है 
किसी मासूम को अपना निशाना बनाये खौफ़नाक पहरों की है.

देर सबेर बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लग भी जायेगी 
पर मुखौटे बदलने की यह प्रवृत्ति तो दिनों-दिन बढ़ती ही जायेगी. 

जनसँख्या नियंत्रण के साथ ही हो नियंत्रण एक जन में छिपे दुर्जन इरादों पर भी
प्यार की झूठी कसमों पर और नेता के झूठे वादों पर भी. 

क्योंकि समस्या मात्रात्मक से ज्यादा अब गुणात्मक हो रही है 
दिखते हैं यहाँ शरीर ही शरीर, आत्माएं सबकी कहीं खो रही है. 

By Monika Jain ‘पंछी’ 

How is this hindi poem on World Population Day?


Sunday, July 5, 2015

Poem on Diwali in Hindi


Poem on Diwali in Hindi for Kids. Deepawali Ka Tyohar Kavita, About Happy Deepavali Wishes, Festival of Lights Quotes Lines, Sms, Messages, Shayari, Slogans, Rhymes, Poetry. दिवाली पर कविता, दीपावली.

Poem on Diwali in Hindi

(Published in India Link, Grand Rapids, Michigan)

दिवाली 

अपने घर को तो हमने
चिरागों से रौशन कर दिया 
दिये जलाएं ढेरों 
और अमावस का सारा तम 
पल भर में हर लिया। 

माँ लक्ष्मी के स्वागत की 
सारी तैयारी कर ली 
मिठाई और मेवों से 
पूजा की थालियाँ भर ली। 

छोड़े ढ़ेर सारे पटाखे 
और फुलझड़ियाँ 
दोस्तों और रिश्तेदारों को दी 
ढ़ेरों बधाईयाँ। 

कर दी मीठे पकवानों की 
थालियाँ खाली 
लो मन गयी हमारी 
एक और दिवाली।

पर ना जाने कितने घर हैं 
जहाँ आज भी दिया जला नहीं 
ना जाने कितनी हैं आँखें 
जिनमें कोई ख़्वाब अब तक पला नहीं। 

क्या सिर्फ अपने घर को रौशन कर देने से 
दिवाली मन जाती है ?
दिवाली है बुराई पर अच्छाई की 
विजय का प्रतीक 
क्या सिर्फ लक्ष्मी पूजन से 
हमारे कर्तव्यों की छुट्टी हो जाती है ?

रोशन कर दो इस दिवाली 
अपने-अपने अंतर्मन को 
और हर लो उन सबके अंधरे 
जो जीते हैं सुबह शाम तम को। 
ताकि बन जाए उनकी भी ये शाम निराली 
और मन जाए हमारी एक सार्थक दिवाली। 

By Monika Jain 'पंछी'

Diwali is the festival of light, the symbol of victory of truth over lies. What can be the best way to celebrate this festival? I think the best way to celebrate deepavali is to light our soul first. There are many houses in our country filled with darkness. There are many people who even don’t have money to buy a single lamp. Isn’t our duty to share a little light with them also. Its the best time to distribute happiness among needy ones. So lets celebrate this deepawali in a unique and meaningful way. Wish you all a very Happy Deepawali. 

How is this poem about Diwali?


Saturday, July 4, 2015

Dance Quotes in Hindi


Dance Quotes in Hindi. Quotations on Dancing Day for Dancers. Nritya Diwas Related Sayings, Nach Slogans, Thoughts, Message, Sms, Status, Proverbs, Lines, Words. नृत्य दिवस, नाच.

Dance Quotes 

  • The word 'Dance' is undefined. नृत्य शब्द को परिभाषित नहीं किया जा सकता है.
  • Dance brings us in a totally different world. नृत्य हमें एक पूरी तरह से अलग दुनिया में लाता है.
  • The world of dance is really very beautiful. नृत्य की दुनिया वास्तव में बहुत सुंदर है.
  • When I dance I feel, It's not me, it's my soul that is dancing. जब मैं नृत्य करती हूँ तो मुझे लगता है मैं नहीं मेरी आत्मा नृत्य कर रही है.
  • Dancing gives us true feeling of happiness. नृत्य हमें खुशी की सच्ची भावना देता है.
By Monika Jain 'पंछी' 

How are these quotes about dance?