Saturday, October 31, 2015

Religion Quotes in Hindi

Religion Quotes in Hindi. Religious Sms, Spiritual Thoughts, Dharma Slogans, Dharmik Vichar, Suvichar, God Messages, Quotations, Suktiyan, Sayings, Proverbs, Status. धर्म पर विचार, धार्मिक सुविचार.
 
Religion Quotes

  •  किन विषयों पर लिखना पसंद है? निसंदेह 'प्रेम और धर्म'. पर जिस दिन धर्म प्रेम बन जाएगा और प्रेम धर्म, उस दिन लिखने की जरुरत भी ना रहेगी. उस दिन बस इन्हें जी भर के जीया जाएगा. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमने कुछ शब्दों, कुछ प्रतीकों को बहुत गहरे से पकड़ लिया है. तथ्य यह है कि बाहरी किसी भी चीज पर पकड़ जब बहुत गहरी हो जाती है तो वहां धर्म के अलावा सारे काम होने लगते हैं. ~ Monika Jain ‘पंछी’
  • धर्म वहां है जहाँ सभी प्राणी निर्भयता पूर्वक विचरण कर सकते हैं. जहाँ किसी की उपस्थिति किसी की उपस्थिति से बाधित नहीं. ~ Monika Jain ‘पंछी
  • 'धर्म' और 'प्रेम' दो ऐसे शब्द हैं जिन पर मानव जाति ने सबसे ज्यादा अत्याचार किया है. ~ Monika Jain ‘पंछी
  • जो सच में धार्मिक होते हैं वे अपना मंदिर-मस्जिद अपने साथ लेकर चलते हैं. उन्हें किसी मंदिर या मस्जिद के बनने और टूटने से फर्क नहीं पड़ता. ~ Monika Jain ‘पंछी
  • धर्म तो स्वभाव में होना चाहिए. आत्मा में झलकता हुआ. कार्यों और व्यवहार से छलकता हुआ. रोम-रोम में बसा हुआ. उसके लिए बाह्य कर्म कांडों की क्या जरूरत? ~ Monika Jain ‘पंछी
  • संसार की समस्त प्रवृत्तियां आत्मा को हानि पहुँचाने वाली है, जबकि धर्म की समस्त प्रवृत्तियां आत्मा को हितकारी है, आत्मा का कल्याण करने वाली है. ~ अज्ञात / Unknown
  • धर्म, मनुष्य को कर्त्तव्य पालन के साथ संयम और सादगी से रहने के लिए प्रेरित और संस्कारित करता है. ~ अज्ञात / Unknown
  • धर्म ही एक ऐसा सच्चा और निष्कपट मित्र है, जो कि मरने पर भी आत्मा के साथ जाता है ~ मनुस्मृति / Manusmriti 
  • जो व्यक्ति धर्म के लिए केवल किताबें पढ़ता है, उसकी हालत तो गल्पवाले उस गधे की है, जो पीठ पर चीनी का भारी बोझ ढोता हुआ भी उसकी मिठास को नहीं जान पाता. ~ अज्ञात / Unknown 
  • रूढ़ियाँ कभी धर्म नहीं होती. वे एक-एक समय की बनी हुयी सामाजिक शृंखलाएँ हैं. वे पहले की शृंखलाएँ जिनसे समाज में साफ़ सुथरापन था, मर्यादा थी, पर अब वह जंजीरें बन गयी हैं. ~ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' / Suryakant Tripathi Nirala
  • राजधर्म, आचार्य धर्म, वीर धर्म सब पर सोने का पानी फिर गया, सब टकाधर्म हो गए. धन की पैठ मनुष्य के सब कार्य क्षेत्रों में करा देने से, उसके प्रभाव को उतना विस्तृत कर देने से, ब्राह्मण धर्म और क्षात्र धर्म का लोप हो गया, केवल वनिग्धर्म रह गया. ~ रामचंद्र शुक्ल / Ramchandra Shukla 
  • भक्ति से बड़ी भारी शर्त है निष्काम की. भक्ति के बदले में उत्तम गति मिलेगी, इस भावना को लेकर भक्ति हो ही नहीं सकती. भक्ति के लिए भक्ति का आनंद ही उसका फल है. ~ रामचंद्र शुक्ल / Ramchandra Shukla  
  • कुछ राम को चुन रहे हैं, कुछ रावण को. कुछ दुर्गा को तो कुछ महिषासुर को. सबको पूजने के लिए कोई ना कोई तो चाहिए ही. ऐसा थोड़े हो सकता है कि जिसकी जो बात उचित लगे उसे चुन लें. ~ Monika Jain ‘पंछी

How are these religion quotes ?



Friday, October 23, 2015

Rabindranath Tagore Quotes in Hindi

Rabindranath Tagore Thakur Quotes in Hindi. Vichar, Shiksha, Gitanjali Thoughts, Quotations, Slogans, Sayings, Dohe, Jayanti Sms, Messages, Lines. रविन्द्र नाथ टैगोर के विचार, रवीन्द्रनाथ ठाकुर.

Rabindranath Tagore Quotes

  • तर्कों की झड़ी, तर्कों की धूलि और अन्धबुद्धि ये सब आकुल व्याकुल होकर लौट जाती है, किन्तु विश्वास तो अपने अन्दर ही निवास करता है, उसे किसी प्रकार का भय नहीं है. 
  • सिर्फ खड़े होकर पानी को ताकते रहने से आप समुंद्र को पार नहीं कर सकते. 
  • स्वर्ण कहता है - मुझे न तो आग में तपाने से दुःख होता है, न काटने पीटने से और न कसौटी पर कसने से. मेरे लिए तो जो महान दुःख का कारण है, वह है घुंघची के साथ मुझे तौलना. 
  • बीज के ह्रदय में प्रतीक्षा करता हुआ विश्वास जीवन में एक महान आश्चर्य का वादा करता है, जिसे वह उसी समय सिद्ध नहीं कर सकता. 
  • हमेशा तर्क करने वाला दिमाग धार वाला वह चाकू है जो प्रयोग करने वाले के हाथ से ही खून निकाल देता है.
  • सच्ची आध्यात्मिकता, जिसकी शिक्षा हमारे पवित्र ग्रंथों में दी हुई है, वह शक्ति है, जो अन्दर और बाहर के पारस्परिक शांतिपूर्ण संतुलन से निर्मित होती है. 
  • मन जहाँ डर से परे है और सिर जहाँ ऊँचा है, ज्ञान जहाँ मुक्त है और जहाँ दुनिया को संकीर्ण घरेलु दीवारों से छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा नहीं गया है, जहाँ शब्द सच की गहराइयों से निकलते हैं, जहाँ थकी हुई प्रयासरत बाहें त्रुटि हीनता की तलाश में हैं, जहाँ कारण की स्पष्ट धारा है, जो सुनसान रेतीले मृत आदत के वीराने में अपना रास्ता खो नहीं चुकी है, जहाँ मन हमेशा व्यापक होते विचार और सक्रियता में तुम्हारे जरिये आगे चलता है, और आज़ादी के स्वर्ग में पहुँच जाता है. ओ पिता! मेरे देश को जागृत बनाओं. 
  • आश्रय के एवज में आश्रितों से यदि काम ही लिया गया, तो वह नौकरी से भी बदतर है. उससे आश्रयदान का महत्त्व ही जाता रहता है. 
  • जो आत्मा शरीर में रहती है, वही ईश्वर है और चेतना रूप से विवेक के द्वारा सब शरीरों का काम चलाती है. लोग उस अन्तर्देव को भूल जाते हैं और दौड़-दौड़ कर तीर्थों में जाते हैं. 
  • देश का जो आत्माभिमान हमारी शक्ति को आगे बढ़ाता है, वह प्रशंसनीय है. पर जो आत्माभिमान हमें पीछे खींचता है, वह सिर्फ खूंटे से बांधता है, यह धिक्कारनीय है. 
  • विश्वास वह पक्षी है जो प्रभात के पूर्व अंधकार में ही प्रकाश का अनुभव करता है और गाने लगता है. 
  • समय परिवर्तन का धन है. परन्तु घड़ी उसे केवल परिवर्तन के रूप में दिखाती है, धन के रूप में नहीं.
  • मनुष्य जीवन महानदी की भांति है जो अपने बहाव द्वारा नवीन दिशाओं में राह बना लेती है.
  • जिस तरह घोंसला सोती हुई चिड़ियाँ को आश्रय देता है उसी तरह मौन तुम्हारी वाणी को आश्रय देता है.
  • हमारा मन पोथियों के ढेर में और शरीर असबाब से दब गया है, जिससे हमें आत्मा के दरवाजे-जंगले दिखाई नहीं देते.
  • मैं तुझसे आकाश, प्रकाश, मन, प्राण किसी की भिक्षा नहीं मांगता. केवल यही चाहता हूँ कि मुझे प्रतिदिन लालसाओं से बचने योग्य बना दे, यही मेरे लिए तेरा महादान होगा.

रवीन्द्रनाथ टैगोर / Rabindranath Tagore

How are these quotes of Rabindranath Tagore? 

Wednesday, October 21, 2015

Essay on Indoor and Outdoor Games in Hindi

Essay on Indoor Outdoor Games in Hindi for Kids, Students. Harmful Violence Effects of Cartoons on Children's Behavior and Psychology. Playing Video Games on Mobile, Computer. Television Addiction.
 
माँ की पाती ~ 1
प्यारी पंख,
 
कल तुम्हारे जन्मदिन पर तुम्हारे मामा तुम्हारे लिए वीडियो गेम लेकर आये. कल से तुम उसे देखकर चहक रही हो और अपने सारे दोस्तों से अपनी यह ख़ुशी बाँट रही हो. तुम्हें ख़ुश देखकर मैं भी बहुत ख़ुश हूँ. तुम्हारी यह चहक हमेशा बनी रहे. पर मेरी बच्ची, कुछ जरुरी बातें हैं जो तुम्हारे इन कंप्यूटर और वीडियो गेम्स की दुनिया में दाखिल होने से पहले तुम्हें बताना चाहती हूँ.
 
खेल हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा जरुर होते हैं, लेकिन इस बात का हमेशा ख़याल रखना कि वे हमारे जीवन पर नकारात्मक रूप से हावी ना होने पाएँ. और इनमें भी तुम जो रस्सी, बैडमिंटन, रेसिंग, साइकिलिंग जैसे आउटडोर गेम्स खेलती हो न, उन्हें हमेशा इन कंप्यूटर, मोबाइल और वीडियो गेम्स पर प्राथमिकता देना.
 
बेटू, तुम्हें याद है तुम्हारे निशांत भैया? तुम्हारी सुम्मी आंटी और संजय अंकल के बेटे. पिछली बार जब अंकल-आंटी घर आये थे तो कितने परेशान थे. क्या बता रहे थे कि निशांत पूरे दिन बस टीवी, कंप्यूटर और मोबाइल गेम्स से चिपका रहता है. दोस्त खेलने को बुलाते हैं तब भी उसके थोड़ी देर में आ रहा हूँ...थोड़ी देर में आ रहा हूँ...कहते-कहते रात हो जाती है पर उसके वो ‘एलियन आइसोलेशन’ और ‘ब्लू एस्टेट’ जैसे मार-धाड़ से भरे गेम्स खत्म नहीं होते. ना उसे खाना खाने का होश रहता और ना पानी पीने का.
 
मेरी प्यारी बच्ची, मैं जानती हूँ तुम तो बहुत समझदार हो. फिर भी इस बात का हमेशा ख़याल रखना है तुम्हें कि कोई भी ऐसा गेम बिल्कुल नहीं खेलना है, ना ही ऐसा कोई कार्टून शो देखना है जो हिंसा, खून-खराबे या मारपीट से भरा हो. बेटा, ऐसे गेम्स और कार्टून शो दिमाग पर बहुत बुरा असर डालते हैं. तुम देखती हो ना निशांत को. कितना चिड़चिड़ा हो गया है वह. कई बार स्कूल में मार-पीट तक कर आता है. स्टडी में भी उसकी परफॉरमेंस अच्छी नहीं रही है.
 
तो मेरी बच्ची, तुम्हें हमेशा ऐसे गेम्स खेलने हैं जो तुम्हें सकारात्मक, मजबूत और क्रिएटिव बनाये और तुम्हारी मानसिक और बौद्धिक क्षमता का विकास करे. हम जल्द ही तुम्हारे लिए ऐसे पॉजिटिव गेम्स की लिस्ट बनायेंगे. जिन्हें तुम अपने खाली समय में खेल सको. बाकी अगली बार जब हम निशांत के घर जायेंगे तो उसे भी अच्छे से समझायेंगे कि वह ऐसे वायलेंट गेम्स से दूर रहे और सब बच्चों के साथ मिलजुल कर खेला करे.
 
बेटा, सबके साथ मिलकर खेलने से हम जाने-अनजाने ही बहुत सी अच्छी बातें सीख जाते हैं. एक दूसरे की मदद करना, एकता, अनुशासन, सहनशीलता, आत्मनियंत्रण जैसे कई सारे अच्छे गुण हैं जो हमें आउटडोर गेम्स सिखाते हैं और हमारा शारीरिक-मानसिक विकास भी करते हैं. एक अच्छे स्वास्थ्य के लिए और एक अच्छे व्यक्तित्व के लिए सबके साथ मिलजुल कर खेलना बहुत उपयोगी होता है.
 
मेरे जॉब की वजह से हर रोज तुम्हें कुछ घंटे घर पर अकेले रहना पड़ता है. मुझे हमेशा चिंता लगी रहती है कि कहीं मेरी बच्ची अकेला तो महसूस नहीं कर रही होगी. ऐसे में मैं चाहती हूँ कि तुम एक समझदार बेटी की भूमिका निभाओ और अपने खाली समय का उपयोग अच्छे क्रिएटिव कामों में करो. और मेरी पंख ये करेगी इसका मुझे पूरा विश्वास है.

By Monika Jain 'पंछी'

How is this letter of a mother to her daughter explaining the importance of outdoor games over indoor mobile and computer games? 

Tuesday, October 20, 2015

Dussehra Story in Hindi


Dussehra Story in Hindi for Kids. Dasara Kahani. Vijaya dashami Ki Shubhkamnaye Sms, Festival Wishes Messages. Durga Ashtami Pooja Katha. Ravan Dahan Tales. दशहरा कहानी, दुर्गा पूजा, विजयादशमी कथा.
 
मुन्नी का दशहरा
 
मुन्नी बड़ी ख़ुश नजर आ रही थी। आज पहली बार वह अपने कस्बे का दशहरा मेला जो देखने जा रही थी। मेला देखने का यह उत्साह कई दिनों से उसके नन्हें से मन में हिलोरे ले रहा था। कुछ ही दिन पहले उसकी हिंदी की टीचर ने दशहरे के बारे में पढ़ाया था। तबसे उसका इंतजार और भी बढ़ गया। मेले की चाट-पकौड़ी, गुब्बारे, मिट्टी के सेठ-सेठानी, हूपला, झूले ये सब तो उसके आकर्षण का केंद्र थे ही लेकिन कई दिनों से मुन्नी के दिमाग में कुछ और बातें भी चल रही थी।
 
उसकी हिंदी की टीचर ने बताया था कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का त्यौहार है। और रावण को जलाना एक तरह से बुराई को जलाना ही है। उस दिन से ही मुन्नी ने कॉपी के एक पन्ने पर उन सब बातों की लिस्ट बनानी शुरू कर दी जो उसे भली नहीं जान पड़ती थी।
 
मुन्नी के पापा मुन्नी को बहुत प्यार करते हैं, लेकिन कुछ समय से वह देख रही थी कि पापा सिगरेट और शराब पीने लगे हैं जिसकी वजह से आये दिन पापा और मम्मी के बीच झगड़ा होता है। स्कूल में उसके बगल में बैठने वाली सीमा जब-तब उसकी पेंसिल चुरा लेती है और अगले दिन पेंसिल को दोनों और से छीलकर उसकी शक्ल ही बदलकर ले आती है और कहती कि यह तो मेरी ही है। उसकी अंग्रेजी की टीचर छोटी-छोटी सी बातों पर बच्चों को लकड़ी की बेंत से बुरी तरह से पीटती है। उसके पड़ोस में रहने वाला कल्लू जब भी वह घर के बाहर पड़ी काली मिट्टी से खिलौने बनाती है तो सब तहस-नहस करके चला जाता है।
 
पड़ोस में रहने वाली गौमती काकी जो एक अँधेरी कोठरी में रह रही है, हर रोज शहर बस गए अपने बेटे की चिट्ठी का इंतजार करती है पर वह चिट्ठी कभी नहीं आती। उसी की दोस्त गिन्नी की सौतेली माँ गिन्नी से ढेर सारा काम करवाती है, उसे खाना भी पूरा नहीं देती और उसकी पिटाई भी करती है। ऐसी ना जाने कितनी बातों की लिस्ट उसने बनायी और भगवान जी के नाम एक चिट्ठी लिख दी, जिसमें उसने इन सभी बुराईयों को रावण के साथ जला देने की प्रार्थना भगवान से की।
 
शाम में जब माँ ने मेले के लिए तैयार होने को आवाज लगाई तो मुन्नी अपनी सबसे पसंदीदा फ्रॉक पहनकर उसकी जेब में वह चिट्ठी डालकर इठलाते हुए मम्मी-पापा के साथ मेला देखने निकल पड़ी।

मेले में पहुँचने पर माँ-पापा किसी खिलौने की दुकान पर रुकते और उससे कुछ पसंद का खरीदने को पूछते तो वह बाद में...बाद में कहकर टाल देती और कहती मुझे सबसे पहले रावण को देखना है, एकदम पास से। और इस तरह वह बीच में आने वाले चाट-पकौड़ी, कुल्फी, झूले, गुब्बारों सबको अनदेखा करते हुए तब तक नहीं रुकी जब तक कि रावण के नजदीक नहीं पहुँच गयी। पर अपनी चिट्ठी डालने के लिए तो उसे और भी पास जाना था। पर पापा ने कहा कि इससे आगे नहीं जा सकते और यहाँ से रावण कितना बड़ा और साफ़ दिख तो रहा है। जब और गाए जाने का कोई रास्ता और तरकीब उसे नजर नहीं आई तो वह मायूस हो गयी। पापा ने उसे बार-बार समझाया पर उस पर कोई असर ना हुआ। मेला देखने का इतने दिनों का उल्लास जाने कहाँ चला गया। तभी पापा ने अपनी गुड़िया को गोद में उठाया और इसी दौरान वह चिट्ठी नीचे गिर पड़ी। मुन्नी बोली मेरी चिट्ठी और पापा उसे उठाकर पढ़ने लगे।

बच्ची के मासूम शब्दों में ढली प्रार्थना पापा के दिल को छू गयी। उन्होंने मुन्नी को चूमा और प्यार से समझाया, ‘बेटा, कोई भी बुराई सिर्फ कागज को आग में जला देने से नहीं मिट सकती। इसके लिए उसे हमें अपने मन से मिटाने का संकल्प लेना होता है। रावण को जलाना बस एक इशारा भर है हम सबके लिए अपने-अपने मन के रावण को जलाने के लिए। लेकिन अफसोस है कि हम बस कागज़ के रावण ही जलाकर रह जाते हैं।’ यह कहकर मुन्नी के पापा ने अपनी जेब से सिगरेट का पैकेट बाहर निकाला और उसे वहां पड़े डस्टबिन में फेंक दिया और मुन्नी से वादा किया कि अबसे वह इन बुरी आदतों को हाथ भी न लगायेंगे।
 
मुन्नी की मुस्कान फिर लौट आई। उसने कहा, ‘अगर ऐसा है तो आज से मैं अपना होमवर्क टाइम से करुँगी और खाना खाते समय नखरे भी नहीं दिखाऊंगी।’ मुन्नी की माँ भी ख़ुश होकर बोली, ‘आज से मैं भी अपनी प्यारी मुन्नी पर कभी हाथ नहीं उठाऊंगी।’
 
पीछे रावण जलने लगा था। मुन्नी ने अपने पापा-मम्मी के साथ मेला अच्छे से घूमा। खिलौने खरीदे, झूला खाया, हूपला खेला, जादूगर का खेल देखा, अपनी पसंदीदा आइसक्रीम, जलेबी और पकौड़ियाँ खायी और फिर सब ख़ुशी-ख़ुशी घर लौट आये। मेले से वह गौमती काकी के लिए मिठाई और एक साड़ी भी खरीद कर लायी थी। जिसे देखकर गौमती काकी की आँखें ख़ुशी से छलछला उठी। उसने मेले से लाये खिलौनों से कल्लू को भी खेलने दिया और इसके बाद कल्लू ने उसके खिलौने कभी नहीं बिगाड़े। 
 
अपने लिए मेले से लायी रंग-बिरंगी पेंसिल्स में से उसने कुछ पेंसिल सीमा को भी दी। सीमा बहुत ख़ुश हुई और उसे अपनी गलती का अहसास भी हुआ। उसने मुन्नी से वादा किया कि अब वह ऐसा काम कभी नहीं करेगी।
 
अंग्रेजी की बेंत मारने वाली टीचर और उसकी सहेली गिन्नी की सौतेली माँ के अंदर के रावण भी एक दिन जल जायेंगे, इसी आशा के साथ वह अपना होमवर्क करने बैठ गयी।
 
By Monika Jain ‘पंछी’

How is this story about Dussehra? 
 
 

Wednesday, October 14, 2015

Smile Shayari in Hindi

 
Smile Shayari in Hindi. Muskurahat Poetry, Muskan Lines, Keep Smiling Sms, Muskaan Kavita, Laugh Quotes, Khushi Thoughts, Hansi Status, Messages, Rhymes, Muktak. मुस्कुराहट पर शायरी, मुस्कान कविता.
 
Smile Shayari / मुस्कुराहट शायरी
 
(1)
 
ये एक मुस्कुराहट बनती है
हजारों आँसूओं को पीकर
बनती है किसी की मलहम
अपने सौ जख्मों को सीकर.
 
(2)
 
जब भी लिखना चाहती हूँ उदासी
ये अंगुलियाँ सारे शब्द मिटा देती है
आंसू, बेचैनी और ग़मों के
सारे अक्स मिटा देती है
मैं हैरत में पड़ देखती हूँ उन्हें
तो मुस्कुराकर कहती है
जिसे बांटनी हो मुस्कुराहट
उसे अपने गम पीने पड़ते हैं
जिसे लिखना हो बस प्रेम ही प्रेम
उसे नफ़रत के सारे पैबंद
खुद ही सीने पड़ते हैं.
 
(3)
 
आवाज़ तो नहीं हुई पर कुछ टूटा था अभी
दिल को जो था अजीज कुछ छूटा था अभी
दर्द तो हुआ था पर मुस्कुरा गयी मैं
और देखो ज़िन्दगी! मौत को फिर हरा गयी मैं.
 
(4)
 
किसने कहा शायरी उदास तबीयत का काम है
'खुशमिजाज शायरा' अपना तो अब से यही नाम है.
 
(5)
 
चंद चीजों से छुटकारा और उस फकीर की मुस्कुराहट
आज सौदा ये बड़े फायदे का हो गया.
 
(6)
 
अख्ज़ की मुस्कुराहट में वो सुकूं कहाँ?
जो अत्फ़ करने के दरमियां खिलती है.
 
(7)
 
आँखों से अशहार के छलकने से पहले, चुरा लाती है उन्हें मेरी सिसिकियाँ
सिसकियों की आहट होने से पहले, होठों में जड़ जाती है मोती की लड़ियाँ.
 
(8)
 
उदास हो तो भी मुस्कुराओ
हताश हो तो भी मुस्कुराओ
मुस्कुराहट के रूह तक पहुँच जाने तक
अभिनय ही सही तुम मुस्कुराओ.
 
(9)
 
किसी ने कहा जिंदगी आपके होठों पे मुस्कुराती है
मैंने कहा जो मौत भी मुस्कुराये तो कुछ बात हो
चुन-चुन के मुस्कुराना तो हम सबने है सीखा
जो मुस्कुराहट एक प्रवाह हो तो कुछ बात हो.
 
 
By Monika Jain ‘पंछी’
 
 
How is this hindi shayari collection on smile?


Monday, October 12, 2015

Information on Whales in Hindi


Information on Whales in Hindi for Kids. About Whale Mammal, Interesting Characteristics, Amazing Whaling Fun Facts, Blue, Humpback, Orca, Beluga, Killer, Gray, White, Fin, Fish Species, व्हेल.
 
Information about Whales

  • व्हेल उन जलीय जीवों में से है जिसकी कुछ प्रजातियाँ अब तक के सबसे बड़े जानवरों में शामिल है. 
  • व्हेल जीवन पर्यंत पानी में रहती है. लेकिन मछली के आकार के बावजूद भी यह एक स्तनधारी है. व्हेल अकेली स्तनधारी है जिसने महासागर के जीवन के अनुसार खुद को ढाला है.
  • समानता के तौर पर यह अन्य स्तनधारियों की ही तरह फेफड़ों से सांस लेती है. इसका खून गर्म है. स्तन ग्रंथि है जिससे यह अपने बच्चों को पोषण देती है, साथ ही इसके ह्रदय में चार चैम्बर होते हैं.
  • असमानता के रूप में अन्य अधिकांश स्तनधारियों के चार पैर होते हैं लेकिन व्हेल के पीछे के पैर नहीं होते. और आगे पैरों की जगह फ्लिपर्स होते हैं. इससे व्हेल को पानी में तैरने और अपना संतुलन बनाये रखने में मदद मिलती है.
  • ज्यादातर स्तनधारियों के शरीर पर बाल होते हैं पर दंतधारी व्हेल के शरीर पर या तो बहुत कम या बिल्कुल बाल नहीं होते हैं.
  • कई दंतधारी व्हेल में फूला हुआ माथा और लम्बी नाक (जिसे चोंच कहा जाता है) होती है.
  • भोजन प्रक्रिया और स्वभाव के आधार पर व्हेल बैलीन और दंतधारी दो प्रकार की होती है.
  • व्हेल काले रंग से लेकर स्लेटी और सफेद रंग में पायी जाती है.
  • व्हेल अपनी दमदार पूँछ की सहायता से तैरती है और उनके शरीर की लम्बाई का एक तिहाई हिस्सा पूँछ ही होती है.
  • व्हेल का मस्तिष्क एक सख्त खोपड़ी में बंद होता है और बहुत जटिल होता है. यह खोपड़ी स्नायु तंत्र से जुडी होती है.
  • इनका ह्रदय रक्त पंप करता है और इनकी आकृति इन्हें ध्रुवीय महासागर की जमा देने वाली ठण्ड में भी गर्म रखती है.
  • व्हेल गर्म मौसम वाले स्थानों पर रहना पसंद करती है. उत्तरी प्रशांत महासागर में पायी जाने वाली स्लेटी व्हेल आर्कटिक से दक्षिणी कैलिफोर्निया की ओर 16000 किमी की दूरी का प्रवास करती है. यह किसी भी स्तनधारी का सबसे लम्बा प्रवास होता है.
  • स्लेटी व्हेल की लम्बाई करीब 15 मीटर तक होती है. इसके शरीर पर सफ़ेद चित्ते होते हैं.
  • नीली व्हेल (सल्फर बॉटम) ठन्डे, संयमित और महासागर के गहरे जल में पायी जाती है. ये आइस्लैण्डिक और सेल्टिक सामुद्रिक पारिस्थितिकी, दक्षिणी कैरेबियन समुद्र में पायी जाती है. कुछ व्हेल कैलिफोर्निया तट पर भी रहती है और अक्सर ये मैक्सिको व कोस्टारिका में प्रवास करती है.
  • नीली व्हेल पृथ्वी पर पायी जाने वाली सबसे बड़ी जीव है. यह 30 मीटर तक लम्बी हो सकती है. इसका वजन 127000 किलोग्राम तक हो सकता है. इसके शरीर पर हल्के रंग के धब्बे होते हैं.
  • नीली व्हेल एक बार सांस लेने में दो हजार गुब्बारों जितनी हवा खींचती है और बाहर निकालती है. 
  • नीली व्हेल की सीटी की आवाज सभी जानवरों में सबसे तेज होती है.
  • नीली व्हेल के दिल का आकार छोटी कार के बराबर होता है और इसकी जीभ का वजन एक हाथी के वजन के बराबर होता है.
  • एक दूसरे के साथ व्हेलों का व्यवहार चंचल और स्नेही होता है.
  • नर व्हेल मादा व्हेल के साथ ही रहता है और उसकी तथा उसके शावक की रक्षा करता है.
  • मादा व्हेल प्रवृत्ति से रक्षात्मक होती है. अपने घायल शावक को छोड़कर नहीं जाती और लगभग एक साल तक यह अपने शावक की देखभाल करती है. उसे दूध पिलाती है.
  • व्हेल कलाबाजियां भी करती है. पानी के भीतर से वे ऊंची छलांग लगाती है और फिर नीचे आते समय पानी पर थपेड़े मारती है. इस प्रक्रिया को ब्रीचिंग कहा जाता है.
 
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Saturday, October 10, 2015

Success Quotes in Hindi

Success Quotes in Hindi for Students Life. Safalta Sutra Suvichar, Victory Quotations, Achievement Sms, Vijay Sayings, Jeet Messages, Slogans, Lines, Proverbs, Status. सफलता के सूत्र, सुविचार, उद्धरण.

Success Quotes

  • उन सभी कारणों को भूल जाएँ कि कोई कार्य नहीं होगा. आपको केवल एक अच्छा कारण ढूँढना है कि यह काम सफल होगा. ~ डॉ. रॉबर्ट / Dr Robert 
  • वह इंसान सफल है जो अपने मार्ग के प्रतिबंधो और अवरोधों को नये अवसरों में बदल सके. ~ Monika Jain ‘पंछी’
  • असफलता का भय सफलता के रास्ते की सबसे प्रमुख रूकावट है. ~ Monika Jain ‘पंछी’
  • सफलता वाकई किस्मत और मेहनत का संगम है. ~ डस्टिन मोस्को विट्ज / Dustin Moskovitz
  • विफलता से शिक्षा पा लेना एक बहुत बड़ी सफलता है. ~ मैल्कम फोर्ब्स / Malcolm Forbes
  • विफलता का डर दरअसल सफलता की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है. ~ एरिक्सन / Ericsson
  • सफल व्यक्ति वह है जो खुद पर फेंकी गयी ईटों से एक मजबूत नींव तैयार कर ले. ~ डेविड ब्रिकले / david brinkley
  • सफलता समझदारी और परिश्रम से मिलती है. ~ माघ / Magh
  • आप सही रास्ते पर हो, फिर भी अगर बैठे रहेंगे तो पीछे रह जायेंगे. ~ बिल रॉज़र्स / Bill Rodgers
  • अपने आप पर और अपनी योग्यता पर यकीन करें और आत्मविश्वास रखें, आप जरुर सफल होंगे. ~ जिम रोन / Jim Rohn
  • कुछ लोग सफलता की राह देखते हैं और बाकी उठ खड़े हो उसके लिए जी-जान लगा देते हैं. ~ अज्ञात / Unknown
  • जो चुनौतियों का सामना करने से डरता है, उसका असफल होना तय है. ~ अज्ञात / Unknown
  • कुछ लोग सफल होते हैं क्योंकि उनका भाग्य उन्हें सफलता प्रदान करता है लेकिन अधिकांश दृढ़ संकल्पशील व्यक्ति सफल होते हैं. ~ ग्रीम क्लेग / Graeme Clegg
  • विफल व्यक्ति वह है जिसने भूले तो की हैं, लेकिन इनसे मिलने वाले सबक का लाभ नहीं उठाया. ~ ई हब्बार्ड / E Hubbard
  • जगत में सीधे मार्ग कहीं नहीं है. हमें टेढ़े-मेढ़े मार्ग तय करने के लिए तैयार रहना चाहिए तथा मुफ्त में सफलता प्राप्त करने का प्रयत्न नहीं करना चाहिए. ~ माओत्से तुंग / Mao Tse Tung
  • बिना मेहनत के सफलता की कोशिश ठीक वैसी ही है, जैसे आप ऐसी जगह से फसल काटने की कोशिश करें, जहाँ आपने उसे बोया ही नहीं. ~ डेविड ब्लाए / David Blye 
  • सम्मान रहित सफलता नमक रहित भोजन की तरह है. इससे भूख तो मिट जायेगी लेकिन स्वाद नहीं आएगा. ~ जो पैटर्नो / Joe Paterno
  • जिसमें तुम्हारी प्रवृत्ति है, उसी में लीन रहो. इसके विपरीत कुछ और बनाना चाहोगे तो कुछ भी न बन सकोगे. ~ सिडनी स्मिथ / Sydney Smith
  • सफलता वह सौभाग्य है जो कि उच्चाकांक्षा, साहस, पसीना बहाने और प्रेरणा से प्राप्त होता है. ~ ईवान ईसार / Evan Esar
  • आपकी उपलब्धियों का निर्धारण आपकी प्रवृत्तियों से नहीं, बल्कि आपके रवैये से होता है. ~ जिग जगलर / Jig Jiggler
  • हमारी पहचान हमेशा हमारे द्वारा अर्जित अथवा छोड़ी गयी उपलब्धियों से होती है, न कि हमारे नाम से. ~ अमरीकी कहावत
  • यदि महानतम सफलता प्राप्त करने की प्रक्रिया में आपने किसी दिल को ठेस पहुंचाई है तो अपने को सर्वाधिक विफल मानना चाहिए. ~ अज्ञात / Unknown 
  • ऐसे लोगों के लिए परिणाम सर्वश्रेष्ठ रहते हैं जो सामने आने वाली परिस्थितियों में श्रेष्ठ कार्य निष्पादन करते हैं. ~ आर्ट लिंकलैटर / Art Linkletter
  • लोगों के साथ सामंजस्य स्थापित कर पाना ही सफलता का एक अति महत्वपूर्ण सूत्र है. ~ जेम्स एलन / James Allen
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Thursday, October 8, 2015

Patience Quotes in Hindi

 
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Patience Quotes

  • अत्यधिक अधीरता की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है. 
  • जो धैर्य का स्वामी है वह सभी का स्वामी है. ~ George Savile 
  • धैर्य बुद्धि का साथी है. ~ Saint Augustine 
  • मनुष्य वस्त्रों के बिना तो शोभित हो सकता है, किन्तु लज्जा व धैर्य से रहित होने पर नहीं. ~ श्रीहर्ष / Shriharsh 
  • अधीरता वरदान हो सकती है, यदि आप इसे अपने साथ बरतें. ~ राड मैक्यून / Rod Mckuen
  • धैर्यवान मनुष्य आत्मविश्वास की नौका पर सवार होकर आपत्ति की नदियों को सफलतापूर्वक पार कर जाते हैं. ~ भृर्तहरि 
  • लेखन अच्छा कार्य है, सोचना-विचारना सर्वश्रेष्ठ है. चतुराई अच्छी है लेकिन धैर्य सर्वोत्कृष्ट है. ~ हेरमन हेस्स / Herman Hesse 
  • हर बात में धीरज रखें, विशेषकर अपने आप से. अपनी कमियों को लेकर धैर्य न खोएं. ~ फ्रांसिस दे सेल्स
 
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Wednesday, October 7, 2015

Maharana Pratap Story in Hindi

 
Story of Maharana Pratap Singh in Hindi for Kids. Childhood Tales, Chetak Horse Ki Kahani, Elephant Ram Prasad Katha, Speech, Kahaniyan, Children Stories. महाराणा प्रताप कहानी, चेतक, हाथी रामप्रसाद.
 
महाराणा प्रताप का प्रतीक

स्कूल की छुट्टी हो गयी थी. रमन, सुलेखा, चित्रा, दीपक, सृष्टि, अमन और प्रतीक सभी बच्चे बहुत उत्साहित लग रहे थे. कुछ दिनों बाद उनके स्कूल में विचित्र वेशभूषा प्रतियोगिता जो थी और इन सभी ने उसमें अपना नाम लिखवाया था. सभी घर आते हुए इसी पर चर्चा कर रहे थे.  
 
‘मुझे समझ नहीं आ रहा मैं क्या बनूँगा’, दीपक ने कहा.
 
मैंने तो सोच लिया है, ‘मैं तो मीरा ही बनूँगी.’ चित्रा बोली.
 
‘तू मीरा बनेगी तो मैं कृष्ण बन जाऊँगा. अब से तू मेरी भक्त हुई. चल आशीर्वाद ले चुहिया!’, अमन ने चित्रा को चिढ़ाते हुए कहा और सारे बच्चे हँस पड़े.
 
‘आशीर्वाद ले मेरा ठेंगा. तुझ पर तो कंस बनना ही सूट करेगा कनखजूरे!’ चित्रा मुंह बनाते हुए बोली और फिर से सबकी हंसी छूट गयी.
 
‘इन दोनों की लड़ाई तो कभी खत्म न होने वाली. वैसे तुम लोग यह तो भूल ही गए कि इस बार इस प्रतियोगिता में कुछ नया भी शामिल किया गया है’, रमन बोला.
 
‘अरे हाँ! मेम ने कहा था कि इस बार जो जिस पात्र का अभिनय करेगा उसे उसी के जीवन से सम्बंधित प्रश्न भी पूछे जायेंगे. और यह भी प्रतियोगिता के मूल्यांकन का एक अहम् हिस्सा है’, सृष्टि ने अमन की बात आगे बढ़ाते हुए कहा.
 
‘पर यह सब हम कैसे पता करेंगे’, सुलेखा ने चिंतित होते हुए पूछा.
 
‘हे चिंता देवी! इन्टरनेट किस दिन काम आएगा’, अमन ने बेफिक्र होते हुए कहा.
 
प्रतीक आज बिल्कुल चुप था और अपने में ही खोया हुआ था. कुछ देर में सब बच्चे घर पहुँच गए.
 
घर पहुँचते ही प्रतीक इन्टरनेट पर कुछ सर्च करने लगा.
 
‘बेटा! खाना तो खा लो पहले और यह क्या तुमने अपनी यूनिफार्म भी नहीं बदली अभी तक’, प्रतीक की मम्मी ने कहा.
 
प्रतीक ने उत्साहित होते हुए पापा-मम्मी को प्रतियोगिता के बारे में बताया और कहा, ‘मैं महाराणा प्रताप बनना चाहता हूँ पापा! आज उनकी एक कविता आई थी हमारी हिंदी की किताब में. बस तब से ही उनके बारे में और ज्यादा जानने की इच्छा है. और फिर हमसे हम जो भी बनेंगे उनके जीवन से आधारित प्रश्न भी तो पूछे जायेंगे.’
 
‘अरे वाह! महाराणा प्रताप ही तो बना था मैं अपने कॉलेज के दिनों में उनके जीवन पर आधारित एक नाटक में. चलो पहले कपड़े बदलकर खाना खाओ फिर मैं तुम्हें सब कुछ बताता हूँ उनके बारे में’, प्रतीक के पापा ने गर्व से कहा.
 
प्रतीक यह जानकार बड़ा ख़ुश हुआ. शाम में पापा के पास बैठकर उसने बड़े ध्यान से महाराणा प्रताप के बारे में सब कुछ सुना और प्रतियोगिता की तैयारी शुरू कर दी.
 
आज प्रतियोगिता का दिन था. अंतिम बारी प्रतीक की ही थी. लम्बी कद काठी वाला हष्ट-पुष्ट प्रतीक बिल्कुल महाराणा प्रताप का छोटा प्रतिरूप ही लग रहा था. उसके चेहरे का ओज और आत्मविश्वास भी देखते बनता था. उसके स्टेज पर आते ही सब तरफ से तालियों की गड़गड़ाहट गूँज पड़ी.
 
जज महोदय ने पूछा, ‘प्रतीक, कौनसी बात ने तुम्हें महाराणा प्रताप बनने के लिए प्रेरित किया.’
 
प्रतीक ने कहा, ‘सर यूँ तो महाराणा प्रताप का पूरा जीवन ही इतना प्रेरणादायक है कि प्रतियोगिता में ही सही महाराणा प्रताप का अभिनय करना मेरे लिए बहुत गर्व का विषय है. पर हाँ महाराणा प्रताप बनने का विचार मेरे मन में तब आया जब हमारी हिंदी की पाठ्य पुस्तक में महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक और हाथी रामसिंह का उल्लेख आया था. कहते हैं हल्दीघाटी के युद्ध में मानसिंह के हाथी पर जब चेतक ने अपने दोनों पाँव चढ़ा दिए तब हाथी की सूंड पर बंधी तलवार से उसका एक पैर कट गया था. ऐसी हालत में भी वह लगातार युद्ध भूमि में महाराणा प्रताप का साथ देता रहा. जब प्रताप युद्ध भूमि से बाहर निकल रहे थे तब दो मुग़ल सैनिक उनके पीछे थे. सामने 26 फीट चौड़ा नाला था. चेतक जिसका एक पैर कटा हुआ था. उसने इस स्थिति में भी अपने स्वामी की रक्षा के लिए अपना सारा बल लगाकर उस नाले को पार कर लिया और सैनिक पीछे ही रह गए. इसके बाद चेतक की गति मंद पड़ गयी और वह वीरगति को प्राप्त हुआ. इसी तरह महाराणा प्रताप के हाथी रामप्रसाद को मानसिंह ने बंदी बनाकर अकबर को भेंट किया था. पर रामप्रसाद ने शत्रु के यहाँ 18 दिनों तक दाना-पानी कुछ भी नहीं खाया और शहीद हो गया. जिस महाराणा प्रताप से जानवर भी इतना प्यार करते थे कि उनके लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया, वे स्वयं कितने विलक्षण और अद्भुत होंगे यह सोचते हुए ही मेरे मन में महाराणा प्रताप बनने और उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने की इच्छा जागृत हुई और जितना मैं उनके विषय में जानता गया उतना ही मेरे मन में महाराणा प्रताप और मेवाड़ की इस भूमि के प्रति सम्मान बढ़ता गया. न जाने कितनी बार ऐसा हुआ जब महाराणा प्रताप के बारे में पापा से सुनते हुए मेरी आँखों में आंसू आ गए. महाराणा प्रताप जैसे वीरों की गाथाएं हमारी अमूल्य धरोहर है. मैं अगर उनके जीवन से कोई एक गुण भी गृहण कर पाऊं तो मेरे लिए बहुत गर्व की बात होगी.’
 
प्रतीक का जवाब सुनकर पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा. सभी की आँखें नम हो गयी. जब पुरस्कार की घोषणा होने लगी तो सब तरफ से प्रतीक-प्रतीक के स्वर गूँजने लगे. प्रतीक को पहला पुरस्कार मिला और पूरा हॉल महाराणा प्रताप की जय-जयकार से गूँज उठा.

By Monika Jain ‘पंछी’

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Poem on Poverty in Hindi

 
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पेट भर सकने का सपना
 
निकलता है घर से पेट भर सकने की चाह में वह 
अनिश्चितता के मकड़जाल में बुनता रहता है सपना वह.
 
कभी सपना उसका पार पा जाता है
और पेट भर सकने जितना वो कमा पाता है
कभी भूखे पेट ही संग उसके 
उसका सपना भी सो जाता है.
 
हर बार उसके दिल में जगायी उम्मीदें 
नेता के भाषण, वादों, जीत और कुछ भी न बदलने के चक्र में
दम तोड़ती नज़र आती है
पदलोलुपता, महत्वाकांक्षा और भ्रष्टाचार के शासन तले
लात हर बार उसके पेट पर ही मारी जाती है.
 
नहीं समझ पाता वो
बढती महंगाई में भी, शेयरों के भाव क्यों गिरते हैं?
उसके जीवन में जब कुछ भी नहीं बदलता
तो हर रोज ये नेता क्यों बदलते हैं?
 
आटे, दाल, आलू, प्याज के भावों पे नज़र डाल
कोसता है अपने भाग्य को वह मिट्टी का लाल.
 
सूरज की किरणे जब सकपकाती सी 
घुस आती है कोठरी में उसकी
तो निकल पड़ता है फिर से वह
उसी अनिश्चितता की राह में
पेट भर सकने का सपना लिए.

By Monika Jain 'पंछी'

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Friday, October 2, 2015

Essay on Dussehra in Hindi


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विजयादशमी के मायने

उत्सव और त्यौहार हर्ष, उल्लास और मनोरंजन के प्रतीक हैं. दौड़ती-भागती ज़िन्दगी की बोरियत में कुछ ठहरे हुए क्षण. ये बात अलग है कि ये दौड़-भाग की ज़िन्दगी भी इंसान ने खुद चुनी और ये बोरियत भी. मैं उत्सव विरोधी बिल्कुल नहीं हूँ. लेकिन एक बड़ी मजेदार चीज है. इंसान ने सारी दुनिया के साधन अपने मनोरंजन के लिए जुटा लिए, इसके बावजूद भी उसकी बोरियत दूर नहीं हो पायी. वह घोड़ों को दौड़ाता है, वह बैलों को लड़ाता है, वह खुद भी अखाड़े में उतर जाता है, दुनिया भर के गीत-संगीत, नृत्य, खेल, एडवेंचर, त्यौहार और भी न जाने क्या-क्या इंसान ने अपने लिए उपलब्ध करवा लिए, लेकिन उसकी बोरियत आज भी वैसी की वैसी ही है और आनंद की खोज अब तक जारी है. जबकि घोड़ों, गधों, बैलों, ऊंटों किसी को भी इंसान की इस दौड़ में कोई रूचि नहीं. बल्कि जिन लोगों को मनोरंजन के साधनों की दरकार नहीं, जो सबकी तरह बोरियत महसूस नहीं करते, जिनके लिए प्रकृति और अंतर्मुखता ही सारे आनंद और उत्सवों की शरणस्थली है, वे लोग भी उसकी नजर में बोरिंग इंसान करार दे दिए जाते हैं. अजब है पर सच है.

खैर! अब आते हैं हम विजयादशमी पर. उत्सव, त्योहारों और आनंद की इसी कड़ी में हर वर्ष रावण का दहन एक परंपरा बन चुका है और यह त्यौहार मनाया जाता है बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में. कई अन्य मान्यताओं के साथ जो एक प्रमुख मान्यता है वह है कि इस दिन श्री राम ने रावण का वध किया था और लंका पर विजय प्राप्त की थी. बुराई की हार और अच्छाई की विजय निश्चित रूप से अच्छा संकेत है. इसे सेलिब्रेट करना भी अच्छी बात है. लेकिन क्या सिर्फ जश्न मनाने तक ही यह सारी कवायद होनी चाहिए? जिस रावण को हम सालों से जलाते आ रहे हैं वह रावण तो कभी का मृत्यु का वरण कर चुका, तो फिर हर साल रावण का कद बढ़ा-बढ़ाकर हम कौनसी बुराईयों को जलाते हैं? हम तमाशाबीन अपनी बुराईयों, अपने गुनाहों, अपने अपराधों से अनजान किसकी मृत्यु पर इतना हर्ष मनाते हैं?

विजयादशमी संकेत है अपने मन के भीतर झाँकने का और वहां सदियों से जो गन्दगी, बुराई और अज्ञान रुपी धूल की पर्तें जमी हैं उन्हें झाड़ने का. यह समय है बहिर्मुखी से अंतर्मुखी बनने का, अन्याय से न्याय और असत्य से सत्य की ओर लौटने का. लेकिन हमारा सारा उत्सव, हमारा सम्पूर्ण जीवन तो कुछ और ही कहानी बयां करता है. हम खुद से इतना भयभीत हो चुके हैं, हम अपने मन से इतना हार चुके हैं, हम अपनी कमजोरियों के इस कदर गुलाम बन चुके हैं कि हमारी सारी यात्रा बाहर और दूसरों की तरफ ही होती है. तभी तो कागज का जलता हुआ रावण हमें हर्ष और उल्लास दे जाता है लेकिन अपने भीतर के रावण को हम दिन प्रतिदिन सशक्त होने देते हैं. उसके सामने हमारा कोई वश नहीं चलता.

मेरे कस्बे के दशहरे मेले में जिस समय रावण का पुतला धूं-धूं करके जल रहा होता है ठीक उसी समय एक कविता हमेशा बोली जाती है, जिसमें एक पंक्ति आती है, ‘सचमुच के रावण जिन्दा है, कागज़ के रावण जलते है.’ और इन्हीं मेलों में लड़कियों को कितनी अश्लील हरकतों का सामना करना पड़ता है, यह भी किसी से छिपा हुआ नहीं. लेकिन सब कुछ पता होते हुए भी कितने विरोधाभासों में जीते हैं हम. हर पल हम उन्हीं पात्रों की आलोचना कर रहे होते हैं जिन्हें हम किसी ना किसी रूप या मात्रा में खुद जी रहे होते हैं.

उत्सव हमारे जीवन का अपरिहार्य हिस्सा बन चुके हैं लेकिन जीवन उत्सव तभी बन सकता है जब इन उत्सवों से मिले सार्थक सन्देश को भी हम अपने जीवन में उतार सकें. विशेष रूप से जब कोई किसी उत्सव को धर्म से जोड़ता हैं, अपने किसी आराध्य से जोड़ता हैं तब तो उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. दशहरा आने वाला है. आईये हम सब मनन करें कि इस बार रावण दहन की अग्नि को हम अपनी कौनसी बुराई अर्पित करके आने वाले हैं. बाकी आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

By Monika Jain ‘पंछी’

How is this essay about Dussehra festival?