Friday, January 29, 2016

Essay on Valentine’s Day in Hindi

Essay on Valentine’s Day in Hindi. Happy Saint Valentine Week, Prem Diwas Speech, 14 Feb Article, Love Story, Pyar, Basant Panchami Ritu, Spring Season, Paragraph. प्यार, प्रेम दिवस, बसंत पंचमी, ऋतु.
 
प्रेम और संतुलन
सुनो प्रेम!
 
हमने फूलों को तुम्हारे आगमन का प्रतीक माना. हमने हरियाली को तुमसे जोड़ा. हमने रंगों को भी तुम्हें अर्पित कर किया. कोयल के स्वर, मयूर का नृत्य, बादलों की रिमझिम...प्रकृति में ऐसा कोई भी चित्र, कोई भी भाव और कुछ भी तो शेष नहीं जो सुन्दर हो और तुमसे न जोड़ा गया हो. तुम पर इतना लिखा गया जितना कभी किसी शब्द पर नहीं लिखा गया. तुम्हें इतना पढ़ा गया जितना कभी कुछ और नहीं पढ़ा गया. फिर भी हर बार, बार-बार तुम बिल्कुल ताजा होकर खिल आते हो...कभी किसी की लेखनी से बिखरे शब्दों को चुनकर, तो कभी किसी प्रेयसी की आँखों में चंद सपनों को बुनकर...कभी किसी माँ की ममता में लिपट कर...तो कभी किसी पिता के वात्सल्य में रमकर...कभी किसी के गीतों के स्वर में...तो कभी किसी के ध्यान के प्रहर में…
 
पर जाने क्यों तुम पर हुई इतनी चर्चाओं, इतने प्रतीकों, इतने शब्दों, इतनी उपमाओं और अलंकारों के बावजूद भी ऐसा लगता है जैसे हम लोगों ने तुम्हें ठीक से समझा ही नहीं. इसलिए ही तो इस दुनिया में तुम्हारी कुछ कमी सी खलती है. पर शायद सारी दुनिया को प्रेममय देखने की ख्वाहिश ही कुछ बड़ी सी है, और शायद संतुलन के चलते यह संभव भी नहीं, लेकिन नकारात्मकता की अनावश्यकता तो कम होनी ही चाहिए न?
 
माँ कहती है अब फलों, सब्जियों, दालों, दूध आदि में पहले सी मिठास नहीं रही. पर माँ, यह मिठास रहेगी भी कैसे? मन की मिठास ही तो दुनिया के हर कौने तक पहुँचती है. मन ही तो स्त्रोत है. जब-जब मन में मिलावट होगी तो वह बाहर अभिव्यक्त होगी ही. सिर्फ प्रेम भरा मन ही तो शुद्धता बिखेर सकता है. और कुछ कैसे?
 
रूह को कंपा देने वाले हैं इस समाज के कुछ घिनौने सच. और जब घटनाएँ हमारी सोच और विचारों से भी परे की हो तो क्या किया जाए? काश! इतना भी हो कि हर एक हत्या हमारे भीतर किसी को जीवन देने की भावना को मजबूत करे. हर एक अन्याय हमारे भीतर न्याय करने की क्षमता को बल दे. हर एक शोषण हमारे भीतर करुणा और दया को संरक्षित करे. हर एक आडम्बर हमारी पारदर्शिता को बढ़ाये और हर एक नफरत से भरी नजर हमारी आँखों को प्रेम की गहराई दे. संतुलन के लिए यह भी तो जरुरी है.
 
By Monika Jain ‘पंछी’
 
How is this article about love on the occasion of Valentine’s day?